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भाजपा समर्थक किसान की मौत पर गरमाई राजनीति, 336 पर केस दर्ज
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भाजपा की ट्रैक्टर यात्रा के आगे लेटना किसानों को महंगा पड़ गया। नेशनल हाईवे जाम करने पर नारायणगढ़ पुलिस ने करीब 14 नामजद किसानों के अलावा 300 पर नेशनल हाईवे जाम करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। ये केस गांव लोटों के पूर्व सरपंच ऋषिपाल की शिकायत पर दर्ज किया गया। इससे पहले बुधवार को पुलिस ने बडागढ़ के किसान भरत सिंह की मौत के आरोप में 22 पर केस दर्ज किया था।
दरअसल गांव लोटों ऋषिपाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाए हैं कि मैं बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपने निजी काम से अंबाला शहर जा रहा था। जब मैं नेशनल हाईवे पर मिलन पैलेस नारायणगढ़ के नजदीक पहुंचा तो वहां पर किसान यूनियन के नेताओं सहित उनके करीब 300 समर्थकों ने डंडे- लाठी लेकर नेशनल हाईवे को जाम किया। ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को रोककर तोड़फोड़ की। राहगिरों के साथ हाथापाई व गाली-ग्लौज करके धमकाया। यहां से वापस चले जाओ नहीं तो जान से मार देंगे । जब मैंने भी जाम लगाने वाले व्यक्तियों से अंबाला जाने का रास्ता मांगा तो उन्होंने मेरे साथ भी हाथापाई करके जान से मारने की धमकी दे दी। एसएचओ नारायणगढ़ गुरमेल सिंह ने बताया कि हमने ऋषिपाल की शिकायत पर 14 नामजद किसानों सहित कुल 300 लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। नेशनल हाइवे जाम करने और मारपीट करने के आरोप में मलकीयत सिंह, रमधन, धन्ना सिंह, नैब सिंह, गौरव, सतीश, गुरदेव, बृजपाल, बीरू, सरवन सिंह, चरणजीत, लक्की, अजय सैनी, मंजीत को पुलिस ने नामजद किया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली के बाद भाजपा ने बुधवार को नारायणगढ़ में अपनी ट्रैक्टर यात्रा निकाली। विरोध में किसान काले झंडे लेकर नेशनल हाईवे नंबर 72 पर मिलन पैलेस के आगे सड़क पर लेट गए। इसी दौरान बड़ागढ़ गांव के बुजुर्ग भरत सिंह ट्रैक्टर यात्रा में एक ट्रैक्टर पर सवार थे। दोपहर करीब 1 बजे ट्रैक्टर पर बैठे-बैठे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें ट्रैक्टर से उतारा गया वह बेसुध हो गए। अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बेटे भूपिंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई कि गुरनाम सिंह चढूनी के समर्थकों ने उसके पिता पर पत्थर और ट्रैक्टर पर चढ़कर धक्का-मुक्की की। इतना ही नहीं जब उन्हें अस्पताल ले जाया जाने लगा तो किसान आगे अड़ गए। इसी कारण अस्पताल ले जाने में देरी हो गई। जब अस्पताल पहुंचे तो डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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दरअसल गांव लोटों ऋषिपाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाए हैं कि मैं बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपने निजी काम से अंबाला शहर जा रहा था। जब मैं नेशनल हाईवे पर मिलन पैलेस नारायणगढ़ के नजदीक पहुंचा तो वहां पर किसान यूनियन के नेताओं सहित उनके करीब 300 समर्थकों ने डंडे- लाठी लेकर नेशनल हाईवे को जाम किया। ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को रोककर तोड़फोड़ की। राहगिरों के साथ हाथापाई व गाली-ग्लौज करके धमकाया। यहां से वापस चले जाओ नहीं तो जान से मार देंगे । जब मैंने भी जाम लगाने वाले व्यक्तियों से अंबाला जाने का रास्ता मांगा तो उन्होंने मेरे साथ भी हाथापाई करके जान से मारने की धमकी दे दी। एसएचओ नारायणगढ़ गुरमेल सिंह ने बताया कि हमने ऋषिपाल की शिकायत पर 14 नामजद किसानों सहित कुल 300 लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। नेशनल हाइवे जाम करने और मारपीट करने के आरोप में मलकीयत सिंह, रमधन, धन्ना सिंह, नैब सिंह, गौरव, सतीश, गुरदेव, बृजपाल, बीरू, सरवन सिंह, चरणजीत, लक्की, अजय सैनी, मंजीत को पुलिस ने नामजद किया है।
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क्या है पूरा मामला
दरअसल कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली के बाद भाजपा ने बुधवार को नारायणगढ़ में अपनी ट्रैक्टर यात्रा निकाली। विरोध में किसान काले झंडे लेकर नेशनल हाईवे नंबर 72 पर मिलन पैलेस के आगे सड़क पर लेट गए। इसी दौरान बड़ागढ़ गांव के बुजुर्ग भरत सिंह ट्रैक्टर यात्रा में एक ट्रैक्टर पर सवार थे। दोपहर करीब 1 बजे ट्रैक्टर पर बैठे-बैठे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें ट्रैक्टर से उतारा गया वह बेसुध हो गए। अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बेटे भूपिंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई कि गुरनाम सिंह चढूनी के समर्थकों ने उसके पिता पर पत्थर और ट्रैक्टर पर चढ़कर धक्का-मुक्की की। इतना ही नहीं जब उन्हें अस्पताल ले जाया जाने लगा तो किसान आगे अड़ गए। इसी कारण अस्पताल ले जाने में देरी हो गई। जब अस्पताल पहुंचे तो डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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