{"_id":"68c48aa7484066f791057ea6","slug":"dr-chhibber-explained-the-importance-of-cpr-to-the-students-ambala-news-c-36-1-amb1003-149496-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: डॉ. छिब्बर ने विद्यार्थियों को सीपीआर का महत्व समझाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: डॉ. छिब्बर ने विद्यार्थियों को सीपीआर का महत्व समझाया
Sat, 13 Sep 2025 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:33 AM IST
विज्ञापन
छावनी के सनातन धर्म कॉलेज में विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सनातन धर्म कॉलेज में विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण विशेषज्ञ डॉ. सुमित छिब्बर ने विद्यार्थियों को सीपीआर की बारीकियों से अवगत कराया और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। डॉ. छिब्बर ने सीपीआर के महत्व के बारे समझाते हुए बताया कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर किसी के जीवन को बचा सकता है। कॉलेज प्राचार्य, डॉ. अल्का शर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर युवा रेडक्रॉस काउंसलर जीनत मदान भी मौजूद रहे, इसके अलावा कॉलेज में परामर्श-सह-निरीक्षण सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उच्च शिक्षा के व्यापक अवसर प्रदान करने में दूरस्थ शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
अंबाला। सनातन धर्म कॉलेज में विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के अवसर पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण विशेषज्ञ डॉ. सुमित छिब्बर ने विद्यार्थियों को सीपीआर की बारीकियों से अवगत कराया और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। डॉ. छिब्बर ने सीपीआर के महत्व के बारे समझाते हुए बताया कि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर किसी के जीवन को बचा सकता है। कॉलेज प्राचार्य, डॉ. अल्का शर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर युवा रेडक्रॉस काउंसलर जीनत मदान भी मौजूद रहे, इसके अलावा कॉलेज में परामर्श-सह-निरीक्षण सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उच्च शिक्षा के व्यापक अवसर प्रदान करने में दूरस्थ शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला।