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डॉक्टरों को काटनी पड़ी दोनों बाजू, टांग में भी फैला इनफेक्शन
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Mon, 20 Jun 2016 01:16 AM IST
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डॉक्टर
- फोटो : symbol
नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल के नजदीक वार्ड 3 के पास बिजली की हाईटेंशन तारों की चपेट में आए व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए जहां दोनों बाजू काटनी पड़ी, वहीं डॉक्टरों का कहना है कि टांग में संक्रमण फैला है, जिसके कारण इसे भी काटना पड़ सकता है। पीड़ित का परिवार सदमे में है और इस वक्त उनके लिए इलाज करवाना मुश्किल हो रहा है। लोगों में भी इस हादसे के बाद से दहशत है। उनका कहना है कि उनकी न तो बिजली विभाग ने सुनी और न ही प्रशासन ने।
उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल नारायणगढ़ के नजदीक वार्ड नंबर तीन के मकानों के ऊपर से हाईटेंशन तारें गुजर रही हैं। इन्हीं तारों की चपेट में आकर एक दुकान पर काम करने वाले रामशरण निवासी बरौली आ गया और जख्मी हो गया। उन्हें उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि इलाज करवाने के लिए उनके सामने काफी परेशानियां आ रही हैं, जबकि रिश्तेदारों अन्य से ब्याज उठाकर इलाज करवा रहे हैं। इलाज के लिए न तो प्रशासन कोई मदद कर रहा है, जबकि बिजली विभाग भी अपना पल्ला झाड़ रहा है।
उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 45 साल पहले इस क्षेत्र में लोगों ने अपने मकान बनाए थे। इसके कईं सालों के बाद बिजली विभाग ने हाईटेंशन तारें डाली हैं। अब बिजली विभाग इसमें लोगों की गलती निकाल रहा है। इसी को लेकर राज्य मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों व बिजली विभाग से भी कईं बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यही कारण है कि लोगों की जान पर बनी है, जबकि इस समस्या का कोई हल नहीं निकाल पा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल नारायणगढ़ के नजदीक वार्ड नंबर तीन के मकानों के ऊपर से हाईटेंशन तारें गुजर रही हैं। इन्हीं तारों की चपेट में आकर एक दुकान पर काम करने वाले रामशरण निवासी बरौली आ गया और जख्मी हो गया। उन्हें उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि इलाज करवाने के लिए उनके सामने काफी परेशानियां आ रही हैं, जबकि रिश्तेदारों अन्य से ब्याज उठाकर इलाज करवा रहे हैं। इलाज के लिए न तो प्रशासन कोई मदद कर रहा है, जबकि बिजली विभाग भी अपना पल्ला झाड़ रहा है।
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उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 45 साल पहले इस क्षेत्र में लोगों ने अपने मकान बनाए थे। इसके कईं सालों के बाद बिजली विभाग ने हाईटेंशन तारें डाली हैं। अब बिजली विभाग इसमें लोगों की गलती निकाल रहा है। इसी को लेकर राज्य मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों व बिजली विभाग से भी कईं बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यही कारण है कि लोगों की जान पर बनी है, जबकि इस समस्या का कोई हल नहीं निकाल पा रहा है।
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