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Ambala News: ट्रेन के नीचे आने से डाॅक्टर का पैर कटा
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घायल यात्री से पूछताछ करते आरपीएफ के उप निरीक्षक व नजदीक बैठे परिजन। संवाद
अंबाला। छावनी रेलवे स्टेशन पर श्रीगंगानगर निवासी 74 वर्षीय डॉ. देशराज प्लेटफार्म दो पर गंगा सतलुज एक्सप्रेस के एसी कोच में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। तभी उनका पैर फिसल गया और वे नीचे गिर गए और ट्रेन चलने से उनका एक पैर कट गया।
यात्रियों ने चेन खींच कर ट्रेन को रोका अन्यथा हादसे में उनकी जान जा सकती थी। सूचना मिलने पर आरपीएफ से उपनिरीक्षक कुलबीर सिंह और सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और घायल को प्लेटफार्म दो से एक पर लेकर आए। नागरिक अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद घायल को चंडीगढ़ रेफर कर दिया था।
परिवार जा रहा था अयोध्या
घायल डाक्टर के साथ मौजूद परिजनों ने बताया कि वे पिछले काफी समय से अयोध्या जाने क योजना बना रहे थे। जब योजन सिरे चढ़ी तो किसान आंदोलन के कारण ट्रेनें रद्द हो गईं। बावजूद इसके वो अयोध्या जाने के लिए रविवार सुबह सात बजे ही कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। यहां प्लेटफार्म दो पर आई ट्रेन लगभग एक बजे आई। जब उनके साथी डाॅक्टर इसमें चढ़ने लगे तो अचानक झटके से वो ट्रेन के नीचे रेल पटरियों पर गिर गए और एक पैर कट गया।
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देरी से पहुंची एंबुलेंस
जब ट्रेन से डाॅक्टर घायल हो गए तो एंबुलेंस को आने में ही 15 से 20 मिनट लग गए। ऐसे में घायल की हालत खराब हो चुकी थी। अगर स्टेशन पर ही एंबुलेंस मौजूद होती तो घायल को तुरंत उपचार मिलता। पहले भी कुछ मामलों में घायलों को सही समय पर एंबुलेंस नहीं मिली और उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
वर्जन
घायल को उपचार देने के लिए रेलवे के डाॅक्टर समय पर पहुंच गए थे। हालांकि कुछ देर पहले भी इसी ट्रेन में एक मरीज की तबीयत खराब हो गई थी, जिसे उपचार दिया था। एंबुलेंस की सुविधा रेलवे अस्पताल में है। भीड़भाड़ के दौरान स्टेशन पर टीम की तैनाती होती है, जिससे कि मौके पर ही यात्रियों को उपचार दिया जा सके।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला रेल मंडल।
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यात्रियों ने चेन खींच कर ट्रेन को रोका अन्यथा हादसे में उनकी जान जा सकती थी। सूचना मिलने पर आरपीएफ से उपनिरीक्षक कुलबीर सिंह और सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और घायल को प्लेटफार्म दो से एक पर लेकर आए। नागरिक अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद घायल को चंडीगढ़ रेफर कर दिया था।
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परिवार जा रहा था अयोध्या
घायल डाक्टर के साथ मौजूद परिजनों ने बताया कि वे पिछले काफी समय से अयोध्या जाने क योजना बना रहे थे। जब योजन सिरे चढ़ी तो किसान आंदोलन के कारण ट्रेनें रद्द हो गईं। बावजूद इसके वो अयोध्या जाने के लिए रविवार सुबह सात बजे ही कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। यहां प्लेटफार्म दो पर आई ट्रेन लगभग एक बजे आई। जब उनके साथी डाॅक्टर इसमें चढ़ने लगे तो अचानक झटके से वो ट्रेन के नीचे रेल पटरियों पर गिर गए और एक पैर कट गया।
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देरी से पहुंची एंबुलेंस
जब ट्रेन से डाॅक्टर घायल हो गए तो एंबुलेंस को आने में ही 15 से 20 मिनट लग गए। ऐसे में घायल की हालत खराब हो चुकी थी। अगर स्टेशन पर ही एंबुलेंस मौजूद होती तो घायल को तुरंत उपचार मिलता। पहले भी कुछ मामलों में घायलों को सही समय पर एंबुलेंस नहीं मिली और उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
वर्जन
घायल को उपचार देने के लिए रेलवे के डाॅक्टर समय पर पहुंच गए थे। हालांकि कुछ देर पहले भी इसी ट्रेन में एक मरीज की तबीयत खराब हो गई थी, जिसे उपचार दिया था। एंबुलेंस की सुविधा रेलवे अस्पताल में है। भीड़भाड़ के दौरान स्टेशन पर टीम की तैनाती होती है, जिससे कि मौके पर ही यात्रियों को उपचार दिया जा सके।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला रेल मंडल।