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Ambala News: नवजात की मौत पर कार्रवाई को भटक रहे परिजन
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कार्रवाई की गुहार लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे दर्पण बत्रा व उनके परिजन। संवाद
अंबाला सिटी। नवजात की मौत के मामले में सोमवार को दर्पण बत्रा और अन्य परिजन सीएमओ से मिलने पहुंचे। सीएमओ ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई होगी।
उन्होंने इस संबंध में पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी की पीएमओ डॉ. रेणू बेरी से मिलने को कहा। पीएमओ ने सीएमओ को मुख्य अधिकारी बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं परिजन अस्पताल में सीसीटीवी की जांच करने के लिए मॉडल टाउन चौकी भी गए थे। जहां भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। परिजनों का कहना है कि अगर इस मामले में नेग्लिजेंसी बोर्ड ने उचित कार्रवाई नहीं कि तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे।
बीती 17 मई को जगाधरी गेट निवासी दर्पण बत्रा अपनी पत्नी साइनी बत्रा को जांच करवाने के लिए मनाली हाउस के एक निजी अस्पताल में लेकर आए थे। प्रसव के बाद उन्हें एक बेटा पैदा हुआ था। दर्पण बत्रा का आरोप है कि चिकित्सकों की गलती के कारण उनके बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। जब उक्त अस्पताल की ओर से नवजात को विशेषज्ञ के पास रेफर किया गया तो कुछ खास सुधार नहीं हो पाया। दो दिन बाद नवजात की मौत हो गई थी। इसी बात को लेकर 18 मई को परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा भी किया था।
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वर्जन
परिजनों की शिकायत एसपी कार्यालय से पहुंची थी। इसे नेग्लिजेंसी बोर्ड को सौंप दिया गया है। बोर्ड की जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला।
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उन्होंने इस संबंध में पीएमओ नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी की पीएमओ डॉ. रेणू बेरी से मिलने को कहा। पीएमओ ने सीएमओ को मुख्य अधिकारी बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। वहीं परिजन अस्पताल में सीसीटीवी की जांच करने के लिए मॉडल टाउन चौकी भी गए थे। जहां भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। परिजनों का कहना है कि अगर इस मामले में नेग्लिजेंसी बोर्ड ने उचित कार्रवाई नहीं कि तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे।
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बीती 17 मई को जगाधरी गेट निवासी दर्पण बत्रा अपनी पत्नी साइनी बत्रा को जांच करवाने के लिए मनाली हाउस के एक निजी अस्पताल में लेकर आए थे। प्रसव के बाद उन्हें एक बेटा पैदा हुआ था। दर्पण बत्रा का आरोप है कि चिकित्सकों की गलती के कारण उनके बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। जब उक्त अस्पताल की ओर से नवजात को विशेषज्ञ के पास रेफर किया गया तो कुछ खास सुधार नहीं हो पाया। दो दिन बाद नवजात की मौत हो गई थी। इसी बात को लेकर 18 मई को परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा भी किया था।
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परिजनों की शिकायत एसपी कार्यालय से पहुंची थी। इसे नेग्लिजेंसी बोर्ड को सौंप दिया गया है। बोर्ड की जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला।