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Ambala News: महिला जजों को बढ़ाने पर दिया जोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:49 AM IST
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Emphasis given on increasing the number of women judges
देव समाज गर्ल्स कॉलेज में संवाद कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राएं व स्टाफ। संवाद
अंबाला सिटी। देव समाज गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को अमर उजाला की ओर से अपराजिता के तहत संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें प्राचार्य मुक्ता अरोड़ा ने महिलाओं की न्यायपालिका में भागीदारी पर छात्राओं के साथ अपने विचार साझा किए।
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उन्होंने कहा कि आज के युग में महिलाओं को हर क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में महिलाओं को न्यायपालिका के क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में महिला जजों की नियुक्ति अधिक होनी चाहिए। इससे महिलाओं से जुड़े मामलों में जल्द फैसले किए जा सकते है।
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छात्राओं को सचेत करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने करियर पर ध्यान देना चाहिए और व्यर्थ की विडंबनाओं में न फसकर आगे बढ़ना चाहिए। वहीं छात्राओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं के लिए अवसर बहुत कम है। इसके साथ ही महिलाओं को अपने परिवार के लिए भी कई समझौते करने पड़ते है। महिलाओं को कानूनों के बारे में भी समय समय पर जागरूक करने की जरूरत है। इस कार्यक्रम में प्रो सुरभि, प्रो सुखदीप कौर, प्रो सीमा, प्रो निरूपमा, प्रो एकता सहित अनेक छात्राएं मौजूद रही।
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आत्मविश्वास के साथ बढ़े आगे
बी कॉम फाइनल की छात्रा हर्षप्रीत कौर ने बताया कि न्यायपालिका में महिलाओं को अपने कदम बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास जगाना चाहिए। अपने लक्ष्य को पक्का कर आगे बढ़ना चाहिए।
परिवार का सहयोग जरूरी
बी कॉम फाइनल की छात्रा वैष्णवी ने बताया कि महिलाओं को कई बार परिवार का सहयोग नहीं मिल पता इस कारण उन्हें आगे बढ़ने का अवसर छोड़ना पड़ता है। कई बार यदि किसी महिला को न्यायपालिका में कार्य करने का अवसर भी मिलता है तो उसे परिवार के दबाव के कारण नौकरी छोड़नी पड़ती है।
अपने पद के खुद लें फैसले
बीए फाइनल की छात्रा रितु का कहना है कि यदि कोई महिला सरपंच, पार्षद, जिला परिषद सदस्य या फिर अन्य किसी राजनीतिक पद पर होती है। तो ऐसे में महिला के पति यो फिर परिवार का अन्य कोई पुरुष उसके स्थान पर फैसले लेता है। जिसमें सुधार किए जाने की आवश्यकता है।
महिला जजों की बढ़े संख्या
बीए फाइनल की छात्रा तनु ने बताया कि देश में महिला जजों की संख्या का बढ़ाना चाहिए। जिससे अन्य महिलाएं भी न्यायपालिका क्षेत्र में आने के लिए जागरूक हो सकें और समाज के लिए मिसाल बने।

महिलाओं को मिले कानूनी जानकारी
बीकॉम फाइनल की छात्रा अंशिका ने बताया कि महिलाओं को कानून की बहुत कम जानकारी होती है। जिसके चलते कई बार मारपीट और घरेलू हिंसा के मामले दब जाते है। महिलाओं को कानूनों की जानकारी देने पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहे।
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