फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Farmers are forced to guard their crops day and night.

Ambala News: दिन और रात फसल की पहरेदारी किसानों की बनी मजबूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:37 AM IST
विज्ञापन
Farmers are forced to guard their crops day and night.
छावनी के मोहड़ा स्थित नई अनाज मंडी में धान की बोरियों से लोड ट्रक लाइन में खडे़ हुए। संवाद
- धीमी गति से हो रहा धान का उठान, अब तक 17500 मीट्रिक टन आवक
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के मोहड़ा स्थित नई अनाज मंडी में धान की आवक और खरीद के मुकाबले उठान धीमी गति से हो रहा है। मंडी में अब तक 17500 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 8,000 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
एजेंसी की ढिलाई के कारण महज 2,000 मीट्रिक टन यानी केवल 25 प्रतिशत धान का ही उठान हो पाया है। उठान शुरू हुए 10 दिन बीत जाने के बाद भी गति न पकड़ने से मंडी में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। मंडी में जगह भर जाने के कारण किसान सूखी धान को बोरियों में भरकर रखने और पहरेदारी करने को मजबूर हैं। उठान न होने से नई आवक के लिए फड़ खाली नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मंडी परिसर में अव्यवस्था फैल रही है।
विज्ञापन



बोले किसान
गांव जनेतपुर निवासी किसान गुरमेल सिंह ने बताया कि उन्हें मंडी में धान लाए 10 दिन हो चुके हैं। अब तक धान की उठान नहीं होने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव शहदपुर के किसान जगदीश ने बताया कि वह आठ दिन से मंडी में हैं। उठान न होने के कारण गाड़ियों में बिस्तर रखकर रातें काटनी पड़ रही हैं। धान पूरी तरह सूख चुकी है और बोरियों में पैक है, लेकिन उठान का कोई अता-पता नहीं है।


मंडी में अब तक 17500 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, 8000 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है और 2000 क्विंटल धान उठान हो चुका है।
नीरज भारद्वाज, सचिव, मोहड़ा अनाज मंडी अंबाला छावनी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed