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धान की जगह हाईब्रिड सब्जियां व फल लगाने पर सरकार देगी 15 हजार अनुदान
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तरुण अग्रवाल
अंबाला सिटी। भूमिगत जल संरक्षण के लिए सरकार अंबाला बागवानी विभाग को इस बार 2500 एकड़ में धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को ऐसे किसानों को फल व सब्जियां लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने पिछले साल धान की पैदावार की है। सरकार द्वारा मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में उतरते हुए किसानों को योजनाओं के लाभ गिना रहे हैं। साथ ही बता रहे हैं कि अगर किसान धान वाली जमीन पर हाईब्रिड फल एवं सब्जियां लगाते हैं तो प्रति एकड़ किसान को सीधे तौर पर 15 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा जो फसल बेचने से मुनाफा होगा, वह अलग है। योजना से प्रोत्साहित किसानों का साथ ही साथ मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है। अभी तक साढ़े 300 से अधिक किसानों ने 700 से अधिक एकड़ जमीन पर धान के स्थान पर फल एवं सब्जियां लगाने की इच्छा जाहिर की है। वहीं, यह प्रक्रिया अभी 15 जुलाई तक जारी रहेगी।
सरकार की ओर से योजना चलाई गई है कि जो भी किसान मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की जगह कोई भी अन्य फसल रोपित करता है या जमीन खाली छोड़ता है तो उसे उसे सरकार 7 हजार प्रति एकड़ का अनुदान देगी। इसके अलावा कोई किसान हाईब्रिड फल व सब्जी लगाता है तो उसे क्राप कलस्टर डेवेलपमेंट प्रोग्राम के तहत 8 हजार प्रति एकड़ का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा फसल के अनुसार जो योजना चल रही हुई तो उसका लाभ भी किसानों को मिलेगा।
26 हजार हेक्टेयर में सब्जियां तो 400 में हुआ फलों का उत्पादन
बागवानी विभाग के अनुसार जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर जमीन पर सब्जियों का उत्पादन होता है तो करीब 400 हेक्टेयर में फलों का उत्पादन किया जाता है। जिस रकबे को विभाग किसानों को प्रोत्साहित करते हुए बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, इस समय किसानों को बेल वाली सब्जियां जिसमें घीया तोरी कद्दू लगाने के साथ गोभी व अन्य फसलें लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लेकर कर्मचारी फील्ड में किसानों को प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं। कुछ ही दिनों में हमने 700 से अधिक एकड़ के लक्ष्य को पार कर लिया है। पूरे लक्ष्य को भी जल्द ही पूरा कर लेंगे। जिससे भूमिगत जल को बचाया जा सके।
-अजेश, जिला बागवानी अधिकारी।
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अंबाला सिटी। भूमिगत जल संरक्षण के लिए सरकार अंबाला बागवानी विभाग को इस बार 2500 एकड़ में धान के स्थान पर अन्य फसलें लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को ऐसे किसानों को फल व सब्जियां लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने पिछले साल धान की पैदावार की है। सरकार द्वारा मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में उतरते हुए किसानों को योजनाओं के लाभ गिना रहे हैं। साथ ही बता रहे हैं कि अगर किसान धान वाली जमीन पर हाईब्रिड फल एवं सब्जियां लगाते हैं तो प्रति एकड़ किसान को सीधे तौर पर 15 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा जो फसल बेचने से मुनाफा होगा, वह अलग है। योजना से प्रोत्साहित किसानों का साथ ही साथ मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है। अभी तक साढ़े 300 से अधिक किसानों ने 700 से अधिक एकड़ जमीन पर धान के स्थान पर फल एवं सब्जियां लगाने की इच्छा जाहिर की है। वहीं, यह प्रक्रिया अभी 15 जुलाई तक जारी रहेगी।
सरकार की ओर से योजना चलाई गई है कि जो भी किसान मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की जगह कोई भी अन्य फसल रोपित करता है या जमीन खाली छोड़ता है तो उसे उसे सरकार 7 हजार प्रति एकड़ का अनुदान देगी। इसके अलावा कोई किसान हाईब्रिड फल व सब्जी लगाता है तो उसे क्राप कलस्टर डेवेलपमेंट प्रोग्राम के तहत 8 हजार प्रति एकड़ का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा फसल के अनुसार जो योजना चल रही हुई तो उसका लाभ भी किसानों को मिलेगा।
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26 हजार हेक्टेयर में सब्जियां तो 400 में हुआ फलों का उत्पादन
बागवानी विभाग के अनुसार जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर जमीन पर सब्जियों का उत्पादन होता है तो करीब 400 हेक्टेयर में फलों का उत्पादन किया जाता है। जिस रकबे को विभाग किसानों को प्रोत्साहित करते हुए बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, इस समय किसानों को बेल वाली सब्जियां जिसमें घीया तोरी कद्दू लगाने के साथ गोभी व अन्य फसलें लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लेकर कर्मचारी फील्ड में किसानों को प्रोत्साहित करने का काम कर रहे हैं। कुछ ही दिनों में हमने 700 से अधिक एकड़ के लक्ष्य को पार कर लिया है। पूरे लक्ष्य को भी जल्द ही पूरा कर लेंगे। जिससे भूमिगत जल को बचाया जा सके।
-अजेश, जिला बागवानी अधिकारी।