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एक्शन में डीआरएम : एसएसई सिग्नल एंड टेलिकाम का तबादला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 01:43 AM IST
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DRM in action: SSE Signal & Telecom transferred
रात्रि निरीक्षण पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर विभागीय अ​धिकारियों के साथ पहुंचे अंबाला डीआरएम। सोश
अंबाला। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर लगे कोच गाइडेंस सिस्टम में गड़बड़ी की गाज एसएसई सिग्नल एंड टेलिकाॅम पर गिरी है। उनका तबादला अंबाला से बठिंडा कर दिया है।
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यह कार्रवाई अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक विनोद भाटिया के निर्देशानुसार की गई है, क्योंकि उन्होंने तीन दिन पहले जब अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया तो एसएसई मौके पर नहीं थे। उनके अधीन दूसरे अधिकारी इस मामले को लेकर पूरी जानकारी नहीं दे पाए। इसलिए डीआरएम ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे लापरवाह एसएसई को तुरंत प्रभाव से अंबाला से हटा दिया जाए।
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अन्य भी चौकस
इस मामले के बाद अंबाला मंडल के अधीन सभी रेलवे स्टेशनों पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी सतर्क हो गए हैं ताकि उनसे भी इस प्रकार की भूल न हो जाए। गौरतलब है कि तीन जनवरी 2025 को ही विनोद भाटिया ने डीआरएम के तौर पर अंबाला मंडल का कार्यभार संभाला था। इसके बाद से वो अपने अधीन सभी रेल खंडों का बड़ी ही बारीकि से निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे कि सभी तथ्यों की सही और स्पष्ट जानकारी मिल सके। उनकी इस पहली कार्रवाई से मंडल के सभी अधिकारी और कर्मचारी अब ढिलाई बरतने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं।
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रात्रि औचक निरीक्षण शुरू
होली पर्व को देखते हुए अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक विनोद भाटिया ने औचक निरीक्षण भी शुरू कर दिए हैं और वो भी रात्रि के समय ताकि यात्री सुविधाओं की सही सच्चाई सामने आ सके। वहीं संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि जब भी निरीक्षण हो तो मौके पर सभी विभाग के अधिकारी मौजूद रहें ताकि समय रहते खामी की सही जानकारी मिल सके और उसका समाधान भी कराया जा सके।
आवेदन करने वाले उछाल रहे मामला
रेलवे विजिलेंस में अंबाला मंडल से 13 वाणिज्य इंस्पेक्टरों के नाम भेजे थे। इस आवेदन की सूची को ऑनलाइन मेल के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर भेजा था। लेकिन संबंधित दस्तावेजों की कॉपी मुख्यालय में जमा ही नहीं करवाई गई। इस लेटलतीफी के कारण अंबाला मंडल से किसी भी वाणिज्य इंस्पेक्टर का नाम विजिलेंस टीम में शामिल नहीं हो सका। अब इस मामले को लेकर आवेदन करने वाले ही मामले का उछालकर विभाग का नाम खराब करने पर तूले हैं और इसका ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं। जबकि यह तकनीकी गलती की वजह से हुआ है।

वर्जन
डीआरएम के निरीक्षण के दौरान कोच गाइडेंस सिस्टम में खामी मिली थी। इस दौरान एसएसई सिग्नल मौके पर नहीं थे और उनके अधीनस्थ भी इसकी जानकारी नहीं दे पाए। इसलिए संबंधित विभागीय अधिकारी को डीआरएम ने निर्देश दिए थे कि लापरवाही बरतने वाले एसएसई को अंबाला से हटा दिया जाए। विजिलेंस टीम के लिए सूची अंतिम समय में ऑनलाइन भेजी थी जोकि मुख्यालय स्तर पर नहीं उठ पाई। इसलिए किसी भी कर्मचारी का चयन नहीं हो पाया।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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