49 जेबीटी शिक्षक चार्जशीट, दर्ज होगी एफआईआर
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हरियाणा शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों को नियुक्तियां देने के करीबन साढ़े चार साल बाद उनकी नियुक्तियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इन शिक्षकों के एचटेट व स्टेट के दौरान लिए गए हस्ताक्षरों और ज्वाइनिंग के बाद लिए गए हस्ताक्षरों में अंतर बताते हुए शिक्षा विभाग ने सूबे के करीबन 581 व अंबाला के 49 जेबीटी शिक्षकों को चार्जशीट कर दिया है।
अंबाला के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के मार्फत इन जेबीटी शिक्षकों को चार्जशीट थमा भी दी गई है। इतना ही नहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने इन जेबीटी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तक की सिफारिश अंबाल पुलिस को कर दी है। हालांकि शिक्षा विभाग अपने इस फैसले को जायज मान रहा है।
लेकिन दूसरी ओर अंबाला में चार्जशीट किए गए जेबीटी शिक्षकों समेत अन्य शिक्षक वर्ग में भी इस बात को लेकर गहरा रोष पनप चुका है। जेबीटी शिक्षकों का कहना है कि ये सरासर शिक्षा विभाग का गैर जिम्मेदराना कदम है। उनका कहना है कि उन्हे चार्जशीट दिए जाने से पहले कोई स्पष्टीकरण इस बाबत नहीं मांगा गया। सीधे उन्हे चार्जशीट थमा दी गई। इसी बात को लेकर शिक्षकों में खासी नाराजगी बनी हुई है।
जनवरी 2011 में प्राइमरी स्कूलों में रखे गए थे जेबीटी शिक्षक उल्लेखनीय है कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने जनवरी 2011 में पूरे प्रदेश में करीबन 8400 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती कर विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में उन्हे नियुक्तियां दे दी थी। इससे पहले नियमानुसार सभी जेबीटी शिक्षकों ने हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा ही ली जाने वाली एचटेट व स्टेट अनिवार्य योग्यता परीक्षा को भी क्लीयर किया था। इन शिक्षकों ने ये परीक्षा दो अलग-अलग वर्षों 2008 व 2009 में क्लीयर की थी। उसके बाद से सभी जेबीटी शिक्षक विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में अपनी-अपनी ड्यूटियां कर रहे हैं।
अब अचानक गिरी गाज, असमंजस में शिक्षक प्राइमरी स्कूलों में नौकरी कर रहे जेबीटी शिक्षकों पर अब अचानक गाज गिर गई है। शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में 581 शिक्षकों को इस आधार पर चार्जशीट कर दिया है कि उनके नियुक्तियों के बाद लिए गए हस्ताक्षर और उनकी योग्यता परीक्षा के दौरान लिए गए हस्ताक्षरों में मेल नहीं है। शिक्षा विभाग जेबीटी शिक्षकों के दो हस्ताक्षरों में पाए जा रह अंतर को देखते हुए इन जेबीटी शिक्षकों को ही चार्जशीट कर उने खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश कर दी है।
गुस्साए शिक्षकों की मांग, हस्ताक्षरों के दोबारा लिए जाएं नमूने हरियाणा शिक्षा विभाग के इस फैसले का जेबीटी शिक्षकों ने विरोध करते हुए हस्ताक्षरों के नमूने की दोबारा जांच करवाने की मांग की है। जेबीटी शिक्षकों का कहना है कि योग्यता परीक्षा के दौरान और नियुक्ति के बाद लिए गए हस्तक्षारों के बीच करीबन चार साल का अंतराल था और उन्होंने कभी इस बारे सोचा भी नहीं था कि योग्यता परीक्षा में लिए गए हस्ताक्षरों को कभी शिक्षा विभाग उनके सर्विस रिकार्ड में शामिल करने का प्रयास करेगा। शिक्षकों की दलील है कि योग्यता परीक्षा में उन्होंने बतौर अपनी हाजिरी देते हुए इन हस्ताक्षरों को रूटीन में वैसे ही किया था। लेकिन अब शिक्षा विभाग इन हस्ताक्षरों को उनके नियुक्ति के बाद लिए गए हस्ताक्षरों से मैच कर रहा है। इसलिए इनमें थोड़ी भिन्नता आनी लाजिमी है। शिक्षकों के अनुसार शिक्षा विभाग ने नियुक्तियों के बाद उन्हे दिसंबर 2012 में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में सिर्फ थंब इंप्रेशन (अंगूठे के निशान) लेने के लिए बुलाया था। उस प्रक्रिया के दौरान उनके हस्ताक्षरों लिए जाने का कहीं कोई जिक्र नहीं था। इसलिए शिक्षकों ने भिवानी में थंब इंप्रेशन देते हुए अपने हस्ताक्षर बतौर वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिहाज से किए थे। मगर अब इन्ही हस्ताक्षरों को आधार मानकर शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को चार्जशीट थमा दी है। लिहाजा शिक्षकों की मांग है कि शिक्षा विभाग उनकी जांच थंब इपं्रेशन रिकार्ड से भी मैच करे और उनके हस्ताक्षरों के दोबारा नमूने लेकर जांच करें।
शिक्षा विभाग को जांच में इन शिक्षकों के दो हस्ताक्षर अलग-अलग प्रतीत हुए हैं। इसलिए इन शिक्षकों को चार्जशीट कर पंद्रह दिन में जवाब देने को कहा गया है। थाना सदर में इन शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराने की सिफारिश भी गई है। उन्हें आलाकमान से जो निर्देश मिले थे, उन्होंने उसी के मुताबिक काम किया है। -धर्मवीर कादियान, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला