{"_id":"6ad1327f1f9cf0a5bd073d26","slug":"examination-system-for-train-managers-in-the-railways-abolished-evaluation-will-now-be-based-on-grading-ambala-news-c-36-1-amb1001-171277-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: रेलवे में ट्रेन मैनेजरों की परीक्षा प्रणाली खत्म, अब ग्रेडिंग से होगा मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: रेलवे में ट्रेन मैनेजरों की परीक्षा प्रणाली खत्म, अब ग्रेडिंग से होगा मूल्यांकन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे ने ट्रेन परिचालन में सुरक्षा मानकों को और सख्त व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) के रिफ्रेशर ट्रेनिंग मॉड्यूल में पारंपरिक पास या फेल परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब ग्रेडिंग-बेस्ड असेसमेंट सिस्टम लागू किया गया है।
रेलवे बोर्ड की उपनिदेशक नीलम शर्मा ने बताया कि इस नए आदेश से देशभर के सभी जोनल रेलवे, प्रॉडक्शन यूनिट्स और सेंट्रल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को अवगत करा दिया गया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। नए नियमों के अनुसार, रिफ्रेशर ट्रेनिंग के बाद ट्रेन मैनेजरों का मूल्यांकन विभिन्न गुणों और अंकों के आधार पर होगा। ए श्रेणी के तहत 80 अंक या उससे अधिक प्राप्त करने वाले ट्रेन मैनेजर, बी श्रेणी के तहत 60 अंक से ऊपर और 80 अंक से कम पाने वाले कर्मचारी और सी श्रेणी के तहत 60 अंक से कम पाने वाले कर्मचारी शामिल होंगे।
--
बी और सी ग्रेड पाने वालों की होगी विशेष काउंसिलिंग
उपनिदेशक नीलम शर्मा ने स्पष्ट किया कि केवल अंक देना ही इस व्यवस्था का उद्देश्य नहीं है, बल्कि कम अंक पाने वालों का मार्गदर्शन भी किया जाएगा। ग्रेड बी पाने पर लॉबी इंचार्ज, स्टेशन मैनेजर या सुपरवाइजर द्वारा लगातार काउंसिलिंग की जाएगी और इसका पूरा रिकॉर्ड लॉबी स्तर पर रखा जाएगा। इसी प्रकार ग्रेड सी पाने पर कर्मचारियों को डिवीजन स्तर पर विशेष निगरानी में रखा जाएगा। उन्हें सेफ्टी सेमिनार, सुरक्षा अभियानों और अन्य काउंसिलिंग कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
-- --
5 लगातार ग्रेडिंग का रखा जाएगा पूरा रिकॉर्ड
प्रत्येक ट्रेन मैनेजर का लगातार पांच रिफ्रेशर कोर्स की ग्रेडिंग का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। अगले रिफ्रेशर कोर्स के समय इस रिकॉर्ड को योग्यता प्रमाण पत्र के साथ संबंधित ट्रेनिंग सेंटर भेजा जाएगा। नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष हरनाम सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से संरक्षा मानकों में एकरूपता आएगी और परिचालन में होने वाली मानवीय भूलों को समय रहते सुधारा जा सकेगा।
विज्ञापन
अंबाला। रेलवे ने ट्रेन परिचालन में सुरक्षा मानकों को और सख्त व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) के रिफ्रेशर ट्रेनिंग मॉड्यूल में पारंपरिक पास या फेल परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर अब ग्रेडिंग-बेस्ड असेसमेंट सिस्टम लागू किया गया है।
रेलवे बोर्ड की उपनिदेशक नीलम शर्मा ने बताया कि इस नए आदेश से देशभर के सभी जोनल रेलवे, प्रॉडक्शन यूनिट्स और सेंट्रल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को अवगत करा दिया गया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। नए नियमों के अनुसार, रिफ्रेशर ट्रेनिंग के बाद ट्रेन मैनेजरों का मूल्यांकन विभिन्न गुणों और अंकों के आधार पर होगा। ए श्रेणी के तहत 80 अंक या उससे अधिक प्राप्त करने वाले ट्रेन मैनेजर, बी श्रेणी के तहत 60 अंक से ऊपर और 80 अंक से कम पाने वाले कर्मचारी और सी श्रेणी के तहत 60 अंक से कम पाने वाले कर्मचारी शामिल होंगे।
विज्ञापन
बी और सी ग्रेड पाने वालों की होगी विशेष काउंसिलिंग
उपनिदेशक नीलम शर्मा ने स्पष्ट किया कि केवल अंक देना ही इस व्यवस्था का उद्देश्य नहीं है, बल्कि कम अंक पाने वालों का मार्गदर्शन भी किया जाएगा। ग्रेड बी पाने पर लॉबी इंचार्ज, स्टेशन मैनेजर या सुपरवाइजर द्वारा लगातार काउंसिलिंग की जाएगी और इसका पूरा रिकॉर्ड लॉबी स्तर पर रखा जाएगा। इसी प्रकार ग्रेड सी पाने पर कर्मचारियों को डिवीजन स्तर पर विशेष निगरानी में रखा जाएगा। उन्हें सेफ्टी सेमिनार, सुरक्षा अभियानों और अन्य काउंसिलिंग कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
5 लगातार ग्रेडिंग का रखा जाएगा पूरा रिकॉर्ड
प्रत्येक ट्रेन मैनेजर का लगातार पांच रिफ्रेशर कोर्स की ग्रेडिंग का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। अगले रिफ्रेशर कोर्स के समय इस रिकॉर्ड को योग्यता प्रमाण पत्र के साथ संबंधित ट्रेनिंग सेंटर भेजा जाएगा। नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष हरनाम सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से संरक्षा मानकों में एकरूपता आएगी और परिचालन में होने वाली मानवीय भूलों को समय रहते सुधारा जा सकेगा।