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अंबाला में डेंगू के डंक से दहश्ात
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Tue, 22 Jul 2014 12:57 AM IST
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कैंट के पॉलम विहार-डी में डेंगू ने डंक मार दिया है। यहां पर एक पूरा परिवार डेंगू की चपेट में आ गया है। परिवार के किशोर को मेडिकल जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। इलाके के लोगों में दहशत फैल गई है। यहां जल जनित बीमारियों का खतरा सता रहा है, क्योंकि पूरी कॉलोनी में साल भर से बरसाती पानी जमा हुआ है जिस कारण यहां यहां मच्छरों की भरमार है।
अब गंभीर है किशोर चिराग
पिछले दिनों अचानक पिता को बुखार हुआ। मेडिकल जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। पिता का का इलाज पीजीआई तक चला, लेकिन पिता गोविंद ने दम तोड़ दिया। उसके कुछ दिन बाद गोविंद राम की बेटी को बुखार हो गया। हालत काफी गंभीर हो गई। उसे भी पीजीआई रेफर किया गया। बड़ी मुश्किल से उसकी जान बच पाई। अभी बेटी घर पर है, लेकिन बहुत कमजोर है। अब गोविंद राम के बेटे चिराग को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। मेडिकल जांच में चिराग को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। रविवार को उनके खून में प्लेटलेट्स 1 लाख 9 हजार थे, लेकिन सोमवार को प्लेटलेट्स घटकर 88 हजार रह गए। फिलहाल चिराग का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
लोग बोले, कब जागेंगे निगम के अफसर
स्थानीय निवासी प्रशांत, सुमेश चंद्र, अरुण कुमार, राजन और सौरभ के अनुसार यहां एक व्यक्ति की डेंगू से मौत हो चुकी है। एक युवती बड़ी मुश्किल से बची और एक किशोर डेंगू की चपेट में है। इसके अलावा इलाके में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें बुखार की शिकायत है। वे भी अपने स्तर पर अपनी मेडिकल जांच करवा रहे हैं ताकि पता चल सके कि उन्हें किस तरह का बुखार है। लोगों के अनुसार उसके बावजूद भी म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के अफसर और मेयर की नींद इन बरसाती पानी से घिरे इलाकों को लेकर नहीं टूटी है। आज तक यहां पर फोगिंग नहीं करवाई गई।
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पानी से घिरी हैं 45 कॉलोनियां
कैंट की 45 कॉलोनियां अभी भी पूरी तरह बरसाती पानी से घिरी हैं। इन कॉलोनियों में पूरे साल पानी जमा रहता है। यहां के लोग म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला से इन इलाकों में मोटरें लगवाकर बरसाती पानी निकालने की मांग करते रहते हैं, लेकिन एमसीए के अफसर नहीं जागे। अब फिर बरसात का सीजन है। यहां मच्छरों व जहरीले कीड़ों की भरमार है। यदि म्यूनिसिपल कारपोरेशन के अफसरों व मेयर ने यहां जमा गंदा पानी नहीं निकलवाया तो मलेरिया व डेंगू और ज्यादा फैल सकते हैं।
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अब गंभीर है किशोर चिराग
पिछले दिनों अचानक पिता को बुखार हुआ। मेडिकल जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। पिता का का इलाज पीजीआई तक चला, लेकिन पिता गोविंद ने दम तोड़ दिया। उसके कुछ दिन बाद गोविंद राम की बेटी को बुखार हो गया। हालत काफी गंभीर हो गई। उसे भी पीजीआई रेफर किया गया। बड़ी मुश्किल से उसकी जान बच पाई। अभी बेटी घर पर है, लेकिन बहुत कमजोर है। अब गोविंद राम के बेटे चिराग को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। मेडिकल जांच में चिराग को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। रविवार को उनके खून में प्लेटलेट्स 1 लाख 9 हजार थे, लेकिन सोमवार को प्लेटलेट्स घटकर 88 हजार रह गए। फिलहाल चिराग का इलाज प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
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लोग बोले, कब जागेंगे निगम के अफसर
स्थानीय निवासी प्रशांत, सुमेश चंद्र, अरुण कुमार, राजन और सौरभ के अनुसार यहां एक व्यक्ति की डेंगू से मौत हो चुकी है। एक युवती बड़ी मुश्किल से बची और एक किशोर डेंगू की चपेट में है। इसके अलावा इलाके में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें बुखार की शिकायत है। वे भी अपने स्तर पर अपनी मेडिकल जांच करवा रहे हैं ताकि पता चल सके कि उन्हें किस तरह का बुखार है। लोगों के अनुसार उसके बावजूद भी म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के अफसर और मेयर की नींद इन बरसाती पानी से घिरे इलाकों को लेकर नहीं टूटी है। आज तक यहां पर फोगिंग नहीं करवाई गई।
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पानी से घिरी हैं 45 कॉलोनियां
कैंट की 45 कॉलोनियां अभी भी पूरी तरह बरसाती पानी से घिरी हैं। इन कॉलोनियों में पूरे साल पानी जमा रहता है। यहां के लोग म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला से इन इलाकों में मोटरें लगवाकर बरसाती पानी निकालने की मांग करते रहते हैं, लेकिन एमसीए के अफसर नहीं जागे। अब फिर बरसात का सीजन है। यहां मच्छरों व जहरीले कीड़ों की भरमार है। यदि म्यूनिसिपल कारपोरेशन के अफसरों व मेयर ने यहां जमा गंदा पानी नहीं निकलवाया तो मलेरिया व डेंगू और ज्यादा फैल सकते हैं।