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Ambala News: बिना प्यास भी पीएं पानी, हार्ट अटैक का खतरा होगा कम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 02:57 AM IST
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Drink water even when you are not thirsty, it will reduce the risk of heart attack.
- प्रदूषण और ठंड से बढ़े हृदय रोगी, विर्क अस्पताल में रोजाना 30 से 40 मरीज पहुंच रहे
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बढ़ते प्रदूषण के कारण जहरीली हवा सांसों के रास्ते अंदर जाकर हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ा रही है। फेफड़ों की हालत खस्ता होने लगी है। लोग थोड़ा सा काम करते ही थकने लगे हैं। सांस फूल रही है और रक्तचाप बढ़ने लगा है। सर्दी के मौसम में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में हृदय व सांस से जुड़े मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सक बच्चे, बुजुर्गों व रोगियों को ठंड से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बिना प्यास लगे भी गुनगुना पानी पीते रहें। इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होगा। विर्क अस्पताल में रोजाना 30 से 40 हृदय रोगी आ रहे, दिसंबर माह में 107 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है।

दिल और दिमाग की सेहत पर कोहरा और स्मॉग दोहरा वार कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, ठंड का सीधा असर धमनियों पर पड़ता है। सर्द मौसम में धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पसीना नहीं आने और प्यास कम लगने के कारण लोग पानी कम पीते हैं, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा रक्त क्लॉट बनाकर हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका बढ़ा देता है। नींद के दौरान दिल की धड़कन धीमी पड़ जाती हैं। कई मामलों में अचानक कार्डिएक अरेस्ट तक की स्थिति बन जाती है। इसी वजह से सर्दियों में रात के समय हार्ट अटैक के मामले अधिक सामने आते हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बिना प्यास लगे भी गुनगुना पानी पीते रहें। ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
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सही खान-पान से होगी सुरक्षा
विर्क अस्पताल से वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज के अनुसार, इस मौसम में सही खानपान दिल की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। मल्टीग्रेन आटा, अलग-अलग कोल्ड प्रेस्ड तेल, मौसमी फल-सब्जियां, मेवे और हल्का प्रोटीन दिल को मजबूत रखते हैं। लाल मिर्च, मैदा, फास्ट फूड और मीठे पेय से दूरी बनाना जरूरी है। घर में एयर प्यूरीफायर लगाना या ऑक्सीजन देने वाले इनडोर पौधे रखना भी लाभकारी हो सकता है।
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शराब और सिगरेट से रहें दूर
डॉ. सूरज बताते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति भी चलने पर हांफने लगते हैं, ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति और खतरनाक है। चिकना, तला-भुना और मसालेदार भोजन छोड़कर हल्का और सुपाच्य आहार लें। शुगर और बीपी के मरीज नियमित दवा लें और अपनी जांच कराते रहें। सर्दी में धूम्रपान और शराब दिल के लिए सबसे खतरनाक साबित हो सकते हैं। शराब शरीर का तापमान गिराती है, जिससे ठंड का असर बढ़ता है। सिगरेट रक्त धमनियों को और संकुचित कर देती है। हृदय रोगी सुबह-शाम टहलने से परहेज करें। जरूरत हो तो घर के भीतर हल्का व्यायाम करें



गर्दन और सिर को भी ढककर रखें
जिला नागरिक अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर ने बताया कि हृदय, गठिया-बाई के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बचाव के लिए गर्म और कई लेयर में कपड़े पहनें। साथ ही गर्दन व सिर को भी ढककर रखें।
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