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अंबाला: गगनपुर गांव में महिला सरपंच व ग्राम सचिव ने आटीआई एक्टिविस्ट के किए फर्जी साइन, एफआईआर दर्ज

Thu, 21 Sep 2023 01:16 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 21 Sep 2023 01:16 PM IST
सार

गांव की महिला, उसके पति सुशील कुमार व बीडीपीओ कार्यालय बराड़ा के ग्राम सचिव मनजीत सिंह ने मिलीभगत कर पूर्व पंच एवं आरटीआई एक्टिविस्ट के फर्जी साइन व बयान लिखकर 20 जुलाई 2020 को राज्य सूचना आयोग को भेज दिए। इसका खुलासा अगली सुनवाई में हुआ। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

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female sarpanch and village secretary forged signature of ATI activist In Gaganpur village of Ambala
एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंबाला के बराड़ा के गगनपुर गांव में आरटीआई एक्टिविस्ट ने महिला सरपंच, उसके पति व ग्राम सचिव कानून पर प्रार्थी के फर्जी साइन करने बयान दर्ज कर मामला रफा-दफा कराने का आरोप लगाते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना बराड़ा में धोखाधड़ी व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया।

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पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार
गांव गंगनपुर निवासी पूर्व पंच राजू ने बताया कि उसका एक केस राज्य सूचना आयोग में चल रहा है। इस केस में उसने आरटीआई के तहत सरपंच से कुछ सूचनाएं मांगी थी। जिसमें  उसने अपने गांव की पंचायत का पूरा रिकॉर्ड मांगा था। लेकिन सरपंच ने आरटीआई को कोई जवाब नहीं दिया। पूर्व पंच ने आरोप लगाए कि उसके गांव में पंचायत ने लाखों-करोड़ों रुपए का गबन किया। जिसमें  आरोपियों ने गांव में कोई विकास कार्य नहीं करवाए। पंचायत को सरकार से जो ग्रांट मिली उन्होने उनका गबन किया गया। उसने वर्ष 2017 में महिला सरपंच  व उसके पति सुशील कुमार के खिलाफ बीडीपीओ बराड़ा को गांव के जोहड़ की मिट्टी चोरी करने की दी थी। वर्ष 2019 में सरपंच व उसके पति ने गांव की पंचायती जमीन से लगभग 20 से 25 एकड़ में लगे सफेद के पेड़ों को भी 51.51 लाख रुपए में बेच दिया था। 
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मुख्य लाेगों ने ही की मिलीभगत
गांव की महिला, उसके पति सुशील कुमार व बीडीपीओ कार्यालय बराड़ा के ग्राम सचिव मनजीत सिंह ने मिलीभगत कर पूर्व पंच एवं आरटीआई एक्टिविस्ट के फर्जी साइन व बयान लिखकर 20 जुलाई 2020 को राज्य सूचना आयोग को भेज दिए। इसका खुलासा अगली सुनवाई में हुआ। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए कि इसमें ग्राम सचिव की भी मिलीभगत है।
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जिसको दबाने के लिए उसे सूचनाएं नहीं दी गई। राज्य सूचना आयोग द्वारा आई शिकायत 262- एमआइएससी भी मिलीभगत करते बंद कर दी गई,जबकि उस दौरान वह न तो सरपंच से मिला, न ग्राम सचिव से और न ही बीडीपीओ ऑफिस के क्लर्क राकेश कुमार से। आरोपियों ने मिलीभगत करके फर्जी साइन और बयान दर्ज करके बंद कर दी। शिकायतकर्ता ने आइपीएस अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। कहा कि अगर भविष्य में मेरे ऊपर कोई हमला व जान मारने की कोशिश होती है, तो उसके जिम्मेदार ये आरोपी होंगे। वहीं बराड़ा पुलिस ने  आरोपी महिला सरपंच , उसके पति सुशील कुमार व ग्राम सचिव मनजीत सिंह के खिलाफ धारा 420,467,468 व 471 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

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