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Ambala News: हाई रिस्क क्षेत्रों में बच्चों को खिलाई कृमिनाशक दवा
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अंबाला सिटी के ओपीएस स्कूल में छात्रों को गोली देते हुए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र कौर: ंस
अंबाला। जिले में नेशनल डी-वार्मिंग डे पर स्वास्थ्य विभाग ने जागरूक अभियान चलाया। 369 हाई रिस्क क्षेत्रों में जाकर बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई गई, साथ ही पेट दर्द से जुड़ी बीमारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। इसी को लेकर कैंट के नागरिक अस्पताल परिसर में विशेष कार्यक्रम हुआ। स्कूल हेल्थ की टीम द्वारा मरीजों के साथ-साथ आने वाले बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई।
पीएमओ डॉक्टर पूजा पेंटल ने पेट के कीड़ों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एल्बेंडाजोल की टेबलेट बच्चों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि अक्सर पेट में कीड़े होने से बच्चों में खून की कमी, कमजोरी, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, भूख की कमी हो जाती है। ऐसे में पढ़ाई पर असर जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। समय पर दवा देने से न केवल बच्चों को इन परेशानियों से बचाया जा सकता है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद मिलती है। इस अवसर पर डॉक्टर नीनू गांधी, डॉक्टर जोगिंदर सिंह, डॉक्टर खुशबू, फार्मासिस्ट सचिन, काउंसलर शालिनी, एएनएम सुमन व अन्य स्टाफ मौजूद रही।
प्राइवेट स्कूलों में भी बच्चों को खिलाई दवा
इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में भी यह अभियान चलाया गया। वहां स्कूली बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई और शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी इस विषय में जागरूक किया गया कि बच्चों को नियमित रूप से डी-वार्मिंग की दवा दिलाना क्यों आवश्यक है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कवर करने के उद्देश्य से चलाया गया है।
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पीएमओ डॉक्टर पूजा पेंटल ने पेट के कीड़ों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एल्बेंडाजोल की टेबलेट बच्चों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि अक्सर पेट में कीड़े होने से बच्चों में खून की कमी, कमजोरी, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, भूख की कमी हो जाती है। ऐसे में पढ़ाई पर असर जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। समय पर दवा देने से न केवल बच्चों को इन परेशानियों से बचाया जा सकता है, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद मिलती है। इस अवसर पर डॉक्टर नीनू गांधी, डॉक्टर जोगिंदर सिंह, डॉक्टर खुशबू, फार्मासिस्ट सचिन, काउंसलर शालिनी, एएनएम सुमन व अन्य स्टाफ मौजूद रही।
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प्राइवेट स्कूलों में भी बच्चों को खिलाई दवा
इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में भी यह अभियान चलाया गया। वहां स्कूली बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई और शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी इस विषय में जागरूक किया गया कि बच्चों को नियमित रूप से डी-वार्मिंग की दवा दिलाना क्यों आवश्यक है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कवर करने के उद्देश्य से चलाया गया है।

अंबाला सिटी के ओपीएस स्कूल में छात्रों को गोली देते हुए डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बलविंद्र कौर: ंस
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