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शिविर लगाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जा रहा जागरूक
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Farmers are being made aware not to burn stubble by organizing camps
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। पराली की समस्या का निपटान करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। विभिन्न गांव में जाकर कृषि वैज्ञानिक लोगों को जागरूक कर रहे है, जिससे कि किसान पराली न जलाएं।
इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र तेपला की ओर से गांव घसीटपुर में जागरूकता शिविर लगाया गया। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जमीन की उर्वरक शक्ति कम हो जाती है, जिससे सीधे तौर पर किसानों को ही नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही उन्होंने पराली न जलाने पर मिलने वाले लाभों के बारे में भी किसानों को जागरूक किया। खंड स्तरीय जागरूकता अभियान में करीब 200 से अधिक किसानों ने लाभ उठाया।
जगह-जगह बोर्ड लगा किया जा रहा जागरूक
पराली न जलाने को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र तेपला की ओर से जागरूकता बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। जिससे कि लोग पराली लगाने को लेकर जागरूक रहें। नोडल अधिकारी ने बताया कि जागरूकता शिविर लगाने के साथ-साथ जागरूकता बोर्ड लगाकर भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, अगर कोई किसान कृषि विज्ञान केंद्र आ रहा है तो उन्हें भी पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने का काम किया जा रहा है। जिससे कि इस बार कोई भी किसान पराली को आग न लगाए।
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इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र तेपला की ओर से गांव घसीटपुर में जागरूकता शिविर लगाया गया। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जमीन की उर्वरक शक्ति कम हो जाती है, जिससे सीधे तौर पर किसानों को ही नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही उन्होंने पराली न जलाने पर मिलने वाले लाभों के बारे में भी किसानों को जागरूक किया। खंड स्तरीय जागरूकता अभियान में करीब 200 से अधिक किसानों ने लाभ उठाया।
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जगह-जगह बोर्ड लगा किया जा रहा जागरूक
पराली न जलाने को लेकर कृषि विज्ञान केंद्र तेपला की ओर से जागरूकता बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। जिससे कि लोग पराली लगाने को लेकर जागरूक रहें। नोडल अधिकारी ने बताया कि जागरूकता शिविर लगाने के साथ-साथ जागरूकता बोर्ड लगाकर भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, अगर कोई किसान कृषि विज्ञान केंद्र आ रहा है तो उन्हें भी पराली न जलाने के लिए प्रेरित करने का काम किया जा रहा है। जिससे कि इस बार कोई भी किसान पराली को आग न लगाए।
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