{"_id":"6998c7526388dd84cd0ec96e","slug":"exports-to-africa-and-the-middle-east-are-declining-china-is-gaining-dominance-ambala-news-c-36-1-amb1002-158624-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: अफ्रीका और मिडल ईस्ट में घट रहा निर्यात, चीन जमा रहा कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: अफ्रीका और मिडल ईस्ट में घट रहा निर्यात, चीन जमा रहा कब्जा
विज्ञापन
अंबाला। कभी दुनिया की प्रयोगशालाओं में अपनी धाक जमाने वाला साइंस उद्योग आज वेंटिलेटर पर है। साइंस उत्पादों के निर्यात में पिछले पांच वर्षों में करीब 40 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आलम यह है कि जो निर्यात साल 2018-19 में 250 करोड़ के शिखर पर था, वह 2024-25 में सिमटकर महज 150 करोड़ रह गया है, इसका प्रमुख कारण चीन की अफ्रीका और मिडल ईस्ट के देशों में बढ़ती धमक है। अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन (असीमा) के महासचिव उमाकांत बताते हैं कि छोटे निर्यातक पहले स्वदेशी व चीन से उत्पाद मंगाकर अपनी ब्रांडिंग कर अफ्रीका और मिडल ईस्ट देशों में बेचते थे। अब चीन ने इस मार्केट में कदम रख लिया है। यहां के छोटे कारोबारी चीन के सामने प्रतिस्पर्धा में काफी दबाव महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
यूरोप से लेकर खाड़ी देशों तक फीकी पड़ी चमक
अंबाला के माइक्रोस्कोप, विश्लेषणात्मक उपकरण और ग्लासवेयर की मांग कभी अमेरिका, कनाडा, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजार में सिर चढ़कर बोलती थी, लेकिन आज घरेलू चुनौतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने इस चमक को फीका कर दिया है। विशेष रूप से सॉइल वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम और पर्यावरण निगरानी प्रणालियों जैसे उच्च तकनीकी उत्पादों की मांग में बड़ी कमी आई है। अंबाला से कुछ बड़े उत्पादक हैं जो इन देशों में बाजार में धमक बना चुके हैं। मगर अब हर किसी के लिए चुनौती दिख रही है।
कोविड से बिगड़ रहे हालात
कोरोना महामारी ने न केवल सप्लाई चेन तोड़ी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरण भी बदल दिए। उन्नत माइक्रोस्कोप, भारी प्रयोगशाला उपकरण और ग्लासवेयर का काम सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। कई प्रतिष्ठित निर्यातकों का कुल टर्नओवर 35 प्रतिशत तक गिर चुका है। महामारी के दौरान हुआ नुकसान अब भी रिकवर नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
उद्यमियों की सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक की मांग
असीमा ने सरकार के समक्ष 5 सूत्रीय एजेंडा रखा है, जिससे इस डूबते उद्योग को उबारा जा सके, इसमें निर्यातकों के लिए आसान वित्तीय सहायता और क्रेडिट योजनाएं लाई जाएं। इसके साथ ही बिजली, कच्चे माल और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क में बड़ी कटौती हो। एक्सपोर्ट से जुड़े कागजी काम को पूरी तरह पेपरलेस और तेज बनाना, आधुनिक मशीनरी और नई तकनीक अपनाने के लिए सरकारी मदद मिले।
विज्ञापन
यूरोप से लेकर खाड़ी देशों तक फीकी पड़ी चमक
अंबाला के माइक्रोस्कोप, विश्लेषणात्मक उपकरण और ग्लासवेयर की मांग कभी अमेरिका, कनाडा, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजार में सिर चढ़कर बोलती थी, लेकिन आज घरेलू चुनौतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने इस चमक को फीका कर दिया है। विशेष रूप से सॉइल वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम और पर्यावरण निगरानी प्रणालियों जैसे उच्च तकनीकी उत्पादों की मांग में बड़ी कमी आई है। अंबाला से कुछ बड़े उत्पादक हैं जो इन देशों में बाजार में धमक बना चुके हैं। मगर अब हर किसी के लिए चुनौती दिख रही है।
विज्ञापन
कोविड से बिगड़ रहे हालात
कोरोना महामारी ने न केवल सप्लाई चेन तोड़ी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरण भी बदल दिए। उन्नत माइक्रोस्कोप, भारी प्रयोगशाला उपकरण और ग्लासवेयर का काम सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। कई प्रतिष्ठित निर्यातकों का कुल टर्नओवर 35 प्रतिशत तक गिर चुका है। महामारी के दौरान हुआ नुकसान अब भी रिकवर नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
उद्यमियों की सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक की मांग
असीमा ने सरकार के समक्ष 5 सूत्रीय एजेंडा रखा है, जिससे इस डूबते उद्योग को उबारा जा सके, इसमें निर्यातकों के लिए आसान वित्तीय सहायता और क्रेडिट योजनाएं लाई जाएं। इसके साथ ही बिजली, कच्चे माल और ट्रांसपोर्टेशन शुल्क में बड़ी कटौती हो। एक्सपोर्ट से जुड़े कागजी काम को पूरी तरह पेपरलेस और तेज बनाना, आधुनिक मशीनरी और नई तकनीक अपनाने के लिए सरकारी मदद मिले।