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किशोरी ने दिए बयान, एक आरोपी काबू, अन्य की तलाश तेज
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:36 AM IST
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अंबाला सिटी। पुलिस द्वारा बेहोश हालत में सिविल अस्पताल में किशोरी को छोड़कर जाने के मामले में किशोरी ने सीडब्ल्यूसी को दिए बयानों में बताया कि कैसे उसके साथ दरिंदगी हुई है। इसी पर पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को काबू किया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। किशोरी ने बताया है कि तीन लोगों ने उसके साथ गैंग रेप किया है। पुलिस ने जिस आरोपी को काबू किया है, वह नाबालिग है, जबकि अन्य की तलाश में पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस इस मामले में 24 अक्तूबर को इस किशोरी को सिविल अस्पताल बेहोशी की हालत में छोड़कर चली गई थी। उस वक्त ये दर्ज करवाया गया कि किशोरी ने कुछ जहरीला पदार्थ खा लिया है।
उसके बाद इसी दिशा में इलाज चला और गंभीर हालत को देखते हुए बच्ची को पीजीआई रेफर किया गया। 26 अक्तूबर को पीजीआई से बच्ची को वापस अंबाला इलाज के उपचाराधीन भेज दिया गया। तभी से किशोरी सिटी सिविल अस्पताल में भर्ती है। बच्ची के वापस आने की सूचना भी पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने बच्ची की सुध और बयान लेने उचित ही नहीं समझें। स्वास्थ्य विभाग के चीफ मेडिकल अफसर को जब बच्ची के साथ कुछ गलत होने की सूचना मिली तो उन्होंने बच्ची का मेडिकल करवाने हेतु दो महिला डाक्टरों का बोर्ड गठित कर दिया। महिला डाक्टरों ने लड़की के साथ दुराचार होने की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में करके किशोरी के स्वैब सैंपल फोरेंसिक लैब में भेज दिए हैं। इसी मामले में बच्ची की मेडिकल काउंसलर से काउंसलिंग भी करवाई गई, जिसमें बच्ची ने अपने साथ दुराचार होने की बात कबूली और बच्ची ने यही बात अपनी परिजनों को भी बताया। लेकिन फिर भी न तो इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की। मामला सुर्खियां में आने के बाद पुलिस भी हरकत में दिखी और हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड व अंबाला चाइल्डलाइन की टीम भी मौके पर पहुंची।
किशोरी ने सीडब्ल्यूसी में दिए बयानों में बताया कि उसके साथ तीन लोगों ने गैंगरेप किया है। उसने बताया कि इन लोगों ने उन्हें बताया कि उनके घर में वह घरेलू काम कर दे, जिसके बदले में पेमेंट दी जाएगी। जब वह घरेलू काम करने के लिए आई, तो वहां पर पहले से ही दो लड़के मौजूद थे। इन सभी ने उसके साथ दुराचार किया। इसी मामले में अब पुलिस ने किशोरी के बयानों के आधार पर ही एक आरोपी को काबू किया है। अन्य की तलाश जारी है। जिस आरोपी को काबू किया गया है, वह नाबालिग है।
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किशोरी ने सीडब्ल्यूसी में अपना बयान दिया है, जिसमें उसने घटना की पूरी जानकारी दी है। इसमें किशोरी ने बताया है कि उसके साथ दरिंदगी हुई है। मामला काफी संगीन है और इस में आयोग द्वारा पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाएगी। पुलिस ने अपने स्तर पर लापरवाही क्यों बरती और किशोरी का मेडिकल क्यों नहीं कराया?
-सरदार परमजीत सिंह बड़ौला, सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को काबू किया गया है, जो नाबालिग है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- विजय कुमार, थाना प्रभारी बलदेव नगर
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उसके बाद इसी दिशा में इलाज चला और गंभीर हालत को देखते हुए बच्ची को पीजीआई रेफर किया गया। 26 अक्तूबर को पीजीआई से बच्ची को वापस अंबाला इलाज के उपचाराधीन भेज दिया गया। तभी से किशोरी सिटी सिविल अस्पताल में भर्ती है। बच्ची के वापस आने की सूचना भी पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने बच्ची की सुध और बयान लेने उचित ही नहीं समझें। स्वास्थ्य विभाग के चीफ मेडिकल अफसर को जब बच्ची के साथ कुछ गलत होने की सूचना मिली तो उन्होंने बच्ची का मेडिकल करवाने हेतु दो महिला डाक्टरों का बोर्ड गठित कर दिया। महिला डाक्टरों ने लड़की के साथ दुराचार होने की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में करके किशोरी के स्वैब सैंपल फोरेंसिक लैब में भेज दिए हैं। इसी मामले में बच्ची की मेडिकल काउंसलर से काउंसलिंग भी करवाई गई, जिसमें बच्ची ने अपने साथ दुराचार होने की बात कबूली और बच्ची ने यही बात अपनी परिजनों को भी बताया। लेकिन फिर भी न तो इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की। मामला सुर्खियां में आने के बाद पुलिस भी हरकत में दिखी और हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड व अंबाला चाइल्डलाइन की टीम भी मौके पर पहुंची।
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किशोरी ने सीडब्ल्यूसी में दिए बयानों में बताया कि उसके साथ तीन लोगों ने गैंगरेप किया है। उसने बताया कि इन लोगों ने उन्हें बताया कि उनके घर में वह घरेलू काम कर दे, जिसके बदले में पेमेंट दी जाएगी। जब वह घरेलू काम करने के लिए आई, तो वहां पर पहले से ही दो लड़के मौजूद थे। इन सभी ने उसके साथ दुराचार किया। इसी मामले में अब पुलिस ने किशोरी के बयानों के आधार पर ही एक आरोपी को काबू किया है। अन्य की तलाश जारी है। जिस आरोपी को काबू किया गया है, वह नाबालिग है।
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किशोरी ने सीडब्ल्यूसी में अपना बयान दिया है, जिसमें उसने घटना की पूरी जानकारी दी है। इसमें किशोरी ने बताया है कि उसके साथ दरिंदगी हुई है। मामला काफी संगीन है और इस में आयोग द्वारा पुलिस से रिपोर्ट मांगी जाएगी। पुलिस ने अपने स्तर पर लापरवाही क्यों बरती और किशोरी का मेडिकल क्यों नहीं कराया?
-सरदार परमजीत सिंह बड़ौला, सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को काबू किया गया है, जो नाबालिग है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- विजय कुमार, थाना प्रभारी बलदेव नगर