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Ambala News: स्टेरॉयड दवाओं का असर, हर माह 10 मरीज हो रहे रेफर
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अंबाला सिटी। स्टेरॉयड वाली आंखों की दवाओं से जहां बुजुर्ग मोतियाबिंद का शिकार हो रहे थे तो अब युवाओं में भी परेशानी बढ़ रही है। इस समस्या से ग्रस्त 10 मरीजों को पीजीआई रेफर किया जा रहा है। इन मरीजों में अधिकतर युवा हैं। आंख रोग चिकित्सक डॉ. श्वेता ने बताया कि स्टेरॉयड वाली दवा आंखों में डालने से जल्दी राहत तो मिलती है।
इससे आंखों में गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। विभाग की ओर से चिकित्सकों को चेताया भी जा चुका है। इसमें कहा गया है कि आंखों के मरीजों को स्टेरॉयड वाली दवाएं न दी जाएं।
आंख में हो जाता है मोतियाबिंद
डॉ. श्वेता ने बताया कि इन दवाओं के कारण होने वाली परेशानी के चलते आए महीने 10 मरीजों को पीजीआई रेफर किया जा रहा है।अगर किसी की आंख में जलन या फिर कोई अन्य समस्या होती है। तो वह चिकित्सक के पास न जाकर दवा विक्रेता से ही स्टेरॉयड दवा खरीद कर आंख में डाल लेता है। इन दवाओं से जल्दी राहत तो मिलती है लेकिन वह तीन से चार दिन तक ही सीमित रहती है। इसके तीन से चार बार आंखों में डालने से आंखों में मोतियाबिंद हो जाता है। आंखों की पुतली खराब हो जाती है।
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संक्रमण के दौरान रखें विशेष ध्यान
आंख रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि आज कल उमस का मौसम है। ऐसे में आंखों में जलन और इंफेक्शन के मामले अधिक देखने को मिल रहे है जलन या संक्रमण के दौरान स्टेरॉयड वाली दवा के इस्तेमाल से गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए अगर इस प्रकार की कोई समस्या होती है तो उपचार के लिए चिकित्सक के पास जाएं। खुद से दवा खरीद कर उपयोग न करें।
वर्जन
इस बारे में स्वास्थ्य विभाग दवा विक्रेताओं के अधिकारियों से भी बातचीत करेगा। फिलहाल विभाग के चिकित्सकों को निर्देश दे दिए गए हैं।
-डॉ श्वेता, नेत्र रोग चिकित्सक
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इससे आंखों में गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। विभाग की ओर से चिकित्सकों को चेताया भी जा चुका है। इसमें कहा गया है कि आंखों के मरीजों को स्टेरॉयड वाली दवाएं न दी जाएं।
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आंख में हो जाता है मोतियाबिंद
डॉ. श्वेता ने बताया कि इन दवाओं के कारण होने वाली परेशानी के चलते आए महीने 10 मरीजों को पीजीआई रेफर किया जा रहा है।अगर किसी की आंख में जलन या फिर कोई अन्य समस्या होती है। तो वह चिकित्सक के पास न जाकर दवा विक्रेता से ही स्टेरॉयड दवा खरीद कर आंख में डाल लेता है। इन दवाओं से जल्दी राहत तो मिलती है लेकिन वह तीन से चार दिन तक ही सीमित रहती है। इसके तीन से चार बार आंखों में डालने से आंखों में मोतियाबिंद हो जाता है। आंखों की पुतली खराब हो जाती है।
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संक्रमण के दौरान रखें विशेष ध्यान
आंख रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि आज कल उमस का मौसम है। ऐसे में आंखों में जलन और इंफेक्शन के मामले अधिक देखने को मिल रहे है जलन या संक्रमण के दौरान स्टेरॉयड वाली दवा के इस्तेमाल से गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए अगर इस प्रकार की कोई समस्या होती है तो उपचार के लिए चिकित्सक के पास जाएं। खुद से दवा खरीद कर उपयोग न करें।
वर्जन
इस बारे में स्वास्थ्य विभाग दवा विक्रेताओं के अधिकारियों से भी बातचीत करेगा। फिलहाल विभाग के चिकित्सकों को निर्देश दे दिए गए हैं।
-डॉ श्वेता, नेत्र रोग चिकित्सक