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Ambala News: जिला आयुक्त ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट, देरी पर नोटिस की चेतावनी
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नगर परिषद में काउंटर पर काम कराते शहरवासी। आर्काइव
नरेंद्र पंडित
कैथल। नगर परिषद में हुए आईडी और प्रॉपर्टी टैक्स घोटाले की जांच ठंडे बस्ते में है। करीब एक महीने बाद अब जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने इसकी रिपोर्ट को एक हफ्ते के भीतर तलब किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि रिपोर्ट सौंपने में और देरी की गई, तो संबंधित कमेटी के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
शहरवासियों में रामेश्वर फौजी, प्रवेश बंसल आदि का कहना है कि घोटाले की परतें खोलने के लिए गठित की गई विशेष जांच कमेटी पिछले एक महीने से अधिक समय से रिपोर्ट को दबाए बैठी है। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है, ताकि आरोपी अधिकारी और कर्मचारी को बचाने का प्रयास किया जा सके। शहरवासियों में यह चर्चा तेज है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए पर्दे के पीछे से पूरा जोर लगाया जा रहा है। संवाद
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निजी स्कूल और पैलेस का टैक्स कम मिला
नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स और फैमिली/प्रॉपर्टी आईडी में बड़े स्तर पर गड़बड़ पाई गई थी। प्राथमिक जांच में ही यह साफ हो गया था कि नियमों को ताक पर रखकर एक बड़े निजी स्कूल और मैरिज पैलेस का टैक्स बेहद कम किया गया था। इसमें नगर परिषद ईओ की भूमिका पर सवाल थे क्योंकि पोर्टल आईडी उन्हीं के पास थी। कमर्शियल संपत्तियों को रेजिडेंशियल दिखाकर या उनके एरिया को कागजों में कम करके राजस्व को लाखों रुपये का चूना लगाने का खेल खेला गया। इस शुरुआती खुलासे के बाद ही विस्तृत जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब उस पर ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है।
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ईओ और क्लर्क की भूमिका पर सवाल
मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) और संबंधित क्लर्क की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत और क्लर्क स्तर पर आईडी में बदलाव किए बिना गड़बड़ मुमकिन नहीं था। शहरवासियों में रामेश्वर फौजी, प्रवेश बंसल आदि का कहना है कि अगर गड़बड़ हुई है तो जांच रिपोर्ट में देरी क्यों की जा रही है। निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
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जांच कमेटी को एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त
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कैथल। नगर परिषद में हुए आईडी और प्रॉपर्टी टैक्स घोटाले की जांच ठंडे बस्ते में है। करीब एक महीने बाद अब जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा ने इसकी रिपोर्ट को एक हफ्ते के भीतर तलब किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि रिपोर्ट सौंपने में और देरी की गई, तो संबंधित कमेटी के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
शहरवासियों में रामेश्वर फौजी, प्रवेश बंसल आदि का कहना है कि घोटाले की परतें खोलने के लिए गठित की गई विशेष जांच कमेटी पिछले एक महीने से अधिक समय से रिपोर्ट को दबाए बैठी है। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है, ताकि आरोपी अधिकारी और कर्मचारी को बचाने का प्रयास किया जा सके। शहरवासियों में यह चर्चा तेज है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए पर्दे के पीछे से पूरा जोर लगाया जा रहा है। संवाद
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निजी स्कूल और पैलेस का टैक्स कम मिला
नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स और फैमिली/प्रॉपर्टी आईडी में बड़े स्तर पर गड़बड़ पाई गई थी। प्राथमिक जांच में ही यह साफ हो गया था कि नियमों को ताक पर रखकर एक बड़े निजी स्कूल और मैरिज पैलेस का टैक्स बेहद कम किया गया था। इसमें नगर परिषद ईओ की भूमिका पर सवाल थे क्योंकि पोर्टल आईडी उन्हीं के पास थी। कमर्शियल संपत्तियों को रेजिडेंशियल दिखाकर या उनके एरिया को कागजों में कम करके राजस्व को लाखों रुपये का चूना लगाने का खेल खेला गया। इस शुरुआती खुलासे के बाद ही विस्तृत जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब उस पर ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है।
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ईओ और क्लर्क की भूमिका पर सवाल
मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) और संबंधित क्लर्क की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत और क्लर्क स्तर पर आईडी में बदलाव किए बिना गड़बड़ मुमकिन नहीं था। शहरवासियों में रामेश्वर फौजी, प्रवेश बंसल आदि का कहना है कि अगर गड़बड़ हुई है तो जांच रिपोर्ट में देरी क्यों की जा रही है। निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच कमेटी को एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। - कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त