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दो जगह से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी, होगी जांच
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शहर निवासी बिमला देवी की 2017 में बीमारी के कारण चंडीगढ़ के सेक्टर 16 के अस्पताल में मौत हो गई। मौत से पहले वे चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में रह रही थी, लेकिन उनका संस्कार अंबाला में हुआ। इसी वजह से उनके बेटों को दोनों जगह से सर्टिफिकेट जारी हो गए। महिला के छोटे बेटे नीरज को इस बारे में करीब 10 महीने बाद पता चला तो उन्होंने नगर निगम में अंबाला में शिकायत करते हुए इस सर्टिफिकेट को रद्द करने के लिए आवेदन किया। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बारे में छोटे बेटे ने कई बार निगम आयुक्त और रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु शाखा अंबाला शहर नगर निगम से कई बार पत्राचार भी किया। वहीं नगर निगम की टीम ने इस बारे में चंडीगढ़ रजिस्ट्रार बर्थ एंड डैथ रजिस्टर से भी मौत के स्थान की पुष्टि कर ली है।
दरअसल बिमला देवी मूल रूप से अंबाला शहर सेक्टर-7 की रहने वाली थी। उनके दो बेटे सुनील जैन और नीरज जैन हैं। मौत से पहले बिमला देवी नीरज जैन के पास चंडीगढ़ में रह रही थी। बीमार होने के कारण उनका इलाज यही से चल रहा था। 3 नवंबर 2017 को अचानक बिमला देवी की हालत बिगड़ गई। नीरज अपनी मां को इस दिन पड़ोसियों की मदद से सेक्टर-16 चंडीगढ़ अस्पताल लेकर गए। यहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नीरज अपनी मां को अंबाला शहर ले गए। यहां पर शहर स्थित गोबिंदपुरी श्मशान घाट में उनका संस्कार किया गया। इसी एवज में महिला के बडे़ बेटे सुनील जैन ने नगर निगम में आवेदन कर मृत्यु का स्थान अंबाला शहर सेक्टर-7 बताकर मृत्यु सर्टिफिकेट यहां से जारी करवा लिया। उधर नीरज को चंडीगढ़ सेक्टर-16 अस्पताल से सर्टिफिकेट जारी हो गया। नगर निगम कर्मचारियों ने इस सर्टिफिकेट को जारी करने में इतना उतावलापन दिखाया कि 7 नवंबर 2017 को सुनील जैन ने सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया। इसी दिन नगर निगम कर्मचारियों ने उन्हें सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इसमें किसी की गवाही और शपथपत्र भी नहीं लगाया गया।
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इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र खडगटा, निगम आयुक्त।
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दरअसल बिमला देवी मूल रूप से अंबाला शहर सेक्टर-7 की रहने वाली थी। उनके दो बेटे सुनील जैन और नीरज जैन हैं। मौत से पहले बिमला देवी नीरज जैन के पास चंडीगढ़ में रह रही थी। बीमार होने के कारण उनका इलाज यही से चल रहा था। 3 नवंबर 2017 को अचानक बिमला देवी की हालत बिगड़ गई। नीरज अपनी मां को इस दिन पड़ोसियों की मदद से सेक्टर-16 चंडीगढ़ अस्पताल लेकर गए। यहां उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नीरज अपनी मां को अंबाला शहर ले गए। यहां पर शहर स्थित गोबिंदपुरी श्मशान घाट में उनका संस्कार किया गया। इसी एवज में महिला के बडे़ बेटे सुनील जैन ने नगर निगम में आवेदन कर मृत्यु का स्थान अंबाला शहर सेक्टर-7 बताकर मृत्यु सर्टिफिकेट यहां से जारी करवा लिया। उधर नीरज को चंडीगढ़ सेक्टर-16 अस्पताल से सर्टिफिकेट जारी हो गया। नगर निगम कर्मचारियों ने इस सर्टिफिकेट को जारी करने में इतना उतावलापन दिखाया कि 7 नवंबर 2017 को सुनील जैन ने सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया। इसी दिन नगर निगम कर्मचारियों ने उन्हें सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इसमें किसी की गवाही और शपथपत्र भी नहीं लगाया गया।
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इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र खडगटा, निगम आयुक्त।