{"_id":"667e0170f91a5f6a7e055537","slug":"even-sons-are-not-safe-along-with-daughters-only-acquaintances-are-harassing-them-ambala-news-c-36-1-ame1006-125240-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: बेटियों के साथ बेटे भी नहीं सुरक्षित, परिचित ही कर रहे उत्पीड़न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: बेटियों के साथ बेटे भी नहीं सुरक्षित, परिचित ही कर रहे उत्पीड़न
विज्ञापन
अंबाला सिटी। पॉक्सो के मामलों से नाबालिग को अंजान लोगों की बजाय जान पहचान और परिवार के सदस्यों से ही खतरा अधिक हो गया है। जिला बाल कल्याण समिति के सामने पॉक्सो के जो मामले सामने आते हैं, उनमें 80 फीसदी मामले ऐसे होते हैं जिनमें परिवार का सदस्य या फिर कोई परिचित व्यक्ति ही आरोपी होता है।
समिति के सामने प्रत्येक माह पांच से 10 मामले आते हैं। इतना ही नहीं लड़कों के साथ भी यौन उत्पीड़न के मामले देखने में आ रहे हैं। अधिकतर मामले उन्हीं क्षेत्रों से आ रहे हैं जहां पर माता पिता दोनों ही बच्चे को समय नहीं दे पाते है। इससे बच्चा बाहर अपनी खुशी ढूंढता है। ऐसे में उसके साथ गलत होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि उनके पास जो भी मामले आते हैं। उनकी प्राथमिकता के साथ जांच होती है और पीड़ित को हर संभव सहायता दी जाती है।
-- -- -- -- -- -- -
केस एक : चचेरी बहन के साथ ही किया गलत काम
अंबाला शहर के निकटवर्ती गांव में ही ताऊ के बेटे ने ही अपनी चचेरी बहन के साथ गलत काम किया। इतना ही नहीं जब नाबालिग गर्भवती हुई तो ताई ने ही उसका गर्भपात करवाने का प्रयास किया। मामला तब सामने आया जब नाबालिग की तबियत बिगड़ी। इसके बाद आरोपी पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नाबालिग की माता दिमागी तौर पर कमजोर है। इसी बात का फायदा उठाते हुए उसके ताऊ के बेटे ने ही उसके साथ गलत काम किया।
विज्ञापन
-- -- -- -
केस दो : लड़के के साथ दो महीनों तक हुआ उत्पीड़न
अंबाला शहर के ही एक क्षेत्र से नाबालिग के साथ दो महीनों तक कई आरोपियों ने गलत काम किया गया। इतना ही नहीं नाबालिग की वीडियो भी बना ली। वीडियो सामने आने के बाद मामला संज्ञान में आया। इसके बाद मामले में कार्रवाई हुई। आरोपी उसी के क्षेत्र के रहने वाले थे। पीड़ित के माता पिता रोजी रोटी के लिए मजदूरी करते हैं। इसी दौरान पीड़ित के यह घटना हो गई।
-- -- -- --
विज्ञापन
समिति के सामने प्रत्येक माह पांच से 10 मामले आते हैं। इतना ही नहीं लड़कों के साथ भी यौन उत्पीड़न के मामले देखने में आ रहे हैं। अधिकतर मामले उन्हीं क्षेत्रों से आ रहे हैं जहां पर माता पिता दोनों ही बच्चे को समय नहीं दे पाते है। इससे बच्चा बाहर अपनी खुशी ढूंढता है। ऐसे में उसके साथ गलत होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि उनके पास जो भी मामले आते हैं। उनकी प्राथमिकता के साथ जांच होती है और पीड़ित को हर संभव सहायता दी जाती है।
विज्ञापन
केस एक : चचेरी बहन के साथ ही किया गलत काम
अंबाला शहर के निकटवर्ती गांव में ही ताऊ के बेटे ने ही अपनी चचेरी बहन के साथ गलत काम किया। इतना ही नहीं जब नाबालिग गर्भवती हुई तो ताई ने ही उसका गर्भपात करवाने का प्रयास किया। मामला तब सामने आया जब नाबालिग की तबियत बिगड़ी। इसके बाद आरोपी पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नाबालिग की माता दिमागी तौर पर कमजोर है। इसी बात का फायदा उठाते हुए उसके ताऊ के बेटे ने ही उसके साथ गलत काम किया।
विज्ञापन
केस दो : लड़के के साथ दो महीनों तक हुआ उत्पीड़न
अंबाला शहर के ही एक क्षेत्र से नाबालिग के साथ दो महीनों तक कई आरोपियों ने गलत काम किया गया। इतना ही नहीं नाबालिग की वीडियो भी बना ली। वीडियो सामने आने के बाद मामला संज्ञान में आया। इसके बाद मामले में कार्रवाई हुई। आरोपी उसी के क्षेत्र के रहने वाले थे। पीड़ित के माता पिता रोजी रोटी के लिए मजदूरी करते हैं। इसी दौरान पीड़ित के यह घटना हो गई।