फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Devotees took blessings of Mother Brahmacharini

भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी का लिया आशीर्वाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 01:09 AM IST
विज्ञापन
Devotees took blessings of Mother Brahmacharini
अंबाला सिटी। नवरात्र के दूसरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां के दर्शन के लिए श्रद्घालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। जब बारी आई तो मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्घि की कामना की। रविवार को जिले भर के देवी मंदिरों के बाहर मेले जैसा नजारा रहा।
विज्ञापन

वहीं शाम को कीर्तन व जागरण का आयोजन हुआ। शहर के सेक्टर-10 स्थित वैष्णो देवी मंदिर, अंबिका माता मंदिर, दुखभंजनी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष पूजा की गई। ऐसी ही स्थिति शाम को भी दिखाई दी। जहां देवी मंदिरों में नजारा देखते ही बन रहा था। रंग-बिरंगे झालरों व फूल मालाओं से सजे मंदिर रात में अपनी भव्यता बिखेर रहे थे। मां को नारियल व चुनरी चढ़ाकर भक्तों ने आशीर्वाद लिया।
विज्ञापन

ऐसे करें पूजा
पंडित पंकज ने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मां भगवती की तृतीय शक्ति मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। नवरात्र उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है। इस दिन मां चंद्रघंटा के विग्रह की पूजा-आराधना की जाती है। मां चंद्रघंटा शत्रुहंता के रूप में विख्यात हैं। ऐसे में सोमवार को चैत्र नवरात्र तृतीया है। माना जाता है कि देवी चंद्रघंटा की पूजा और भक्ति करने से आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। जो भी माता के तीसरे रूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना करता है, उनको मां की कृपा प्राप्त होती है। मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाएं और इसी का दान भी करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और सभी दुखों का नाश करती हैं। भोग के रूप में यदि मां चंद्रघंटा को मखाने की खीर का भोग लगाया जाए तो यह उत्तम रहेगा। पूजा के लिए सर्वप्रथम ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि करने के पश्चात पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कें। अब मां चंद्रघंटा का ध्यान करें और उनके समक्ष दीपक प्रज्ज्वलित करें। अब माता रानी को अक्षत, सिंदूर, पुष्प आदि चीजें अर्पित करें। इसके बाद मां को प्रसाद के रूप में फल और मखाने की खीर अर्पित करें। फिर मां चंद्रघंटा की आरती करें। पूजा के पश्चात क्षमा याचना करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed