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एक्सक्लूसिव: हरियाणा की माटी में जन्मी अंबाला की रिया अब बेंगलुरु में तैयार कर रही बॉक्सरों की फौज

Sat, 24 Oct 2020 01:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 01:13 PM IST
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Riya from Ambala gives boxing training to the youth in Bengaluru
अंबाला की रिया तैयार कर रही हैं बॉक्सरों की फौज।

कहते हैं सपनों को साकार करने के लिए कुछ कर गुजरने की जरूरत होती है। जो अंबाला की 22 वर्षीय रिया ने बॉक्सिंग के क्षेत्र में कर दिखाया। उन्होंने अपने जिले का ही नाम नहीं रोशन किया बल्कि वह अब बेंगलुरु में अपने हुनर का लोहा मनवा रही हैं। वे यहां युवाओं को बॉक्सर बनने की ट्रेनिंग दे रही हैं।

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हरियाणा की माटी में जन्मी और देशभर में जिला का नाम चमकाने वाली रिया अंबाला शहर के बलदेव नगर में गांधी पार्क के नजदीक रहने वाली है। रिया शर्मा ने अंबाला शहर के पीकेआर जैन स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 2014 में रिया ने छावनी के गवर्नमेंट कॉलेज में दाखिला लिया।
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रिया ने बताया कि कॉलेज में दाखिला लेते ही पहले वर्ष में ही खेलों में रुचि ली और किक बॉक्सिंग सीखने लगी। फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस दौरान उसने अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में कांस्य ,सिल्वर और गोल्ड मेडल जीते, वहीं कोच की परीक्षा पास कर प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।

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हर जगह जमाई धाक

Riya from Ambala gives boxing training to the youth in Bengaluru
अंबाला की रिया।

किक बॉक्सिंग में पहला टूर्नामेंट कॉलेज की तरफ से 2014 में हिसार में खेला। यहां रिया ने कांस्य पदक हासिल किया। दूसरा टूर्नामेंट भी 2014 में भिवानी में खेला। इसमें रिया शर्मा ने सिल्वर मेडल जीता। तीसरा टूर्नामेंट कॉलेज की तरफ से 2015 में लाडवा में खेला, यहां रिया शर्मा ने गोल्ड मेडल हासिल किया, वहीं रिया ने दिसंबर 2016 में दिल्ली में आयोजित वॉकिंग नेशनल टूर्नामेंट खेला। इसमें भी कांस्य पदक हासिल किया। 2016 में हिमाचल के धर्मशाला में आयोजित नार्थ इंडिया टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर ताइक्वांडो में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा देशभर में मनवा दिया।

छोटे से लेकर बड़े लड़के और लड़कियों को दे रही ट्रेनिंग
रिया ने 2018 में नेशनल स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में कोच बनने की ट्रेनिंग ली। इसमें परीक्षा पास कर एनआईएस से कोच बनने का प्रमाण पत्र मिला। अब रिया अपने की तरह दूसरी बेटियों को भी सक्षम बनाने के लिए बॉक्सरों की पौध तैयार करने के काम में जुट गई है। इस समय रिया बेंगलुरु में छोटे से लेकर बड़े लड़के-लड़कियों को किक बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दे रही हैं।

चुनौतियां नहीं तोड़ सकी हिम्मत
रिया ने बताया कि वो एक मध्यम वर्गीय परिवार से है। उसके पिता ने कठिन परिस्थितियों में उसे पढ़ाया-लिखाया। उसका एक भाई है, जिसने 12वीं कक्षा पास की है, वहीं माता-रजनी गृहिणी है। रिया ने बताया कि पिता मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। तमाम चुनौतियों के बावजूद उसने अपने कदम पीछे नहीं रखे और आगे बढ़ती ही गई।

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