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असेस्मेंट के पांच वर्ष करवाया भोगस सी फार्म का मामला दर्ज
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। असेस्मेंट करने के करीब 5 साल बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने अंबाला की एक फर्म के निदेशकों के खिलाफ फर्जी सी-फार्म प्रस्तुत करके टैक्स में छूुट लेने के आरोप में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये के जाली सी-फार्मों के आधार पर हरियाणा वेल्यू एडेड टैक्स में छूट लेने वाली एक फर्म के निदेशकों के खिलाफ सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी आदि करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है।
कर निर्धारण अधिकारी ने वर्ष 2010-11 की असेस्मेंट करके 2014 में उसका फैसला कर दिया था। पूरे मामले में एक बात बड़ी हैरानी की है कि कर निर्धारण अधिकारियों को ही करोड़ों के सी-फार्म जाली होने का पता नहीं चल पाया। अब यह मामला आबकारी एवं कराधान अधिकारी केएस बराड़ की शिकायत पर भूषण आयल के निदेशकों पर दर्ज किया गया है। आबकारी एवं काराधान अधिकारी ने दी शिकायत में बताया है कि जब प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल ऑडिट की एक टीम ने इस फर्म द्वारा प्रस्तुत सी फार्मों की सत्यता की जांच की तो पाया गया कि उसमें कई करोड़ रुपये मूल्य के सी फार्म फर्जी हैं। अब विभागीय अधिकारी ने सी फार्म जारी करने वाली विभिन्न प्रदेशों की फर्मों पर मामला दर्ज नहीं करवाकर अंबाला शहर की फर्म के निदेशकों पर यह मामला दर्ज करवाया है।
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अंबाला सिटी। असेस्मेंट करने के करीब 5 साल बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने अंबाला की एक फर्म के निदेशकों के खिलाफ फर्जी सी-फार्म प्रस्तुत करके टैक्स में छूुट लेने के आरोप में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये के जाली सी-फार्मों के आधार पर हरियाणा वेल्यू एडेड टैक्स में छूट लेने वाली एक फर्म के निदेशकों के खिलाफ सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी आदि करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है।
कर निर्धारण अधिकारी ने वर्ष 2010-11 की असेस्मेंट करके 2014 में उसका फैसला कर दिया था। पूरे मामले में एक बात बड़ी हैरानी की है कि कर निर्धारण अधिकारियों को ही करोड़ों के सी-फार्म जाली होने का पता नहीं चल पाया। अब यह मामला आबकारी एवं कराधान अधिकारी केएस बराड़ की शिकायत पर भूषण आयल के निदेशकों पर दर्ज किया गया है। आबकारी एवं काराधान अधिकारी ने दी शिकायत में बताया है कि जब प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल ऑडिट की एक टीम ने इस फर्म द्वारा प्रस्तुत सी फार्मों की सत्यता की जांच की तो पाया गया कि उसमें कई करोड़ रुपये मूल्य के सी फार्म फर्जी हैं। अब विभागीय अधिकारी ने सी फार्म जारी करने वाली विभिन्न प्रदेशों की फर्मों पर मामला दर्ज नहीं करवाकर अंबाला शहर की फर्म के निदेशकों पर यह मामला दर्ज करवाया है।
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