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Ambala News: भागवत कथा में गोवर्धन लीलाओं का वर्णन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Oct 2024 06:10 AM IST
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Description of Govardhan Leelas in Bhagwat Katha
छावनी के करधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु कथा का श्रवण करते हुए।
अंबाला। छावनी के करधान में भक्त बांधव समिति की ओर से श्री कुंज बिहारी गौडीय मठ के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रीपाद भक्ति वेदांत सिद्धांति महाराज ने बड़े सुंदर रूप से भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
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उन्होंने बताया की छोटे से बालक कृष्ण ने पूतना वध, तरनावृत, सकटासुर राक्षसों का वध किया। उन्होंने बताया कि कृष्ण जी बैल, गाय के साथ खेलते हैं। किस प्रकार से एक छोटा सा बछड़ा बालक कृष्ण को घसीट कर ले जा रहा है, क्योंकि वहां पर कृष्ण भगवान का स्वरूप प्रकट नहीं करते, बल्कि वह तो मैया यशोदा के छोटे से बालक हैं।
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एक दिन वह मैया को पकवान बनते हुए देखते हैं तो पूछते हैं कि मैया क्या आज मेरा जन्मदिन है, माता कहती है बालक मुझे अभी बहुत सारे काम है जा अपने बाबा से पूछ ले। कन्हैया बाबा के पास जाते हैं, नंद बाबा बड़े प्रसन्न होते हैं कि मेरा सात वर्ष का बालक अब प्रश्न पूछने लगा है। उन्होंने बताया कि हम इंद्र देवता की प्रसन्नता के लिए अन्नकूट महोत्सव मनाते हैं।
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कृष्ण है तो भगवान ही, वह यह सोच रहे है मैं तो किसी से कुछ नहीं मांगता और सबको सब कुछ प्रदान करता हूं परंतु यह इंद्र क्यों अपनी पूजा करवा के मेरे बृजवासियों से सेवा ग्रहण कर रहा है। उन्होंने कहा बाबा आज से आपको किसी इंद्र की पूजा करने की आवश्यकता नहीं है। मैं आपको एक देवता बताता हूं आप सिर्फ उनकी पूजा करो। सभी बृजवासी बहुत सुंदर पकवान बनाकर लेकर जाते हैं और बहुत सारी भोजन सामग्री जैसे मालपुआ, खीर, हलवा, पूरी, सब्जी और लड्डू इत्यादि का पर्वत सा बना दिया जाता है, जिसको अन्नकूट कहा जाता है।

अब भोग निवेदित किया जाता है और बृजवासियों को दोगुना प्रसाद प्राप्त होता है। इसके बाद बड़े सुंदर रूप से सभी बृजवासी परिक्रमा करते हैं। भागवत का दशम स्कंध जो भगवान कृष्ण के मुख मंडल के का स्वरूप है। इस दौरान गोवर्धन जी को भक्तों द्वारा लाई हुई सामग्री भोग के रूप में निवेदित की गई और भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। ऐसा लग रहा था जैसे मानो जंगल में मंगल हो गया है,
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