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Ambala Suspicious Cameras: राजमार्ग 44-152 पर मिले 2 संदिग्ध कैमरे, हाईवे पर सेना की मूवमेंट हो सकती है निशाना
Sat, 18 Apr 2026 10:39 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी
Published by: Naveen
Updated Sat, 18 Apr 2026 10:39 AM IST
सार
अंबाला पुलिस में एएसआई रविश कुमार ने बताया कि किसी भी विभाग द्वारा जिम्मेदारी न लेने पर पुलिस ने अफसरों के निर्देशानुसार कैमरों को उतारकर कब्जे में ले लिया। जांच में पाया गया कि कैमरों को चलाने के लिए सोलर प्लेट और लकड़ी के तख्ते का इस्तेमाल किया गया था।
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सीसीटीवी कैमरा (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग 44 व 152 के संगम पर देवीनगर के पास फ्लाईओवर पर मिले दो लावारिस सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इन कैमरों के जरिए साजिश की आशंका जताई है। यह कार्रवाई सदर थाने के एएसआई रविश कुमार की तहरीर पर यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता के तहत देश की संप्रभुता, एकता व अखंडता को खतरे में डालना की धारा 152 व अपराधिक षडयंत्र की धारा 61 के तहत की गई। इन कैमरों का पता 15 फरवरी को लगा था। इसके बाद से पुलिस जांच कर रही थी।
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कैमरे मिलने के बाद से पुलिस ने सीसीटीवी कब्जे में लेकर उनका बैकअप जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी ताकि इस बात का पता लग सके कि इसमें कौन क्या रिकॉर्ड कर रहा पुलिस को शक है कि यह कैमरे किसी खुफिया एजेंसी या देशद्रोही तत्वों द्वारा देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने या जासूसी करने के उद्देश्य से लगाए गए हो सकते हैं।
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सड़क दुर्घटना की जांच करने गए एएसआई ने किया था खुलासा
यह मामला 15 फरवरी को उस समय उजागर हुआ था, जब एएसआई रविश कुमार एक सड़क दुर्घटना के मुकदमे की तफ्तीश के लिए देवीनगर के पास मौका मुआयना कर रहे थे। उन्होंने देखा कि हाईवे के ओवरब्रिज पर दो कैमरे लगे हुए हैं। शक होने पर उन्होंने टोल प्लाजा, एनएचएआई, ट्रैफिक पुलिस व उनकी अलग-अलग ब्रांचों से संपर्क किया, लेकिन किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। ऐसे में मामला संदिग्ध बना गया।
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कैमरों में मिली सिम कार्ड व सोलर प्लेट
एएसआई रविश कुमार ने बताया कि किसी भी विभाग द्वारा जिम्मेदारी न लेने पर पुलिस ने अफसरों के निर्देशानुसार कैमरों को उतारकर कब्जे में ले लिया। जांच में पाया गया कि कैमरों को चलाने के लिए सोलर प्लेट और लकड़ी के तख्ते का इस्तेमाल किया गया था। एक कैमरे से वीआई कंपनी का सिम कार्ड नंबर: 89910276619007840406 बरामद हुआ है, जबकि दूसरा कैमरा बिना सिम के था।
नग्गल में मिला था एक अन्य कैमरा
अंबाला कैंट में सेना की अलग-अलग यूनिट व एयरफोर्स स्टेशन में राफेल तैनात होने के कारण यह आतंकियों के निशाने पर रहता है। संदिग्ध सीसीटीवी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। अप्रैल माह में ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंबाला में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। नग्गल थाना क्षेत्र के मलौर गांव में दबिश देकर एक संदिग्ध सोलर पावर संचालित सीसीटीवी कैमरा बरामद किया था।