{"_id":"5797b27c4f1c1b890221ef42","slug":"farmar-agriclchar-insoransh","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों पर फसल बीमा के लिए बनाया जा रहा दबाव : हिम्मत सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों पर फसल बीमा के लिए बनाया जा रहा दबाव : हिम्मत सिंह
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी।
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
िककिसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्षद हिम्मत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों पर फसल बीमा करवाने के लिए दबाव बना रही है। इसी को लेकर कांग्रेसियों ने हिम्मत सिंह की अगुवाई में डीसी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
हिम्मत सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों पर जबरन थोपी जा रही फसल बीमा योजना को तुरंत प्रभाव से वापिस लेकर कोई ऐसी योजना तैयार की जाये जिसका प्रदेश के किसानों को फायदा हो। सरकार की मंशा किसानों को फायदा पहुंचाने की बजाए बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की है। फसल बीमा योजना जिस ढंग से लागू की जा रही है, उससे किसानों का कुछ भी भला होने वाला नहीं है। किसानों पर सरकारी दबाव बनाकर फसल बीमा करवाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस योजना में ऐसी शर्तें तय की गई हैं कि फसल का नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा मिलने की नाममात्र भी संभावना नहीं है। बीमा करवाना अथवा न करवाना किसान की अपनी मर्जी से होना चाहिए। प्रदेश और देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि किसानों को जबरन बीमा के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस अवसर पर गुलाब चौड़मस्तपुर, गुरविंद्र सिंह मेंबर जिला परिषद, दूनीचंद दानीपुर, काका सैनी, बलजिंद्र, एसके, तरुण, कुलदीप, देवराज एक्स एमसी, शंटी शेखोंपुर, जसबीर, गुरजंट, रणधीर, सिकंदर, अजय, निखिल, केशव, हरभजन, संत प्रकाश, बबलू, शिक्की, गोगी, बलवीर सिंह हीरा नगर, ईशु गोयल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हिम्मत सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से किसानों पर जबरन थोपी जा रही फसल बीमा योजना को तुरंत प्रभाव से वापिस लेकर कोई ऐसी योजना तैयार की जाये जिसका प्रदेश के किसानों को फायदा हो। सरकार की मंशा किसानों को फायदा पहुंचाने की बजाए बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की है। फसल बीमा योजना जिस ढंग से लागू की जा रही है, उससे किसानों का कुछ भी भला होने वाला नहीं है। किसानों पर सरकारी दबाव बनाकर फसल बीमा करवाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस योजना में ऐसी शर्तें तय की गई हैं कि फसल का नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा मिलने की नाममात्र भी संभावना नहीं है। बीमा करवाना अथवा न करवाना किसान की अपनी मर्जी से होना चाहिए। प्रदेश और देश में महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि किसानों को जबरन बीमा के लिए बाध्य किया जा रहा है। इस अवसर पर गुलाब चौड़मस्तपुर, गुरविंद्र सिंह मेंबर जिला परिषद, दूनीचंद दानीपुर, काका सैनी, बलजिंद्र, एसके, तरुण, कुलदीप, देवराज एक्स एमसी, शंटी शेखोंपुर, जसबीर, गुरजंट, रणधीर, सिकंदर, अजय, निखिल, केशव, हरभजन, संत प्रकाश, बबलू, शिक्की, गोगी, बलवीर सिंह हीरा नगर, ईशु गोयल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन