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Ambala News: कर्मचारियों पर संपत्ति आईडी बदलने का आरोप
Fri, 05 Dec 2025 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 05 Dec 2025 11:27 PM IST
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अंबाला। मानव विहार निवासी अनूप अग्रवाल (58) ने नगर निगम कर्मचारियों पर उनकी संपत्ति की आईडी को दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज करने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, हरियाणा डीजी पुलिस सहित कई लोगों को शिकायत कर न्याय की मांग की है। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पास 128.190 गज व्यवसायिक संपत्ति थी, जिसमें से 67 गज उन्होंने सुरेश अरोड़ा व अन्य को वर्ष 2023 को सेल रजिस्ट्री के माध्यम से बेच दी थी।
विक्रय के बाद बची हुई 61.190 गज जगह के वह अभी भी मालिक हैं। हालांकि, कुछ समय बाद जब उन्होंने नगर निगम का रिकॉर्ड देखा तो हैरान रह गए। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम ने उनकी संपत्ति आईडी में पूरी संपत्ति सुरेश अरोड़ा व अन्य के नाम दिखा दी गई। इसमें उन्होंने नगर निगम के एक क्लर्क, एमई व पूर्व एक्सईएन पर आरोप जड़े हैं। इस मामले में उन्होंने शिकायत एसपी कार्यालय को दी। जहां से ये शिकायत अंबाला सिटी थाने की पांच नंबर चौकी में जांच के लिए भेजी गई है। मामले में जांच अधिकारी ओम चंद ने बताया कि शिकायत पर अभी शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बाद केस दर्ज किया जाएगा। पीड़ित ने केंद्रीय गृहमंत्री और डीजीपी हरियाणा से तीनों नगर निगम कर्मचारियों व अन्य के विरुद्ध सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की अपील की है। इसके साथ ही मांग है कि उनकी संपत्ति आईडी उनके नाम वापस करके उन्हें न्याय दिलाया जाए।
प्रशासनिक कार्यवाही में देरी
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 19 मई 2025 को स्पीड पोस्ट द्वारा नगर निगम में भेजी थी। 27 नवंबर तक छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस प्रशासनिक कार्यवाही नहीं हुई। ज्वाइंट कमिश्नर ने 17 नवंबर को एक नोटिस जारी किया, जिसमें सभी संबंधित कर्मचारियों व लोगों को 20 नवंबर को जांच के लिए उपस्थित होने को कहा गया था। इस दौरान सुनवाई में केवल सुरेश अरोड़ा के बेटे रिदम अरोड़ा और अनूप अग्रवाल ही उपस्थित हुए। ज्वाइंट कमिश्नर ने 26 नवंबर को लिखित नोटिस दिए बिना सभी को दोबारा आने को कहा, लेकिन जब अनूप अग्रवाल उस दिन दफ्तर पहुंचे, तो ज्वाइंट कमिश्नर छुट्टी पर थे और दफ्तर में केवल सिक्योरिटी गार्ड मौजूद थे।
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यह मामला हमारे सामने आया था, जिसमें संपत्ति आईडी से जुड़ी कमी दिखी थी। हमने बैंक को भी बुलाया था ताकि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान कर सकें। इस मामले की जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की विशेष गलती नहीं दिख रही है। यह एक तकनीकि कमी है, इसे ठीक कर दिया जाएगा। -पुनीत, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम
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विक्रय के बाद बची हुई 61.190 गज जगह के वह अभी भी मालिक हैं। हालांकि, कुछ समय बाद जब उन्होंने नगर निगम का रिकॉर्ड देखा तो हैरान रह गए। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम ने उनकी संपत्ति आईडी में पूरी संपत्ति सुरेश अरोड़ा व अन्य के नाम दिखा दी गई। इसमें उन्होंने नगर निगम के एक क्लर्क, एमई व पूर्व एक्सईएन पर आरोप जड़े हैं। इस मामले में उन्होंने शिकायत एसपी कार्यालय को दी। जहां से ये शिकायत अंबाला सिटी थाने की पांच नंबर चौकी में जांच के लिए भेजी गई है। मामले में जांच अधिकारी ओम चंद ने बताया कि शिकायत पर अभी शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बाद केस दर्ज किया जाएगा। पीड़ित ने केंद्रीय गृहमंत्री और डीजीपी हरियाणा से तीनों नगर निगम कर्मचारियों व अन्य के विरुद्ध सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की अपील की है। इसके साथ ही मांग है कि उनकी संपत्ति आईडी उनके नाम वापस करके उन्हें न्याय दिलाया जाए।
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प्रशासनिक कार्यवाही में देरी
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 19 मई 2025 को स्पीड पोस्ट द्वारा नगर निगम में भेजी थी। 27 नवंबर तक छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई ठोस प्रशासनिक कार्यवाही नहीं हुई। ज्वाइंट कमिश्नर ने 17 नवंबर को एक नोटिस जारी किया, जिसमें सभी संबंधित कर्मचारियों व लोगों को 20 नवंबर को जांच के लिए उपस्थित होने को कहा गया था। इस दौरान सुनवाई में केवल सुरेश अरोड़ा के बेटे रिदम अरोड़ा और अनूप अग्रवाल ही उपस्थित हुए। ज्वाइंट कमिश्नर ने 26 नवंबर को लिखित नोटिस दिए बिना सभी को दोबारा आने को कहा, लेकिन जब अनूप अग्रवाल उस दिन दफ्तर पहुंचे, तो ज्वाइंट कमिश्नर छुट्टी पर थे और दफ्तर में केवल सिक्योरिटी गार्ड मौजूद थे।
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यह मामला हमारे सामने आया था, जिसमें संपत्ति आईडी से जुड़ी कमी दिखी थी। हमने बैंक को भी बुलाया था ताकि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान कर सकें। इस मामले की जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की विशेष गलती नहीं दिख रही है। यह एक तकनीकि कमी है, इसे ठीक कर दिया जाएगा। -पुनीत, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम