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एसडीएम की जांच में खुलासा, दो बाल बंदियों के पैर की टूटी हैं हड्डियां

Wed, 24 Apr 2019 12:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 12:55 AM IST
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एसडीएम की जांच में खुलासा, दो बाल बंदियों के पैर की टूटी हैं हड्डियां
अंबाला सिटी। बाल सुधार गृह में बाल बंदियों से मारपीट के मामले में एसडीएम की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उपायुक्त को सौंपी रिपोर्ट में बताया गया कि दो बाल बंदियों की पैर की हड्डियां टूटी हुई हैं। रिपोर्ट में उन्होंने झगड़ा होने और तोड़फोड़ किए जाने की पुष्टि तो की ही है, साथ ही यह भी कहा है कि सुधार गृह में मौजूद बालिग बंदी ही फसाद की जड़ रहे हैं। उन्होंने रिपोर्ट में सिफारिश की है कि संबंधित बालिग बंदियों को बाल सुधार गृह से तुरंत शिफ्ट किया जाए। जांच में यह बात भी सामने आई है कि बाल सुधार गृह में तैनात सुरक्षा गार्डों को ऐसा मामला होने पर हस्तक्षेप करने का अधिकार ही नहीं है। यानी वे केवल दिखावे की ड्यूटी पर होते हैं। जांच रिपोर्ट में एसडीएम ने कहा कि किसी भी बच्चे ने डीपीओ व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में उनके साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का बयान दर्ज नहीं करवाया है। हालांकि बाल कल्याण समिति के समक्ष वे ऐसा बयान दर्ज करवा चुके थे। बच्चों के पैरों की हड्डियां कैसे टूटी, इस मामले में रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा गया। हालांकि अभी तक एसडीएम की जांच समिति को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं हो सकी है। वहीं सीजेएम भी मामले में अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं।
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सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट का नहीं आया जवाब
सीडब्ल्यूसी की ओर से एनसीपीसीआर (नेशनल काउंसिल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) एवं डायरेक्टर डब्ल्यूसीडी (वुमन चाइल्ड डिपार्टमेंट) सहित 5-7 जगह सौंपी रिपोर्ट को मंगलवार को एक सप्ताह पूरा हो चुका है, लेकिन उक्त जगहों से रिपोर्ट का जवाब नहीं आया है। इस संबंध में सीडब्ल्यूसी का कहना है कि वह रिपोर्ट के जवाब का ही इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद ही सीडब्ल्यूसी की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यह है मामला
कुछ दिन पूर्व शाम के समय बाल बंदियों में टीवी को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान वहां जमकर तोड़फोड़ भी हुई थी। डीपीओ बलजीत कौर के अनुसार इस तोड़फोड़ में 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। मामला तूल पकड़ने पर उपायुक्त ने एसडीएम कमलप्रीत कौर के नेतृत्व में एक जांच समिति बना दी थी। प्रशासन ने बाल कल्याण समिति को चुनाव आचार संहिता का हवाला देकर बाल सुधार गृह का दौरा करने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली थी।
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एक-एक बच्चे से बात करने के बाद बनाई गई बाल सुधार गृह से संबधित मामले की जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी गई है। कुछ बालिग बंदियों की मौजूदगी से सारा विवाद हुआ। दो बच्चों के पैरों की हड्डियां टूटी पाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए न्यायिक अधिकारियों के पास होने के कारण वे इसे नहीं देख पाई। बालिग बंदियों को यहां से शिफ्ट किए जाने की सिफारिश की गई है। सीजेएम की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जानी है।

- कमलप्रीत कौर, एसडीएम, अंबाला शहर।

सीडब्ल्यूसी की ओर से अपनी रिपोर्ट एनसीपीसीआर (नेशनल काउंसिल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) एवं डायरेक्टर डब्ल्यूसीडी (वुमन चाइल्ड डिपार्टमेंट) सहित 5-7 जगह पर सौंपे एक सप्ताह पूरा हो चुका है, लेकिन उक्त जगहों से रिपोर्ट का जवाब नहीं आया है। उक्त जगहों से रिपोर्ट का जवाब आने के बाद ही सीडब्ल्यूसी की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वंदना शर्मा, चेयरपर्सन, सीडब्ल्यूसी।
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