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जापान की कंपनी में निवेश का झांसा देकर सेना के रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन से 75 लाख की ठगी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सेना से रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन से जापान स्थित कंपनी में निवेश के नाम पर 75 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। ठग गिरोह ने आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस के पौने तीन लाख रुपये निकलवाने के लिए संपर्क कैप्टन से संपर्क साधा। बाद उसे झांसे में लेकर जापानी कंपनी में निवेश कराने के लिए पांच माह में 30 किस्तों में 75 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब कैप्टन ने लाभ और मूल रुपये वापस मांगे तो ठग उसे धमकाने लगे। मामले की शिकायत ऑनरेरी कैप्टन ने महेशनगर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने अरुण मेहता, केके भूटानी, अमित अग्रवाल, एके श्रीवास्तव, मलिक, मुखर्जी और ओपी शर्मा के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह सभी फर्जी नाम थे, जिन्होंने ऑनरेरी कैप्टन को झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
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ऐसे हुई कैप्टन के साथ ठगी
जिले निवासी ऑनरेरी कैप्टन 2015 में पद से रिटायर्ड हुए थे। शिकायत में उन्होंने बताया कि छह जनवरी 2018 को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई और अपना नाम अरुण मेहता बताया। उसने खुद को विभाग का सीनियर अधिकारी बताते हुए कहा कि सेना से रिटायर्ड होने के बाद आपके 2.75 लाख रुपये आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस विभाग में पड़े हैं। ये रुपये क्लेम करने के लिए कुछ कागजात जमा कराने होंगे। इसके बाद अरुण ने कैप्टन को केके भूटानी नाम के एक अधिकारी (फर्जी) से बात करने को कहा। इसके बाद भूटानी ने कैप्टन को बताया कि उनके पौने तीन लाख रुपये जल्द उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसी बीच आरोपी ने कैप्टन को रुपये निवेश कर ज्यादा रिटर्न का लालच देकर झांसे में लिया और बताया कि वह जापान स्थित कंपनी में रुपये निवेश व बिजनेस करता है। अगर वह कंपनी में रुपये निवेश करता है तो कंपनी हर साल 12.90 लाख रुपये 16 वर्षों तक उसे रिटर्न दे सकती है। इसके बाद कैप्टन ने सितंबर-अक्तूबर 2018 में अलग-अलग दिनों में राशि ठग के बताए अकाउंट नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांसफर करनी शुरू दी। इसके बाद ठगों ने सात अलग-अलग नामों से कैप्टन फोन करना शुरू कर दिया। ठग सितंबर 2018 से जनवरी 2019 तक राशि मंगवाते रहे। इस दौरान कैप्टन ने करीब 75 लाख रुपये 30 बार में दिल्ली स्थित बैंक के अलग अलग खातों में ट्रांसफर कर दी। इसके बावजूद उन्हें रिटर्न नहीं मिला। उसने जब रुपये मांगे तो कैप्टन को धमकाना शुरू कर दिया। जनवरी के बाद सभी नंबर भी एकाएक बंद हो गए। अब कैप्टन ने मामले की शिकायत महेशनगर थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
25 खातों में जमा कराई राशि
रिटायर्ड कैप्टन द्वारा ठगों को अलग-अलग तारीख में 75 लाख रुपये की राशि 25 खातों में जमा कराई गई। यह सभी खाते दिल्ली में अलग-अलग बैंकों व अलग-अलग शाखाओं में है। सबसे पहले 3.11 लाख कोटक महिंद्रा यमुना विहार स्थित ब्रांच, फिर सेंटल बैंक ऑफ इंडिया दिल्ली ब्रांच में 3.11 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद कभी तीन लाख तो कभी ढाई लाख, कभी एक लाख तो कभी डेढ़ लाख। इनमें से कई एकाउंट आईसीआईसीआई व अन्य बैंकों के भी थे।
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पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामलों में जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जाएगी। रिटायर्ड कैप्टन द्वारा कुल 75 लाख रुपये अलग-अलग दिनों में ट्रांसफर किए गए थे।
अजैब सिंह, एसएचओ, महेशनगर थाना, अंबाला कैंट।
रिटायर इंजीनियर से भी हुई थी पांच लाख रुपये की ठगी
इसी तरह 29 मार्च को एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) से रिटायर्ड हुए असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर रानीबाग निवासी जय दयाल सचदेव (78) को ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। फर्जी सेंट्रल गवर्नमेंट की इम्पलाइज स्कीम की बकाया राशि दिखाकर ठगों ने बुजुर्ग इंजीनियर से 5.19 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों में ठग लिए। इतना ही नहीं ठग और राशि देने के लिए दबाव बनाने लगे और फोन पर धमकियां तक दी थीं। मामले में महेशनगर थाना पुलिस ने 11 लोगों पर ठगी का केस दर्ज किया था। अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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अंबाला कैंट। सेना से रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन से जापान स्थित कंपनी में निवेश के नाम पर 75 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। ठग गिरोह ने आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस के पौने तीन लाख रुपये निकलवाने के लिए संपर्क कैप्टन से संपर्क साधा। बाद उसे झांसे में लेकर जापानी कंपनी में निवेश कराने के लिए पांच माह में 30 किस्तों में 75 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब कैप्टन ने लाभ और मूल रुपये वापस मांगे तो ठग उसे धमकाने लगे। मामले की शिकायत ऑनरेरी कैप्टन ने महेशनगर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने अरुण मेहता, केके भूटानी, अमित अग्रवाल, एके श्रीवास्तव, मलिक, मुखर्जी और ओपी शर्मा के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह सभी फर्जी नाम थे, जिन्होंने ऑनरेरी कैप्टन को झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
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ऐसे हुई कैप्टन के साथ ठगी
जिले निवासी ऑनरेरी कैप्टन 2015 में पद से रिटायर्ड हुए थे। शिकायत में उन्होंने बताया कि छह जनवरी 2018 को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई और अपना नाम अरुण मेहता बताया। उसने खुद को विभाग का सीनियर अधिकारी बताते हुए कहा कि सेना से रिटायर्ड होने के बाद आपके 2.75 लाख रुपये आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस विभाग में पड़े हैं। ये रुपये क्लेम करने के लिए कुछ कागजात जमा कराने होंगे। इसके बाद अरुण ने कैप्टन को केके भूटानी नाम के एक अधिकारी (फर्जी) से बात करने को कहा। इसके बाद भूटानी ने कैप्टन को बताया कि उनके पौने तीन लाख रुपये जल्द उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसी बीच आरोपी ने कैप्टन को रुपये निवेश कर ज्यादा रिटर्न का लालच देकर झांसे में लिया और बताया कि वह जापान स्थित कंपनी में रुपये निवेश व बिजनेस करता है। अगर वह कंपनी में रुपये निवेश करता है तो कंपनी हर साल 12.90 लाख रुपये 16 वर्षों तक उसे रिटर्न दे सकती है। इसके बाद कैप्टन ने सितंबर-अक्तूबर 2018 में अलग-अलग दिनों में राशि ठग के बताए अकाउंट नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांसफर करनी शुरू दी। इसके बाद ठगों ने सात अलग-अलग नामों से कैप्टन फोन करना शुरू कर दिया। ठग सितंबर 2018 से जनवरी 2019 तक राशि मंगवाते रहे। इस दौरान कैप्टन ने करीब 75 लाख रुपये 30 बार में दिल्ली स्थित बैंक के अलग अलग खातों में ट्रांसफर कर दी। इसके बावजूद उन्हें रिटर्न नहीं मिला। उसने जब रुपये मांगे तो कैप्टन को धमकाना शुरू कर दिया। जनवरी के बाद सभी नंबर भी एकाएक बंद हो गए। अब कैप्टन ने मामले की शिकायत महेशनगर थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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25 खातों में जमा कराई राशि
रिटायर्ड कैप्टन द्वारा ठगों को अलग-अलग तारीख में 75 लाख रुपये की राशि 25 खातों में जमा कराई गई। यह सभी खाते दिल्ली में अलग-अलग बैंकों व अलग-अलग शाखाओं में है। सबसे पहले 3.11 लाख कोटक महिंद्रा यमुना विहार स्थित ब्रांच, फिर सेंटल बैंक ऑफ इंडिया दिल्ली ब्रांच में 3.11 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद कभी तीन लाख तो कभी ढाई लाख, कभी एक लाख तो कभी डेढ़ लाख। इनमें से कई एकाउंट आईसीआईसीआई व अन्य बैंकों के भी थे।
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पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। मामलों में जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जाएगी। रिटायर्ड कैप्टन द्वारा कुल 75 लाख रुपये अलग-अलग दिनों में ट्रांसफर किए गए थे।
अजैब सिंह, एसएचओ, महेशनगर थाना, अंबाला कैंट।
रिटायर इंजीनियर से भी हुई थी पांच लाख रुपये की ठगी
इसी तरह 29 मार्च को एमईएस (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस) से रिटायर्ड हुए असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर रानीबाग निवासी जय दयाल सचदेव (78) को ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। फर्जी सेंट्रल गवर्नमेंट की इम्पलाइज स्कीम की बकाया राशि दिखाकर ठगों ने बुजुर्ग इंजीनियर से 5.19 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों में ठग लिए। इतना ही नहीं ठग और राशि देने के लिए दबाव बनाने लगे और फोन पर धमकियां तक दी थीं। मामले में महेशनगर थाना पुलिस ने 11 लोगों पर ठगी का केस दर्ज किया था। अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।