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निर्णय शक्ति का विकास ही महिला सशक्तीकरण का सही पैमाना
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राजकीय महाविद्यालय नारायणगढ़ में महिला प्रकोष्ठ के तत्वधान में आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार के आय?
- फोटो : Ambala
नारायणगढ़। राजकीय महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में वीरवार को राष्ट्रस्तरीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. देवेंद्र ढींगरा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वेबिनार में उत्तर प्रदेश, पूर्व बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पंजाब, नई दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश) के लगभग 400 प्रतिभागी शामिल हुए। वेबिनार का मुख्य विषय ‘आधुनिक दुनिया में महिला सशक्तीकरण का महत्व’ रहा। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में कॉरपोरेट ट्रेनर (लाइफ कोच) नोएडा से निधि सैनी शामिल हुईं। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि महिलाओं में निर्णय शक्ति का विकास ही महिला सशक्तीकरण का सही पैमाना है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का मुख्य लाभ समाज से जुड़ा है। अगर हमें देश को शक्तिशाली बनाना है तो उसके लिए महिलाओं को भी शक्तिशाली बनाने की जरूरत है। महिलाओं के विकास का मतलब महिलाओं को इस काबिल बनाना है कि वे स्वयं और अपने परिवार से जुड़े निर्णय लेने में सक्षम हों। मुख्य वक्ता ने बताया कि अपनी निजी स्वतंत्रता और चयन का फैसला लेने के लिए महिलाओं को अधिकार देने और समाज में उनके वास्तविक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना होगा। तभी हमारे समाज और देश का विकास होगा। महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. रेनू ने कहा कि आजकल हर क्षेत्र में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। सरकार ने महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।
इन योजनाओं से सरकार महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है। प्रो. चंचल ने मुख्य वक्ता और वेबिनार में जुड़े सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ समिति के सभी सदस्यों प्रो. शुभम, प्रो. सपना सैनी, प्रो. राजरानी, प्रो.मनीषा, प्रो.सपना गुप्ता, प्रो. इंदु धीमान, प्रो. राजेंद्र व प्रो. निशा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस मौके पर प्रो. रीमा संधू, डॉ. राजीव गोयल, संदीप एलए, प्रो. संजीव कुमार (इतिहास विभाग), प्रो.संजीव अग्रवाल, प्रो. सुमन लता, प्रो. मनीषा अरोड़ा, प्रो.गुरप्रीत, प्रो. प्रिया मलिक, प्रो. मृदुल ढींगरा मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का मुख्य लाभ समाज से जुड़ा है। अगर हमें देश को शक्तिशाली बनाना है तो उसके लिए महिलाओं को भी शक्तिशाली बनाने की जरूरत है। महिलाओं के विकास का मतलब महिलाओं को इस काबिल बनाना है कि वे स्वयं और अपने परिवार से जुड़े निर्णय लेने में सक्षम हों। मुख्य वक्ता ने बताया कि अपनी निजी स्वतंत्रता और चयन का फैसला लेने के लिए महिलाओं को अधिकार देने और समाज में उनके वास्तविक अधिकारों को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना होगा। तभी हमारे समाज और देश का विकास होगा। महिला प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. रेनू ने कहा कि आजकल हर क्षेत्र में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। सरकार ने महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।
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इन योजनाओं से सरकार महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है। प्रो. चंचल ने मुख्य वक्ता और वेबिनार में जुड़े सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ समिति के सभी सदस्यों प्रो. शुभम, प्रो. सपना सैनी, प्रो. राजरानी, प्रो.मनीषा, प्रो.सपना गुप्ता, प्रो. इंदु धीमान, प्रो. राजेंद्र व प्रो. निशा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस मौके पर प्रो. रीमा संधू, डॉ. राजीव गोयल, संदीप एलए, प्रो. संजीव कुमार (इतिहास विभाग), प्रो.संजीव अग्रवाल, प्रो. सुमन लता, प्रो. मनीषा अरोड़ा, प्रो.गुरप्रीत, प्रो. प्रिया मलिक, प्रो. मृदुल ढींगरा मौजूद रहे।
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