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Ambala News: दादा की अंगुली थाम पहुंचे स्वीमिंग पूल, फ्री स्टाइल में श्रेष्ठ तैराक बने राम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2024 10:18 PM IST
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Dada ki Anguli Tham reached the swimming pool, Ram became the best freestyle swimmer
खेल महाकुंभ के बॉ​क्सिंग  ट्रायल में ​विजेता ​खिलाड़ी
अंबाला। राम स्वरूप शर्मा का तैराकी में खिलाड़ी से लेकर कोच बनने का सफर बहुत ही रोचक है। वह तैराकी में फ्री स्टाइल में माहिर थे। जो हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायक है। राम बताते हैं कि वर्ष 1998 में वह सात साल के थे। उस दौरान वह अपने दादा जय गोपाल शर्मा के साथ छावनी के वार हीरोज मेमोरियल स्टेडियम गए थे। जहां पर दादा जय गोपाल शर्मा ने उन्हें स्वीमिंग पूल के पास ले गए और राम को स्वीमिंग सीखने के लिए प्रेरित किया।
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उस दौरान यह स्वीमिंग पूल खुला हुआ करता था। दादा की बात मानते हुए राम ने स्वीमिंग सीखनी शुरू कर दी। इसके कुछ समय बाद ही यह स्वीमिंग पूल निजी कारणों के चलते बंद हो गया, और वर्ष 2005 तक बंद रहा। इसके बाद भी राम का हौंसला नहीं टूटा और उन्होंने अपनी तैराकी सीखनी जारी रखी। मौजूद समय में वह छावनी के ऑल वेदर स्वीमिंग पूल में बच्चों को तैराकी के गुर सीखा रहे हैं।
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छह साल तक की स्वीमिंग की प्रैक्टिस

छावनी का स्वीमिंग पूल बंद होने के बाद तैराकी को जैसे ग्रहण लग गया। लेकिन राम ने हार नहीं मानी और वह बस के माध्यम से कभी चंडीगढ़ के सेक्टर 11 राजकीय कालेज में बने स्वीमिंग पूल तो कभी कुरुक्षेत्र के स्टेडियम में बने स्वीमिंग पूल में तैराकी करने के लिए जाते थे। इसके लिए वह अपने घर से दोपहर तीन बजे निकलते थे। दो घंटे की प्रैक्टिस के बाद वह रात आठ बजे वापस घर पहुंचते थे। राम ने छह साल तक तैराकी की प्रैक्टिस जारी रखी।
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दो साल तक खेले स्टेट चैंपियनशिप
वर्ष 2007 और 2008 में राम ने लगातार दो साल तक स्टेट चैंपियनशिप खेली और दोनों में पदक हासिल किए। इसके बाद 2009 में नेशनल जूनियर चैंपियनशिप में भाग लिया। इसी तरह से 2010 में उन्होंने सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भाग लिया। वर्ष 2011 में इंटर कालेज चैंपियनशिप खेली जिसमें उन्होंने पदक हासिल किया तथा 2011 में ही ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी खेली में इसमें भी एक पदक प्राप्त किया। इसके अलावा राम ने और भी चैंपियनशिप में भाग लिया। इस तरह उन्होंने कुल मिलाकर 20 पदक प्राप्त किए। इसके बाद पूर्व डिप्टी डायरेक्टर अरूणकांत के कहने पर राम ने 2013 में बंगलौर स्थित एनआईएस से कोचिंग का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के बाद एक साल तक प्राइवेट संस्थान में स्वीमिंग का प्रशिक्षण दिया।

साल 2014 में लगी नौकरी
साल 2014 में उनकी छावनी के स्टेडियम में सरकारी कोच की नौकरी लग गई। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने बंद स्वीमिंग पूल का शुरू कराया। वर्ष 2016 में स्टेट टूर्नामेंट हुए, जिसमें उनके खिलाड़ियों को चार पदक मिले। 2017 में स्टेट टुर्नामेंट 10 पदक मिले। इसके बाद उन्होंने आल वेदर स्वीमिंग पूल की डिमांड रखी पूर्व गृहमंत्री अनिल विज के प्रयासों से 2022 में आल वेदर स्वीमिंग पूल बनकर तैयार हुआ। इस दौरान वह बच्चों को कभी आईपीएस तो कभी शहर के कांचघर स्थित स्वीमिंग पूल में ट्रेनिंग देते थे। खेलो इंडिया के आयोजन पर वह हरियाणा की टीम के कोच बने इस चैंपियनशिप में आठ पदक आए थे, 2022 में 29 पदक आए, 2023 में 42 पदक आए। वहीं 2023 में पैरालंपिक के एक खिलाड़ी ने कांस्य पदक जीता। अकेडमी में राम के द्वारा दी गई ट्रेनिंग के चलते तीन खिलाड़ियों की सरकारी नौकरी लगी। जिसमें दो खिलाड़ी अजय और विजय अग्निवीर बने। एक खिलाड़ी मधु सूदन की डाकघर में नौकरी लगी है मौजूदा समय में वह देहरादून में तैनात हैं। तीनों ही खिलाड़ी खेल के साथ साथ नौकरी कर रहे हैं।
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