{"_id":"678ab65645b578acb808d7d8","slug":"dreaming-of-a-golden-future-with-the-help-of-dilapidated-walls-ambala-news-c-36-1-amb1001-136125-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: जर्जर दीवारों के सहारे सुनहरे भविष्य का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: जर्जर दीवारों के सहारे सुनहरे भविष्य का सपना
विज्ञापन
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बने शिशु देखभाल कक्ष में पड़ी खाली शराब की बोतल। संवाद
- फोटो : samba news
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। सरकार जर्जर दीवारों के सहारे सुनहरे भविष्य को पालने का सपना देख रही है। इन सपने धरातल पर कितने सच होंगे ये आने वाला समय ही बताएगा। वर्तमान हालात में यह सपना केवल सपना ही नजर आ रहा है।
जानकार कहते हैं कि यदि सिस्टम के धराशाही होते दावों को देखना हो तो रेलवे स्टेशन पर स्थित शिशु देखभाल कक्ष का रुख कीजिए। जहां जर्जर दीवारों के सहारे मजबूत भविष्य की नींव रखने के दावे किए जा रहे हैं। जबकि हालात यह हैं कि शिशु देखभाल कक्ष में कुर्सी टूटी है तो शराब की खाली बाेतलें बदहाली बयां कर रही हैं। आलम यह है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण माताओं को ठिठुरती ठंड में अपने नाैनिहालों को स्तनपान करना पड़ रहा है।
अन्य जगह नहीं है शिशु देखभाल कक्ष
मां और शिशु के निजी और सार्वजनिक स्थल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहे हैं। न तो सरकारी कार्यालयों में कोई विशेष कमरा बनाया है, जहां मां अपने शिशु को दुग्धपान करा सके और न ही बस अड्डों पर। यह हालात हैं अंबाला सिटी और अंबाला छावनी के। अंबाला सिटी के लघु सचिवालय सहित बस अड्डे पर कोई भी शिशु देखभाल केंद्र नहीं है। ऐसे ही हालात अंबाला छावनी के भी हैं। यहां उपमंडल कार्यालय में दर्जनों महिलाएं कार्यरत हैं। सभी विभाग भी यहीं हैं। बावजूद इसके यहां एक भी कमरा मां और शिशुओं के लिए नहीं बनाया गया है। वहीं, अंबाला छावनी बस अड्डे पर भी यह सुविधा नहीं है। जबकि यहां कई कमरे खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर एक छोटा कमरा
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर एकमात्र शिशु देखभाल कक्ष बनाया है जोकि साफ-सफाई के अभाव में खस्ताहाल हो चुका है। अब यहां शराब की खाली बोतल और टूटी कुर्सी कक्ष की शोभा बढ़ा रहे हैं। जबकि इस कक्ष की जानकारी स्टेशन पर आने वाली अधिकतर महिला यात्रियों को नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण मुख्य प्लेटफार्म से कक्ष का दूर होना है। प्लेटफार्म एक पर यूटीएस काउंटर के पीछे वेटिंग हाल में यह कक्ष बनाया है जोकि अब खराब हो चुका है। न हो यहां मां और बच्चे के लिए कोई मेज, कुर्सी और बेड है और न ही कोई ओर व्यवस्था।
विज्ञापन
अंबाला। सरकार जर्जर दीवारों के सहारे सुनहरे भविष्य को पालने का सपना देख रही है। इन सपने धरातल पर कितने सच होंगे ये आने वाला समय ही बताएगा। वर्तमान हालात में यह सपना केवल सपना ही नजर आ रहा है।
जानकार कहते हैं कि यदि सिस्टम के धराशाही होते दावों को देखना हो तो रेलवे स्टेशन पर स्थित शिशु देखभाल कक्ष का रुख कीजिए। जहां जर्जर दीवारों के सहारे मजबूत भविष्य की नींव रखने के दावे किए जा रहे हैं। जबकि हालात यह हैं कि शिशु देखभाल कक्ष में कुर्सी टूटी है तो शराब की खाली बाेतलें बदहाली बयां कर रही हैं। आलम यह है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण माताओं को ठिठुरती ठंड में अपने नाैनिहालों को स्तनपान करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अन्य जगह नहीं है शिशु देखभाल कक्ष
मां और शिशु के निजी और सार्वजनिक स्थल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहे हैं। न तो सरकारी कार्यालयों में कोई विशेष कमरा बनाया है, जहां मां अपने शिशु को दुग्धपान करा सके और न ही बस अड्डों पर। यह हालात हैं अंबाला सिटी और अंबाला छावनी के। अंबाला सिटी के लघु सचिवालय सहित बस अड्डे पर कोई भी शिशु देखभाल केंद्र नहीं है। ऐसे ही हालात अंबाला छावनी के भी हैं। यहां उपमंडल कार्यालय में दर्जनों महिलाएं कार्यरत हैं। सभी विभाग भी यहीं हैं। बावजूद इसके यहां एक भी कमरा मां और शिशुओं के लिए नहीं बनाया गया है। वहीं, अंबाला छावनी बस अड्डे पर भी यह सुविधा नहीं है। जबकि यहां कई कमरे खाली पड़े हैं।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर एक छोटा कमरा
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर एकमात्र शिशु देखभाल कक्ष बनाया है जोकि साफ-सफाई के अभाव में खस्ताहाल हो चुका है। अब यहां शराब की खाली बोतल और टूटी कुर्सी कक्ष की शोभा बढ़ा रहे हैं। जबकि इस कक्ष की जानकारी स्टेशन पर आने वाली अधिकतर महिला यात्रियों को नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण मुख्य प्लेटफार्म से कक्ष का दूर होना है। प्लेटफार्म एक पर यूटीएस काउंटर के पीछे वेटिंग हाल में यह कक्ष बनाया है जोकि अब खराब हो चुका है। न हो यहां मां और बच्चे के लिए कोई मेज, कुर्सी और बेड है और न ही कोई ओर व्यवस्था।

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बने शिशु देखभाल कक्ष में पड़ी खाली शराब की बोतल। संवाद- फोटो : samba news

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बने शिशु देखभाल कक्ष में पड़ी खाली शराब की बोतल। संवाद- फोटो : samba news