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Ambala News: खुर्जा से पिलखनी तक बिछा डीएफसीसीआईएल का रेलवे ट्रैक, 5500 करोड़ की परियोजना पूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:13 AM IST
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DFCCIL's railway track laid from Khurja to Pilkhani, project worth Rs 5500 crore completed
संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला। उत्तर प्रदेश के खुर्जा से पिलखनी तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर काॅरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) द्वारा रेलवे ट्रैक का काम पूरा कर लिया गया है, जो भी बिजली सहित अन्य संबंधित कार्य थे, वो पूरे कर लिए गए हैं। लगभग 5500 करोड़ रुपये की परियोजना सिरे चढ़ गई है और अब पश्चिम बंगाल से सीधा पंजाब के साहनेवाल तक मालगाड़ियों का आवागमन शुरु हो गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत लगभग 397 किमी लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया गया है जोकि मालगाड़ियों के सुरक्षित संचालन में काफी कारगर सिद्ध होगा। इस पूरे रेलवे ट्रैक पर 36 रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं।

प्राथमिक चरण में पिलखनी से साहनेवाल तक हुआ काम
इस परियोजना के तहत प्राथमिक चरण में पहले यूपी के पिलखनी स्टेशन से साहनेवाल तक लगभग 175 किमी लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया गया था। इस ट्रैक पर 14 नए रेलवे स्टेशन बनाए गए थे जोकि अब मालगाड़ियों के संचालन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं, इसके अलावा सामान उतारने व चढ़ाने के लिए भी अलग से शेड की व्यवस्था की गई है, जबकि सामान की सुरक्षा के लिए भी स्टोर रूम बनाए गए हैं।
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सुरक्षा उपकरणों से लैस सेक्शन
खुर्जा से साहनेवाल तक बिछाए गए डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर कई प्रकार के विशेष सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं, इसके अलावा ट्रैक के संवेदनशील स्थानों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, वहीं ट्रेनों के निर्विघ्न संचालन के लिए भी रेलवे ट्रैक के ईद-गिर्द सीमेंट की दीवार और फेंसिंग की गई है ताकि जाने-अनजाने में कोई पशु आदि रेलवे ट्रैक पर न पहुंच पाए।
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प्रशिक्षित स्टाफ कर रहा संचालन
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर रेल सेक्शन पर 200 से अधिक प्रशिक्षित स्टाफ को लगाया गया है, इसमें चालक व परिचालक के अलावा गार्ड शामिल है। इन तीनों कर्मचारियों को मालगाड़ी पर भेजने से पहले पूरी तरह से प्रशिक्षित किया जाता है, इसके बाद उनकी मौखिक व लिखित तौर पर परीक्षा भी ली जाती है। इस दौरान यह आकलन किया जाता है कि कर्मचारी मानसिक व शारीरिक रूप से मालगाड़ी के संचालन में सक्षम हैं या नहीं।

न्यू सरहिंद के पास हुआ था हादसा
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर दो जून 2024 को एक हादसा हुआ था। इस दौरान पहले से रेलवे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी में दूसरी मालगाड़ी टकरा गई थी। इस मामले में मालगाड़ी के लोको व सह लोको पायलट की खामी मिली थी, जिन्हें निलंबित कर दिया गया था। इस दौरान कॉरिडोर के उच्चाधिकारियों ने फैसला किया था कि रात के समय चलने वाली मालगाड़ियों की भी विशेष निगरानी की जाएगी और उच्चाधिकारी खुद रात के समय मालगाड़ी में चढ़कर ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों से मंत्रणा करके, उनकी कार्यशैली पर भी नजर रखेंगे।


अंबाला रेल मंडल के अधीन पहले पिलखनी से साहनेवाल तक डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का सेक्शन था जोकि अब खुर्जा तक हो गया है। पश्चिम बंगाल से सीधा मालगाड़ियां अब खुर्जा तक आ रही हैं जोकि पंजाब के साहनेवाल स्टेशन तक चलाई जा रही हैं। इस सेक्शन के पूरा होने से व्यापारियों को काफी फायदा हो रहा है।
- पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला
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