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पूर्व सैनिक और किसान उतरे सड़कों पर

Sat, 25 Jul 2015 12:41 AM IST
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 25 Jul 2015 12:41 AM IST
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शुक्रवार को देश के पूर्व जवान अपने हक के लिए सड़कों पर उतरे, तो देश के धरतीपुत्र सड़क पर अपने खून पसीने की कमाई के लिए सड़क पर पहुंच गए।
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हैरानी है कि न तो जवानों की कोई सुन रहा है और न ही किसानों की। सिटी में करीब 40 दिनों से पूर्व सैनिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

दूसरी ओर शुगर मिल गेट के बाहर करीब 19 दिनों से धरने पर बैठने के बाद शुक्रवार को किसान हाईवे जाम कर बैठे रहे। छह घंटे बीतने के बाद किसी ने उनकी सुध नहीं ली।


पूर्व सैनिक बोले, इस्तीफा देकर पूर्व जनरल हमारे साथ बैठें
- अंबाला सिटी में पूर्व सैनिकों ने प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री सहित पांच नेताओं का पुतला
- कहा, पहले देश की सीमाओं पर दिया पहरा, अब अपने हक के लिए करेंगे संघर्ष
- 26 को दिल्ली में पूर्व सैनिक होंगे अन्ना हजारे के साथ भूखहड़ताल में शामिल

अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। वन रैंक वन पेंशन को लेकर भूखहड़ताल पर बैठे पूर्व सैनिकों ने शुक्रवार को पीएम सहित पांच मंत्रियों के पुतले फूंके। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्र सरकार पर पूर्व सैनिको की अनदेखी का आरोप भी लगाया।
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एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोएसिशन के प्रधान अतर सिंह मुलतानी ने बताया कि केंद्र सरकार पूर्व सैनिकों की अनेदखी कर रही है। वन रैंक वन पेंशन को लेकर 40 दिनों से भूखहड़ताल पर बैठे पूर्व सैनिकों का अभी तक सरकार ने हाल नहीं जाना है। जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
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उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एवं पूर्व जनरल वीके सिंह ही हमारे खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनको चाहिए कि वह सरकार से इस्तीफा देकर हमारे साथ आकर बैठें। पूर्व सैनिकों ने अपना और अपने परिवार के सदस्यों का खून सरहदों पर बहाया है। भाजपा सरकार ने जल्द ही वन रैंक वन पेंशन को लागू नहीं की, तो पूर्व सैनिक संसद और प्रधानमंत्री का घेराव करेंगे।

उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिक 26 जुलाई को दिल्ली जंतर-मंतर पर समाजसेवी अन्ना हजारे के साथ एक दिन की भूख हड़ताल में शामिल भी होंगे। इस मौके जेपी मेहता, सूबेदार मेजर सुलखण सिंह, मामराज सिंह, सुरिंद्र भाटिया, सचिव खुशबीर सिंह दत्त, नरेंद्र शर्मा,  स्वर्ण सिंह, बाबू सिंह, बलदेव सिंह, नसीब सिंह, बिग्रेडियर टीएस बाजवा, बिग्रेडियर केके शर्मा, लाभ सिंह, कृष्ण लाल, लज्जा सिंह, तेजा सिंह, कैप्टन गुलजार सिंह, कैप्टन कर्मचंद मेहरा, मनोज कुमार शर्मा, राजपाल सिंह, दलबीर सिंह, गुरदेव सिंह, पीके टंडन, सूबेदार अनूपसिंह, हवलदार कुलवंत  सिंह, हवलदार हरप्रीत सिंह, जत्थेदार सुरिंद्र सिंह, हवलदार रवेल सिंह, जत्थेदार गुरबचन सिंह, फ्लाइंग ऑफिसर मनमोहन सिंह, सूबेदार गुरनाम सिंह आदि मौजूद रहे।

किसान बोले, भीख नहीं हक मांग रहे हैं हम
नारायणगढ़। शुगर मिल नारायणगढ़ में अटके किसानों के करोड़ों रुपये के भुगतान का मामला तूल पकड़ गया। शुक्रवार को किसानों ने नेशनल हाईवे नंबर-72 (अंबाला-देहरादून) जाम कर दिया। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे लगा जाम छह घंटे तक चला। इसके बाद भी किसी अधिकारी या मिल प्रबंधन के प्रतिनिधि ने किसानों से बात करने की जहमत नहीं उठाई। 

नारायणगढ़ शुगर मिल से किसानों के लगभग 62 करोड़ रुपये बकाया दिलवाने की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने क्षेत्र के सैकड़ों गन्ना उत्पादकों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-72 पर चीनी मिल बनौंदी के पास जाम लगा दिया। पहले से जनकारी होने के कारण पुलिस ने रास्ता डायवर्ट कर दिया था। जाम के दौरान किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने बताया कि किसान शुगर मिल से अपने गन्ने की फसल का पैसा मांग रहे हैं। उन्होंने प्रशासन पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि अब तक प्रशासन, नेताओं और अधिकारियों ने किसानों को कोई राहत नहीं दिलाई है। किसान शुक्रवार सुबह से ही राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-72 पर चीनी मिल के समक्ष जुटना शुरू हो गए थे।


भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष के पहुंचने के बाद किसानों ने लगभग साढ़े 11 बजे रास्ता जाम कर दिया। शाम पांच बजे बीडीपीओ शहजादपुर मिल के सामने बैठे किसानों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने किसानों को उनके गन्ने का बकाया 10 सितंबर तक मिलने का अश्वासन दिया। भाकियू जिला प्रधान रूप सिंह ने कहा कि ऐसे आश्वासन अधिकारी कई बार दे चुके हैं। अब उन्हें ऐसे वादों पर कोई भरोसा नहीं है। डीसी या मंत्री आकर ठोस आश्वासन दें, तभी जाम को खोला जाएगा। भुगतान मिलने के बाद ही जाम खोला जाएगा। समाचार लिखे जाने तक किसानों व अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है।
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