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सर्व दुख निवारिणी और भव सागर तारिणी है श्रीमद्भागवत गीता: ज्ञानानंद
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Devotional
- फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। श्रीमद्भगवत गीता पतित पावनी सर्व दु:ख निवारिणी और भव सागर तारिणी है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने श्रीकृष्ण कृपा गीता मंदिर में चल रहे सत्संग समारोह के दौरान संगत को संबोधित करते हुए यह बात कही। कहा कि श्रीमद्भगवत गीता वास्तव में समूचे विश्व में एक अनुपम, अद्वितीय सद्ग्रंथ है। किसी ने इसे कोहिनूर कहा, किसी ने इसे अनमोल रत्न कहकर महिमा मंडित किया।
ज्ञानानंद महाराज ने गीता के बारे में प्रचलित एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि महाराजा रणजीत सिंह के पास कोहिनूर हीरा था। जहां वे उस कोहिनूर हीरे को रखते थे उसके साथ श्रीमद्भगवत गीता भी रखते थे। अक्सर कहा करते थे कि उनके पास एक नहीं बल्कि दो-दो कोहिनूर हैं। उन्होंने कहा कि गीता का प्रत्येक शब्द एवं भाव सीधे तौर पर मानव जीवन से जुड़ा हुआ है। श्रीमद्भगवद् गीता के 12वें अध्याय पर चल रही चर्चा को आगे आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि इस अध्याय के 13 से 20 तक के आठ श्लोक अपने-आप में संजीवनी का काम करते हैं, इस अवसर पर रसिक रत्न द्वारा जब भजन -‘उपदेश है गीता का मानव कल्याण के लिए, अर्जुन तो बहाना
है गीता ज्ञान के लिए’ और पवन गुंबर ने - ‘श्रीराधे तेरा लख-लख शुक्राना, बना दिया है तूने हमको अपना दीवाना’ गाया तो श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए।
शहर के विधायक असीम गोयल, पूर्व भाजपा अध्यक्ष जगमोहन लाल कुमार, सतीश चावला, सतीश कपूर, अशोक चावला, रविन्द्र चोपड़ा, पंडित तिलक राज, राजू चावला, दिनेश ग्रोवर, रमेश सचदेवा आदि ने आरती की।
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ज्ञानानंद महाराज ने गीता के बारे में प्रचलित एक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि महाराजा रणजीत सिंह के पास कोहिनूर हीरा था। जहां वे उस कोहिनूर हीरे को रखते थे उसके साथ श्रीमद्भगवत गीता भी रखते थे। अक्सर कहा करते थे कि उनके पास एक नहीं बल्कि दो-दो कोहिनूर हैं। उन्होंने कहा कि गीता का प्रत्येक शब्द एवं भाव सीधे तौर पर मानव जीवन से जुड़ा हुआ है। श्रीमद्भगवद् गीता के 12वें अध्याय पर चल रही चर्चा को आगे आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि इस अध्याय के 13 से 20 तक के आठ श्लोक अपने-आप में संजीवनी का काम करते हैं, इस अवसर पर रसिक रत्न द्वारा जब भजन -‘उपदेश है गीता का मानव कल्याण के लिए, अर्जुन तो बहाना
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है गीता ज्ञान के लिए’ और पवन गुंबर ने - ‘श्रीराधे तेरा लख-लख शुक्राना, बना दिया है तूने हमको अपना दीवाना’ गाया तो श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए।
शहर के विधायक असीम गोयल, पूर्व भाजपा अध्यक्ष जगमोहन लाल कुमार, सतीश चावला, सतीश कपूर, अशोक चावला, रविन्द्र चोपड़ा, पंडित तिलक राज, राजू चावला, दिनेश ग्रोवर, रमेश सचदेवा आदि ने आरती की।
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