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सुविधा : मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी चार एक्सप्रेस ट्रेनें
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अंबाला कैंट और नई दिल्ली के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन। रेलवे
अंबाला। एक दिसंबर से ट्रेन नंबर 14521 व 22 दिल्ली-अंबाला-दिल्ली एक्सप्रेस का ठहराव मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर होगा, जबकि ट्रेन नंबर 14681 व 82 नई दिल्ली-जालंधर-नई दिल्ली एक्सप्रेस भी मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर रुकेगी। मौजूदा समय में मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर पांच जोड़ी ट्रेनों का ठहराव हो रहा है। इसमें 14332 कालका-दिल्ली एक्सप्रेस, 04532 अंबाला कैंट-सहारनपुर मैमू, 04502 ऊना हिमाचल-हरिद्वार मैमू, 04578 अंबाला कैंट-सहारनपुर मैमू और ट्रेन नंबर 04554 अंबाला कैंट-सहारनपुर मैमू शामिल है।
रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक ने भी ट्रेनों के ठहराव की तारीख निर्धारित कर दी है ताकि दैनिक यात्रियों व ग्रामीणों को सुविधा मिल सके और उन्हें अंबाला सहित चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों तक आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
कोरोना के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों तक जाने वाले ट्रेनों को रेलवे ने बंद कर दिया था। इस दौरान अंबाला-सहारनपुर रेलवे सेक्शन पर बराड़ा व मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनें भी शामिल थीं। लगभग कोरोना के दो साल बाद रेलवे ने धीरे-धीरे पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरु किया था,बावजूद इसके पूरी तरह से ट्रेनें नहीं चल पाई थी। फिर धीरे-धीरे तीन से चार ट्रेनों का ठहराव उक्त रेलवे स्टेशनों पर दिया जाने लगा था।
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ग्रामीण कर रहे थे प्रदर्शन
ग्रामीण क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के न रुकने से दैनिक यात्रियों व मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए ग्रामीणों ने कई बार रेलवे लाइन पर बैठकर रोष प्रदर्शन भी किए और इससे ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा।
इसमें किसान संगठन भी शामिल रहे। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक को भी कई बार मांग पत्र सौंपे गए। आखिरकार ग्रामीणों व दैनिक यात्रियों की मेहनत रंग लाई और रेलवे ने चार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मंजूरी प्रदान कर दी।
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रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक ने भी ट्रेनों के ठहराव की तारीख निर्धारित कर दी है ताकि दैनिक यात्रियों व ग्रामीणों को सुविधा मिल सके और उन्हें अंबाला सहित चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों तक आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
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कोरोना के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों तक जाने वाले ट्रेनों को रेलवे ने बंद कर दिया था। इस दौरान अंबाला-सहारनपुर रेलवे सेक्शन पर बराड़ा व मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनें भी शामिल थीं। लगभग कोरोना के दो साल बाद रेलवे ने धीरे-धीरे पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरु किया था,बावजूद इसके पूरी तरह से ट्रेनें नहीं चल पाई थी। फिर धीरे-धीरे तीन से चार ट्रेनों का ठहराव उक्त रेलवे स्टेशनों पर दिया जाने लगा था।
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ग्रामीण कर रहे थे प्रदर्शन
ग्रामीण क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के न रुकने से दैनिक यात्रियों व मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए ग्रामीणों ने कई बार रेलवे लाइन पर बैठकर रोष प्रदर्शन भी किए और इससे ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा।
इसमें किसान संगठन भी शामिल रहे। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक को भी कई बार मांग पत्र सौंपे गए। आखिरकार ग्रामीणों व दैनिक यात्रियों की मेहनत रंग लाई और रेलवे ने चार एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मंजूरी प्रदान कर दी।