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Ambala News: फैक्टरी की दीवार में आई दरारें, 40-40 लाख रुपये की मशीनों के लिए दिल्ली की दौड़
Fri, 19 Sep 2025 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 19 Sep 2025 02:12 AM IST
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प्रिंटिंग प्रैस की मशीन खराब होने की जानकारी देते कारोबारी। संवाद
- फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। छावनी के औद्योगिक क्षेत्र में पानी और गाद निकलने के बाद हर तरफ नुकसान ही नुकसान दिखाई दे रहा है। हालात यह हैं कि दीवारों में दरारें आ रही हैं जो कभी भी गिर सकती है। जो बिजली के उपकरण जलभराव में छह से सात दिन तक रहे वह खराब हो चुके हैं। इसी प्रकार साइंस की फैक्टरियों में माइक्रोस्कोप भी खराब हो रहे हैं। इतना ही नहीं कारोबारियों का कहना है कि उनके पास 40-40 लाख रुपये की मशीनें हैं, जिन्हें विदेश से मंगाया है, अब इन्हें ठीक कराने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों को बुलाना होगा। वहीं कुछ कारोबारी मशीनों को लेकर दिल्ली ठीक कराने ले जाएंगे। ऐसे में मशीनों को ठीक कराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं।
अभी तक शुरू नहीं हो सका है उत्पादन
टांगरी नदी का पानी औद्योगिक क्षेत्र में तीन सितंबर की रात्रि को आया था। 10 दिन के जलभराव के बाद जब पानी निकला तो उम्मीद थी कि अब जल्द ही उत्पादन शुरू हो जाएगा। मगर अभी तक उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। अभी तक फैक्टरियों में सफाई का काम चल रहा है। इस कार्य में अभी 10 दिन से अधिक का समय लग सकता है।
कच्चा माल तो बचाया, मशीन नहीं बचा सके
औद्योगिक क्षेत्र में प्रिंटिंग का काम करने वाले सौरभ अरोड़ा बताते हैं कि वर्ष 2023 में भी हमारी फैक्टरी में नदी का पानी घुस गया था। जिसके कारण मशीनें पानी में डूब गईं थी। इस बार भी यही हाल हुआ। जब पानी फैक्टरी से निकला और हम अंदर गए तो देखा पूरी मशीनें पानी में डूब चुकी थीं। इस बार अलर्ट समय पर आ गया था ऐसे में हमने कच्चा माल तो फैक्टरी में ऊपर रखकर बचा लिया था, मगर मशीनाें को नहीं बचा सके। कटिंग के लिए प्रयोग होने वाली मशीन, प्रिंटिंग की मशीन आदि खराब हो गई है। दीवार में भी बड़ी दरार आ गई है।
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फैक्टरी के बाद पड़ी है गाद
फैक्टरियों से पानी जरूर निकल गया हो, मगर गाद से कारोबारी जूझते दिख रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐसी ही फैक्टरी की सफाई करा रहे संजय कुमार ने बताया कि अभी तक फैक्टरी की सफाई नहीं की जा सकी है। पहले सभी सामान को बाहर निकाल रहे हैं फिर सफाई करा रहे हैं। इसके बावजूद सफाई नहीं हो पा रही है।
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अंबाला। छावनी के औद्योगिक क्षेत्र में पानी और गाद निकलने के बाद हर तरफ नुकसान ही नुकसान दिखाई दे रहा है। हालात यह हैं कि दीवारों में दरारें आ रही हैं जो कभी भी गिर सकती है। जो बिजली के उपकरण जलभराव में छह से सात दिन तक रहे वह खराब हो चुके हैं। इसी प्रकार साइंस की फैक्टरियों में माइक्रोस्कोप भी खराब हो रहे हैं। इतना ही नहीं कारोबारियों का कहना है कि उनके पास 40-40 लाख रुपये की मशीनें हैं, जिन्हें विदेश से मंगाया है, अब इन्हें ठीक कराने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों को बुलाना होगा। वहीं कुछ कारोबारी मशीनों को लेकर दिल्ली ठीक कराने ले जाएंगे। ऐसे में मशीनों को ठीक कराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं।
अभी तक शुरू नहीं हो सका है उत्पादन
टांगरी नदी का पानी औद्योगिक क्षेत्र में तीन सितंबर की रात्रि को आया था। 10 दिन के जलभराव के बाद जब पानी निकला तो उम्मीद थी कि अब जल्द ही उत्पादन शुरू हो जाएगा। मगर अभी तक उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। अभी तक फैक्टरियों में सफाई का काम चल रहा है। इस कार्य में अभी 10 दिन से अधिक का समय लग सकता है।
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कच्चा माल तो बचाया, मशीन नहीं बचा सके
औद्योगिक क्षेत्र में प्रिंटिंग का काम करने वाले सौरभ अरोड़ा बताते हैं कि वर्ष 2023 में भी हमारी फैक्टरी में नदी का पानी घुस गया था। जिसके कारण मशीनें पानी में डूब गईं थी। इस बार भी यही हाल हुआ। जब पानी फैक्टरी से निकला और हम अंदर गए तो देखा पूरी मशीनें पानी में डूब चुकी थीं। इस बार अलर्ट समय पर आ गया था ऐसे में हमने कच्चा माल तो फैक्टरी में ऊपर रखकर बचा लिया था, मगर मशीनाें को नहीं बचा सके। कटिंग के लिए प्रयोग होने वाली मशीन, प्रिंटिंग की मशीन आदि खराब हो गई है। दीवार में भी बड़ी दरार आ गई है।
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फैक्टरी के बाद पड़ी है गाद
फैक्टरियों से पानी जरूर निकल गया हो, मगर गाद से कारोबारी जूझते दिख रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐसी ही फैक्टरी की सफाई करा रहे संजय कुमार ने बताया कि अभी तक फैक्टरी की सफाई नहीं की जा सकी है। पहले सभी सामान को बाहर निकाल रहे हैं फिर सफाई करा रहे हैं। इसके बावजूद सफाई नहीं हो पा रही है।

प्रिंटिंग प्रैस की मशीन खराब होने की जानकारी देते कारोबारी। संवाद- फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी

प्रिंटिंग प्रैस की मशीन खराब होने की जानकारी देते कारोबारी। संवाद- फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी

प्रिंटिंग प्रैस की मशीन खराब होने की जानकारी देते कारोबारी। संवाद- फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी

प्रिंटिंग प्रैस की मशीन खराब होने की जानकारी देते कारोबारी। संवाद- फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी

प्रिंटिंग प्रैस की मशीन खराब होने की जानकारी देते कारोबारी। संवाद- फोटो : स्रोत कार्डियोलोजी