Haryana: अंबाला में चालक की हत्या मामला, रात 12 बजे तक मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रदेशभर में करेंगे चक्का जाम
परिजन 22 घंटे से शव बस स्टैंड पर शव रखकर रोष जता रहे हैं। चार बार की बैठक बेनतीजा रही है। चक्का जाम की चेतावनी दी गई है। अलग-अलग डिपों में यूनियनों ने चक्का जाम का आह्वान कर दिया है।
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अंबाला छावनी बस स्टैंड में रोडवेज चालक की हत्या के मामले में परिजनों के साथ-साथ रोडवेज यूनियन ने मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार रात करीब आठ बजे से परिजन चंडीगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद शव को बस स्टैंड परिसर में ही रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। करीब 22 घंटों में परिजनों व यूनियन के पदाधिकारियों संग जिला प्रशासनिक अधिकारियों की चार बैठकें हुईं जो बेनतीजा रहीं।
यहां तक कि परिजनों व यूनियन पदाधिकारियों को रोडवेज जीएम अश्वनी कुमार, नायब तहसीलदार आदि उपायुक्त से मिलवाने पहुंचे थे। वहां भी कोई सहमति न बनने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पदाधिकारी वापस कैंट बस स्टैंड पहुंच गए।
साझा मोर्चा नेता व ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के राज्य प्रधान विनोद शर्मा व नेता महावीर सिंह पाई ने कहा कि अगर रात 12 तक आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक को शहीद का दर्जा, पीड़ितों को 50 लाख रुपये मुआवजा और मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी नहीं दी गई तो पूरे हरियाणा में चक्का जाम होगा।
बता दें कि दिवाली की रात ड्यूटी पर तैनात रोडवेज चालक राजवीर की कार सवार आरोपियों ने बुरी तरह से पिटाई कर दी थी। जिसके कारण चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया, जहां पर इलाज के दौरान चालक राजवीर की मौत हो गई।
दूसरी ओर अंबाला डिपो यूनियन की तरफ से मांगें न मानने पर हड़ताल रही। अंबाला डिपो की करीब 200 बसों को नहीं चलाया गया। ऐसे में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्राइवेट व पंजाब रोडवेज की बसें यात्रियों का सहारा बनी। अंबाला डिपो की बसें पटियाला, लुधियाना, जलांधर, अमृतसर, कुल्लू मनाली, बैजनाथ, धर्मशाला, बद्दी शिमला, सहारनपुर, मेरठ और लखनऊ, दिल्ली, हरिद्वार, चंडीगढ़, पंचकूला, कालका, पिंजौर, सिरसा, हिसार, पेहवा, कैथल, यमुनानगर, पानीपत, करनाल के लिए नहीं चली।
इस तरह से चला बैठकों का दौर
मंगलवार की सुबह मृतक चालक के परिजन और साझा मोर्चा यूनियन के पदाधिकारियों की एसडीएम बराड़ा, जीएम रोडवेज, डीएसपी कैंट आशीष चौधरी, नायब तहसीलदार यशवंत, डीडीपीओ व अन्य अधिकारियों के साथ अड्डा इंचार्ज कार्यालय में बैठक हुई। बैठक के दौरान बात नहीं बनी। इसके बाद दो बैठक और हुई। बाद में रोडवेज जीएम यूनियन व परिजनों को उपायुक्त अंबाला के साथ बैठक के लिए ले गए, वहां भी कोई सहमति नहीं बनी।
अंबाला छावनी बस स्टैंड परिसर में यूनियन सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए
रोडवेज चालक की हत्या मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। -कुलदीप, लालकुर्ती थाना प्रभारी
यात्रियों से बातचीत
पोते के साथ एक घंटे से बस का इंतजार करता रहा दादा
यमुनानगर के कलानौर निवासी मोहन दास ने बताया कि वह अपने पोते कार्तिक के साथ पंजाब में बेटी के पास गया था। बेटी से मिलने के बाद वह अंबाला छावनी बस स्टैंड आया और घर जाने के लिए दोनों बस का इंतजार करते रहे, लेकिन बस नहीं आई। पूछने पर पता चला कि आज अंबाला डिपो की बस नहीं चल रही है। करीब एक घंटे बाद वह प्राइवेट बस से गए।
डेढ़ घंटे तक इंतजार के बाद प्राइवेट बस में गया घर
कालाआम्ब निवासी शंभू ने बताया कि वह निजी काम से दिल्ली गया हुआ था। मंगलवार को दिल्ली से आया और करीब डेढ़ घंटे तक बस का इंतजार करता रहा, लेकिन रोडवेज की कोई बस नहीं आई। इसके बाद पूछताछ केंद्र पर गया तो पता चला कि अंबाला डिपो की बस नहीं चल रही है। वह प्राइवेट बस के माध्यम से अपने घर कालाआम्ब गया।
राजबीर के परिवार का ब्योरा
चालक राजबीर की हत्या के बाद परिवार बिखर गया है। मृतक राजबीर अपनी पत्नी, बेटे, पुत्रवधू और पोते के साथ सोनीपत में रहता था। उसकी डयूटी अंबाला छावनी बस अड्डा पर थी। रोडवेज चालक राजबीर के दो बेटे और एक बेटी हैं, तीनों बच्चे शादीशुदा हैं। सबसे बड़ा अमित है, जो कि अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ दिल्ली में रहता है और प्राइवेट जॉब करता है। बेटी वल्लभगढ़ के पास बेरी में शादीशुदा है और उसके पास एक बेटी है। तीसरे नंबर पर बेटा मंजीत है वह भी शादीशुदा है मंजीत पत्नी एक बेटा और मां के साथ सोनीपत में रहता है।