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Ambala News: कक्षा प्रबंधन के महत्व पर की चर्चा
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तेपला के नंदलाल गीता विद्या मंदिर में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला में संबोधित करते हुए
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अंबाला। नंदलाल गीता विद्या मंदिर तेपला में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यालय प्रधानाचार्य बलवंत सिंह, मुख्य प्रशिक्षक अंशुमन और अनुपमा व 55 आचार्य, भैया, दीदी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य शैक्षिक कौशल को और बेहतर बनाना रहा।
विद्यालय प्रधानाचार्य बलवंत सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।कार्यशाला का शुभारंभ ज्ञान मां सरस्वती के सम्मुख दीप जलाकर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय प्रधानाचार्य बलवंत सिंह ने मुख्य प्रशिक्षकों का परिचय उपस्थित शिक्षकों से करवाया और कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा प्रबंधन पर चर्चा की, जो सत्र का मुख्य विषय रहा।
कार्यशाला का संचालन मुख्य प्रशिक्षक अंशुमन और अनुपमा ने किया। कक्षा प्रबंधन के महत्व पर चर्चा करते हुए अंशुमन ने इस विषय को बहुत ही सरल और प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि अच्छे कक्षा प्रबंधन से ही छात्रों का ध्यान और अनुशासन बनाए रखा जा सकता है, इससे शिक्षण का स्तर ऊंचा होता है। इसके साथ ही अनुपमा ने विभिन्न क्रियाकलाप से कक्षा प्रबंधन के बारे में बताया।
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यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए न केवल प्रेरणा का स्रोत बनी, बल्कि उनके शैक्षिक कौशल को और निखारने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान किया। अंत में सभी शिक्षकों ने इस कार्यशाला से बहुत कुछ सीखने का अनुभव साझा किया और अपने कक्षा प्रबंधन की शैली को और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
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विद्यालय प्रधानाचार्य बलवंत सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।कार्यशाला का शुभारंभ ज्ञान मां सरस्वती के सम्मुख दीप जलाकर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय प्रधानाचार्य बलवंत सिंह ने मुख्य प्रशिक्षकों का परिचय उपस्थित शिक्षकों से करवाया और कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा प्रबंधन पर चर्चा की, जो सत्र का मुख्य विषय रहा।
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कार्यशाला का संचालन मुख्य प्रशिक्षक अंशुमन और अनुपमा ने किया। कक्षा प्रबंधन के महत्व पर चर्चा करते हुए अंशुमन ने इस विषय को बहुत ही सरल और प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि अच्छे कक्षा प्रबंधन से ही छात्रों का ध्यान और अनुशासन बनाए रखा जा सकता है, इससे शिक्षण का स्तर ऊंचा होता है। इसके साथ ही अनुपमा ने विभिन्न क्रियाकलाप से कक्षा प्रबंधन के बारे में बताया।
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यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए न केवल प्रेरणा का स्रोत बनी, बल्कि उनके शैक्षिक कौशल को और निखारने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान किया। अंत में सभी शिक्षकों ने इस कार्यशाला से बहुत कुछ सीखने का अनुभव साझा किया और अपने कक्षा प्रबंधन की शैली को और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।