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‘बाल लीलाओं के अनुभव का अलग आनंद’
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अंबाला सिटी। लक्ष्मी नगर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत सप्ताह अमर कथा में कथा व्यास आचार्य सनातन चैतन्य महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बाल लीलाओं के अनुभव का अपना एक आनंद है। जो भक्त इसका अनुभव कर ले, समझों वह भगवान की शरण में है। भगवान श्रीकृष्ण जी ने गोकुल वासियों को आनंद प्रदान करने के लिए कई बाल लीलाएं की। श्रीकृष्ण गोपियों के यहां जाकर माखन चोरी करते थे, इस कारण उनको माखन चोर कहा गया है।
यह सोचने का विषय है कि मनुष्य के पास किसी वस्तु का अभाव हो, या गलत संगति का प्रभाव हो, या फिर जन्मजात स्वभाव हो, इन तीनों ही परिस्थितियों में इंसान चोरी करता है। इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण जी माखन चुराते थे, क्या बाबा नंद जी के यहां माखन का अभाव था, नहीं बाबा नंद की गोशाला में करीब एक लाख गाय थी। अगर कल्पना की जाए तो उनके यहां कितना दूध, दही व माखन होता होगा। फिर भी श्रीकृष्ण माखन चोरी किया करते थे। भगवान श्रीकृष्ण चाहते थे कि ब्रज की गोपियां यहां के दूध, दहीं व माखन मथुरा के बाजार में बेचने न जाएं।
गोवर्धन लीला का हुआ वर्णन
कथा में सनातन चैतन्य महाराज की ओर से गोचारण लीला, चीर हरण लीला, गोवर्धन लीला व भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोपियों के साथ महारास कथा का श्रवण आदि का प्रसंग सुनाया गया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न भजनों का सुंदर वर्णन किया। जिसमें सभी भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे। भगवान श्रीकृष्ण जी को छप्पन भोग लगाए गए। कथा के समापन पर भगवान की विशेष आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके भागवत पोथी पूजन सुरेश जिंदल प्रधान, निर्मला जिंदल, नवनीत शर्मा, गुलाब सिंह, सुषमा, मनोहर बजाज, शिव शंकर चौरसिया, सूरज प्रकाश गोयल, तरशेम रांव, अनिल कुमार पांडेय, रविंद्र यादव, श्री राधे श्याम परिवार सेवा समिति के सदस्य शिव शंकर चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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यह सोचने का विषय है कि मनुष्य के पास किसी वस्तु का अभाव हो, या गलत संगति का प्रभाव हो, या फिर जन्मजात स्वभाव हो, इन तीनों ही परिस्थितियों में इंसान चोरी करता है। इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण जी माखन चुराते थे, क्या बाबा नंद जी के यहां माखन का अभाव था, नहीं बाबा नंद की गोशाला में करीब एक लाख गाय थी। अगर कल्पना की जाए तो उनके यहां कितना दूध, दही व माखन होता होगा। फिर भी श्रीकृष्ण माखन चोरी किया करते थे। भगवान श्रीकृष्ण चाहते थे कि ब्रज की गोपियां यहां के दूध, दहीं व माखन मथुरा के बाजार में बेचने न जाएं।
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गोवर्धन लीला का हुआ वर्णन
कथा में सनातन चैतन्य महाराज की ओर से गोचारण लीला, चीर हरण लीला, गोवर्धन लीला व भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोपियों के साथ महारास कथा का श्रवण आदि का प्रसंग सुनाया गया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न भजनों का सुंदर वर्णन किया। जिसमें सभी भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमते रहे। भगवान श्रीकृष्ण जी को छप्पन भोग लगाए गए। कथा के समापन पर भगवान की विशेष आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके भागवत पोथी पूजन सुरेश जिंदल प्रधान, निर्मला जिंदल, नवनीत शर्मा, गुलाब सिंह, सुषमा, मनोहर बजाज, शिव शंकर चौरसिया, सूरज प्रकाश गोयल, तरशेम रांव, अनिल कुमार पांडेय, रविंद्र यादव, श्री राधे श्याम परिवार सेवा समिति के सदस्य शिव शंकर चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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