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1500 की आबादी के झेल रही पेयजल संकट, रोजाना होता है जल के लिए जगराता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 12:50 AM IST
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Drinking water crisis in Kabir Nagar, waiting for water even at night
कबीर नगर वासी जल की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। पानी के लिए लोग न केवल दिनभर प्रतीक्षा करते हैं बल्कि रातों को भी जगते हैं। यह सोचकर की शायद रात के समय उनके नल से पानी आ जाए। रात को यदि गलती से पानी आ भी जाए तो वह भी गंदा ही आता है। हालात यह हैं कि लोग पानी की समस्या को लेकर वार्ड पार्षद से लेकर जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों तक से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। लिहाजा करीब 1500 की आबादी वाले कबीर नगर के लोग प्यास बुझाने के लिए एक किलोमीटर दूर वीटा एनक्लेव या सेंट्रल जेल के बाहर लगे नल से पानी लाने को मजबूर हैं।
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दरअसल कबीर नगर में अमरूत योजना के तहत नई पाइप लाइन डली थी। लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब पानी को लेकर कोई दिक्कत नहीं आएगी लेकिन नई पाइप लाइन डलने के बाद हालत और भी बिगड़ गई। क्योंकि यह पाइप लाइन ही नियमों को ताक पर रखकर डाली गई। इसका मुद्दा नगर निगम सदन की बैठक में भी पार्षद राजेश मेहता ने उठाया था। इसके बाद निगम आयुक्त ने नगर निगम अधिकारियों की एक कमेटी बनाकर जांच करने के आदेश देते हुुए समस्या दूर करने के निर्देश दिए थे। नगर निगम से चीफ इंजीनियर सहित नगर निगम के एक्सईएन व अन्य अधिकारियों ने अमरूत योजना पर उठ रहे सवालों की सत्यता जानने के लिए कबीर नगर का दौरा किया था। जिसमें खामियां भी पाई गई थी। लेकिन इस बात को भी करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं और समस्या जस की तस बनी हुई है।
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स्थानीय निवासी संदीप वैसे तो हम एक साल से परेशान हैं लेकिन पिछले 4 माह से तो पानी बिल्कुल ही नहीं आ रहा। पहले वाली पाइप लाइन से पानी आ भी जाता था लेकिन जब से अमरूत योजना वाली पाइप लाइन बिछाई है तब से पानी भी हमें वीटा मिल्क प्लांट से लेकर आना पड़ रहा है। सुबह उठकर पहले पानी लेकर आते हैैै, तब जाकर कहीं काम पर जाते हैं।
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आशा रानी ने बताया कि घर में पानी की एक बूंद के लिए बच्चे तरस रहे हैं। नल से पानी की एक भी बूंद हासिल नहीं हो पा रही है। सुबह जल्दी उठ कर पहले पानी लेकर आना पड़ता है तब जाकर कहीं रसोई का काम होता है। ऐसे में अगर कोई मेहमान घर पर आ जाए तो शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।
सागर ने बताया कि पानी की परेशानी इतनी है कि पूछो ही मत, पानी वैसे तो आता ही नहीं। अगर आता भी है तो रात को करीब दो-तीन बजे आता है और वो भी साफ नहीं आत। पानी के लिए रात भर जगराता करना पड़ता है। सुबह उठकर काम पर भी जाना होता है। ऐसे में हमें न तो रात में चैन है न दिन मेें आराम।अब करें भी तो क्या करेेें।
कमला का कहना है कि हमारा तो यहां समय काटना भी मुश्किल हो गया है। पीने के पानी के लिए सुबह से लेकर पूरी रात जद्दोजहद करनी पड़ती है। अगर नल के भरोसे रहें तो प्यासे ही मर जाएं। सुबह-शाम पीने का पानी या तो वीटा मिल्क प्लांट से लेकर आना पड़ता है या फिर केंद्रीय जेल के बाहर लगे नल से।
क्षेत्र में पानी आ रहा है लेकिन आधी रात को पहुंचता है। कबीर नगर में जब तक नया ट्यूबवेल नहीं लगता तब तक समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। हम नया ट्यूबवेल लगाने के लिए जगह देख रहे हैं। जैसे ही जगह मिलेगी काम शुरू कर दिया जाएगा।

दिनेश गाबा, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग।
कॉलोनी वासियों की मांग है कि पाइप लाइन को दोबारा से सही तरीके से डाला जाए। इसके लिए हमने ठेकेदार को बोल दिया है। ठेकेदार कॉलोनी में दो दिन के भीतर काम शुरू कर देगा इसके बाद पानी की कोई समस्या नहीं होगी।
रमन एक्सईएन, नगर निगम।
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