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Ambala News: जल्द शिफ्ट होगा सीएसडी डिपो, सेना और डीएफसीसीआईएल में सहमति
Sun, 16 Apr 2023 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 16 Apr 2023 02:01 AM IST
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अंबाला। 75 साल पुराने सीएसडी डिपो को शिफ्ट करने का काम इसी माह शुरू हो जाएगा। सेना और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) अधिकारियों में सहमति हो गई है। 25 अप्रैल से सीएसडी डिपो के सामान को नए डिपो में शिफ्ट कर दिया जाएगा और यह कार्य लगभग 15 दिन में पूरा हो जाएगा। इसे तोड़ने के बाद यहां ट्रैक बिछेगा। सीएसडी डिपो के हटते ही लगभग 400 मीटर के हिस्से में रेलवे लाइन बिछाई जाएगी, जो अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की लाइन नौ के नजदीक से निकलेगी और अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे से सहारनपुर की तरफ जा रही रेल लाइन से जोड़ दी जाएगी।
सेना क्षेत्र में बना नया डिपो
रेलवे फ्रेट काॅरिडोर ने अंबाला-दिल्ली नेशनल हाइवे पर सैन्य विश्राम गृह के पास ही नए सीएसडी का निर्माण कराया है। इस पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां सात बड़े गोदाम बने हैं। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यालय, सीसीटीवी रूम, विश्राम गृह का निर्माण हुआ है। नए सीएसडी का अधिकतर काम पूरा हो चुका है। इसलिए अब यहां सामान को शिफ्ट करना बेहद आसान होगा।
शंभू और साहनेवाल के बीच मालगाड़ी जल्द
रेल फ्रेट कॉरिडोर का कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण के तहत लगभग 80 किमी ट्रैक शंभू और साहनेवाल के बीच बिछा दिया है। इस ट्रैक पर बिजली सहित अन्य कार्य चल रहा है। मई से इस सेक्शन पर मालगाड़ियों दौड़ने लगेंगी। दूसरे चरण के तहत पिलखनी से कलानौर तक लगभग 18 किमी के सेक्शन पर रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा। यह कार्य भी जून माह में पूरा कर दिया जाएगा। तीसरे चरण के तहत कलानौर से शंभू तक लगभग 82 किमी ट्रैक बिछाया जा रहा है। इसमें भी 50 किमी ट्रैक बिछा दिया गया है जबकि 32 किमी पर ट्रैक बिछाने का कार्य अगस्त से पहले पूरा कर दिया जाएगा।
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यह परियोजना तीन हजार करोड़ की
सहारनपुर के पिलखनी से लेकर पंजाब के साहनेवाल तक मालगाड़ियों का रेलवे ट्रैक अगस्त 2023 तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस परियोजना पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना 2005 में बनी थी और 2006 में परियोजना को मंजूरी मिली थी। 2015 में बजट पास होते ही कार्य शुरू किया था।
वर्जन
रेलवे कॉलोनी में बने सीएसडी डिपो को शिफ्ट करने के लिए सेना के साथ सहमति बन गई है। 25 अप्रैल से यह काम शुरू हो जाएगा।नया डिपो पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। सामान शिफ्ट होते ही तोड़-फोड़ का कार्य आरंभ हो जाएगा। अगर सब कुछ सही रहा तो आगामी दो माह में ट्रैक बिछाकर मालगाड़ियों का संचालन आरंभ कर दिया जाएगा।
पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल।
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सेना क्षेत्र में बना नया डिपो
रेलवे फ्रेट काॅरिडोर ने अंबाला-दिल्ली नेशनल हाइवे पर सैन्य विश्राम गृह के पास ही नए सीएसडी का निर्माण कराया है। इस पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां सात बड़े गोदाम बने हैं। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यालय, सीसीटीवी रूम, विश्राम गृह का निर्माण हुआ है। नए सीएसडी का अधिकतर काम पूरा हो चुका है। इसलिए अब यहां सामान को शिफ्ट करना बेहद आसान होगा।
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शंभू और साहनेवाल के बीच मालगाड़ी जल्द
रेल फ्रेट कॉरिडोर का कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण के तहत लगभग 80 किमी ट्रैक शंभू और साहनेवाल के बीच बिछा दिया है। इस ट्रैक पर बिजली सहित अन्य कार्य चल रहा है। मई से इस सेक्शन पर मालगाड़ियों दौड़ने लगेंगी। दूसरे चरण के तहत पिलखनी से कलानौर तक लगभग 18 किमी के सेक्शन पर रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा। यह कार्य भी जून माह में पूरा कर दिया जाएगा। तीसरे चरण के तहत कलानौर से शंभू तक लगभग 82 किमी ट्रैक बिछाया जा रहा है। इसमें भी 50 किमी ट्रैक बिछा दिया गया है जबकि 32 किमी पर ट्रैक बिछाने का कार्य अगस्त से पहले पूरा कर दिया जाएगा।
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यह परियोजना तीन हजार करोड़ की
सहारनपुर के पिलखनी से लेकर पंजाब के साहनेवाल तक मालगाड़ियों का रेलवे ट्रैक अगस्त 2023 तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस परियोजना पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना 2005 में बनी थी और 2006 में परियोजना को मंजूरी मिली थी। 2015 में बजट पास होते ही कार्य शुरू किया था।
वर्जन
रेलवे कॉलोनी में बने सीएसडी डिपो को शिफ्ट करने के लिए सेना के साथ सहमति बन गई है। 25 अप्रैल से यह काम शुरू हो जाएगा।नया डिपो पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। सामान शिफ्ट होते ही तोड़-फोड़ का कार्य आरंभ हो जाएगा। अगर सब कुछ सही रहा तो आगामी दो माह में ट्रैक बिछाकर मालगाड़ियों का संचालन आरंभ कर दिया जाएगा।
पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल।