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Ambala News: बिजली कर्मचारियों ने फूंका सरकार का पुतला
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अंबाला सिटी में बिजली निगम के एसई कार्यालय पर प्रदर्शन करते कर्मचारी। प्रवक्ता
निजीकरण के खिलाफ भड़के, कल से हड़ताल की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिले भर के बिजली कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। गुस्साए कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) के अध्यक्ष मुकेश गर्ग का पुतला फूंका। यह विरोध गुरुग्राम और नूंह सर्कल में निजी कंपनी को बिजली वितरण का पैरेलल लाइसेंस दिए जाने के खिलाफ था।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीसी यूनियन के महासचिव राजेश चंद्र सिरोही ने किया। मंच संचालन एचएसईबी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव सतबीर देशवाल ने किया। वक्ताओं ने बताया कि दो महीने पहले सरकार के साथ पैरेलल लाइसेंस रद करने, स्मार्ट मीटर प्रणाली रोकने और एग्री डिस्कॉम न बनाने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद एचईआरसी ने निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस देकर कर्मचारियों के साथ सीधा धोखा किया है। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के मलकीत सिंह, रोडवेज से बढ़ाना, राजकुमार सेहला, विकास और विनोद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
आंदोलन का अगला चरण
सर्कल सचिव सतबीर देशवाल ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में बुधवार, 21 अक्तूबर को अंबाला के सभी सब-डिवीजन कार्यालयों पर गेट मीटिंग होगी। इस दौरान लाइसेंस के आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी। मोर्चे के प्रतिनिधियों ने 22, 23 और 24 अक्तूबर को तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल का भी एलान किया है। यह हड़ताल निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश को दर्शाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिले भर के बिजली कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। गुस्साए कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) के अध्यक्ष मुकेश गर्ग का पुतला फूंका। यह विरोध गुरुग्राम और नूंह सर्कल में निजी कंपनी को बिजली वितरण का पैरेलल लाइसेंस दिए जाने के खिलाफ था।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व एसबीसी यूनियन के महासचिव राजेश चंद्र सिरोही ने किया। मंच संचालन एचएसईबी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव सतबीर देशवाल ने किया। वक्ताओं ने बताया कि दो महीने पहले सरकार के साथ पैरेलल लाइसेंस रद करने, स्मार्ट मीटर प्रणाली रोकने और एग्री डिस्कॉम न बनाने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद एचईआरसी ने निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस देकर कर्मचारियों के साथ सीधा धोखा किया है। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के मलकीत सिंह, रोडवेज से बढ़ाना, राजकुमार सेहला, विकास और विनोद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
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आंदोलन का अगला चरण
सर्कल सचिव सतबीर देशवाल ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में बुधवार, 21 अक्तूबर को अंबाला के सभी सब-डिवीजन कार्यालयों पर गेट मीटिंग होगी। इस दौरान लाइसेंस के आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी। मोर्चे के प्रतिनिधियों ने 22, 23 और 24 अक्तूबर को तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल का भी एलान किया है। यह हड़ताल निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश को दर्शाती है।
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