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राष्ट्रीय स्तर के खेलों में प्रमाण पत्रों का फर्जीवाड़ा उजागर, रोहतक के तीन लोगों पर केस दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 01:39 AM IST
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Fake certificates exposed in national level games, case filed against three people of Rohtak
अंबाला। राष्ट्रीय स्तर के खेलों में फर्जी प्रमाण पत्र का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में रोहतक के तीन लोगों का नाम सामने आया है। थाना महेशनगर में उक्त तीनों नामजद के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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खेल एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव सहित इस एसोसिएशन के प्रधान का पुत्र और एक अन्य सहित तीन के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर की खेल चैंपियनशिप के फर्जी प्रमाण पत्र का मामला दर्ज हुआ है। रोहतक वासी इन खिलाड़ियों पर आरोप है कि इन्होंने राष्ट्रीय स्तर के खेलों में मेडल हासिल करने दावा खेल विभाग को किया और इसके फर्जी प्रमाण पत्रों से रोहतक के जिला खेल विभाग में अपग्रेडेशन कराया। यह आरोप हरियाणा स्टेट ताइक्वांडो एसोसिएशन के महासचिव अंबाला वासी जसबीर गिल ने लगाए हैं।
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दरअसल यह मामला खेल मंत्री संदीप सिंह के पास 2 अगस्त 2021 को पहुंचा था। इसकी शिकायत हरियाणा ताइक्वांडो एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव जसबीर सिंह गिल ने की थी। स्वयं खेल मंत्री संदीप सिंह ने पिछले महीनों में यह पाया था कि हरियाणा में कुछ खिलाड़ी खेल में उपलब्धियों के फर्जी प्रमाण पत्र हासिल करके इनका खेल कोटे से लाभ उठा रहे हैं। गिल ने बताया कि करीब पांच से छह खेलों में फर्जी प्रमाण पत्र तैयार होने की जानकारी खेल मंत्री के पास पहले से थी। जब उन्होंने तथ्य जुटाने के बाद रोहतक के तीन खिलाड़ियों के नाम लेकर इसकी जांच पड़ताल की जानकारी खेल मंत्री को दी थी तो उन्होंने इसकी शिकायत अंबाला एसपी को करने को कहा था।
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गिल ने बताया कि उन्होंने आठवें महीने में इस मामले की शिकायत एसपी लिखित रूप से की थी। इस मामले में आज कार्रवाई करते हुए विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन तीन खिलाड़ियों के नाम उन्होंने पुलिस जांच के लिए दिए है, उनकी राष्ट्रीय स्तर के खेलों में कोई उपलब्धि या मेडल नहीं है, लेकिन इन्होंने किसी विनर का प्रमाण पत्र लेकर उसे स्कैन किया और फर्जी तैयार करा लिये। उन्होंने बताया कि इन तीन खिलाड़ियों में से एक उनकी एसोसिएशन से जुड़ा रहा है, सतीश ढुल ने कभी भी नेशनल खेलों में कोई मेडल हासिल नहीं किया। बताया गया है कि 2013 के प्रमाण पत्रों का मामला है, जिसका अपग्रेडेशन 21 दिसंबर 2019 जिला खेल विभाग रोहतक में कराया गया था, इन प्रमाण पत्रों को एसोसिएशन ने फर्जी प्रमाण बताया है। वहीं इन तीनों खिलाड़ियों से जब संपर्क करना चाहा तो इनमें से हार्दिक ढुल से बात संभव हुई, उन्होंने बताया कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। बता दें कि इन तीन में एक आरोपी सतीश ढुल राष्ट्रीय स्तर की एसोसिएशन राष्ट्रीय महासचिव हैं, जबकि तीसरा आरोपी देवव्रत आर्य के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली। बहरहाल थाना महेश नगर में उक्त संदर्भ में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच सब इंस्पेक्टर रोहित कुमार को सौंपी गई है।
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