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- झूठी शिकायतें दे लोगों को फंसा एंठती थी पैसे, सकराओं गांव की पंचायत की मदद से ट्रैप लगाकर पकड़ी
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:04 AM IST
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झूठी शिकायत देकर फंसा रुपये ऐंठने वाली महिलाएं गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। मंगलवार को अंबाला पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से एक लेडी गैंग की 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया जो लोगों की झूठी शिकायतें देकर उनसे पैसे ऐंठने का काम करती थीं। गांव सकराओं के लोगों ने महिला को पैसे देते हुए रंगे हाथों पकड़वाया और महिलाओं का पैसे लेते हुए वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस गैंग की मुखिया रानी नाम की महिला है जिसकी पहले भी कई मौखिक शिकायतें थीं, लेकिन इनसे डर कर कोई लिखित शिकायत नहीं करता था। इस बार सकराओं गांव की पंचायत ने मिलकर इस गैंग को पकड़वाने में मदद की और कई लोगों को इनकी ठगी का शिकार होने से बचा लिया।
गांव के लोगों ने बताया सकराओं गांव की एक महिला का किसी के साथ झगड़ा हो रहा था, जिसमें वो अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही थी। ऐसा न करने के लिए पड़ोस के रहने वाले लोगों ने समझाया तो उसने गांव के लक्खी, निर्मला व उनके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ महिला थाना में शिकायत दे दी। शिकायत में उस महिला ने उक्त परिवार पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। इस मामले में समझौता करने के लिए महिला परिवार पर पैसे की मांग कर रही थी। महिला पहले भी कई गांवों के लोगों पर ऐसे ही आरोप लगाकर पैसे ऐंठ चुकी थी। ऐसे में गांव की पंचायत ने इकट्ठे होकर एसपी से मुलाकात की और इन महिलाओं से बचाने की गुहार लगाई। शिकायत में गांव के लोगों ने बताया कि महिला झूठे आरोप लगाकर समझौते के लिए 20 हजार रुपये देने का आरोप लगा रही है, जो 12 हजार रुपये तक मान गई है। एसपी ने पंचायत की शिकायत पर महिला थाना को फारवर्ड कर दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए महिला थाना एसएचओ ने मंगलवार को सकराओं गांव की पंचायत के साथ ट्रैप लगाकर दोनों पक्षों को बुलाया और एसपी ऑफिस के लॉन में बैठकर समझौता करने के लिए कहा। इस दौरान एसएचओ ने अपने हस्ताक्षर किए हुए 2-2 हजार के 6 नोट भी पंचायत को दिए। पंचायती फैसले के दौरान पंचायत ने महिलाओं को 12 हजार रुपये दिए। इस दौरान ट्रैप लगाकर बैठी महिला पुलिस ने तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पंचायत के एक सदस्य ने जेब में रखे मोबाइल से पैसे देते हुए वीडियो भी बना ली। वीडियो रिकॉर्डिंग में गिरोह की मुखिया साफ कह रही है कि जो बाहर ही पैसे लेकर समझौता कर ले वो समझदार होता है।
पुलिस को लंबे समय थी तलाश
एसएचओ सुनीता ने बताया कि इस गैंग की मुखिया की पहले भी कई मौखिक शिकायतें आ चुकी थीं, जिसमें इनके द्वारा महिलाओं के जरिए पैसे ठगने की शिकायतें थीं, लेकिन कोई भी इनके खिलाफ लिखित शिकायत नहीं देता था। लोग इनके गिरोह से डरते थे, लेकिन मंगलवार यह महिला रंगे हाथों पकड़ी गईं। महिला पुलिस के अनुसार इस गैंग की मुखिया हर बार एक अलग महिला को लेकर थाने आती थी और अपने शिकार से मोटा पैसा ऐंठ लेती थी। जब हर शिकायत पर एक ही तरह समझौता हो जाता तो उन्हें भी शक होता था, लेकिन कोई लिखित शिकायत न होने के चलते वह कार्रवाई नहीं कर पाती थीं, लेकिन इस बार सकराओं गांव की पंचायत ने हिम्मत की और इनके खिलाफ लिखित शिकायत देकर पुलिस की मदद की है।
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अन्य शिकार भी पहुंचे थाने
मंगलवार लक्खी व उसके परिवार द्वारा लिखित शिकायत किए जाने के बाद गांव के कुछ अन्य लोग भी एसपी ऑफिस पहुंचे जो पहले इन महिलाओं का शिकार बन चुके हैं। अब पुलिस उन्हें भी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पुलिस इनके द्वारा पहले दी गई शिकायतों को भी खंगालेगी और उन शिकायतों में इस ठगी गैंग का शिकार बने लोगों को भी पुलिस इनके खिलाफ गवाह बनाएगी।
इन महिलाओं के खिलाफ पहले भी कई मौखिक शिकायतें आई थी लेकिन इनके डर के कारण कोई लिखित शिकायत नहीं देता था। इस बार सकराओं गांव के लोगों ने एकजुट होकर पंचायत के माध्यम से लिखित शिकायत देकर इन महिलाओं को पकड़वाने में मदद की है। तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है और इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सुनीता, एसएचओ महिला थाना।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। मंगलवार को अंबाला पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से एक लेडी गैंग की 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया जो लोगों की झूठी शिकायतें देकर उनसे पैसे ऐंठने का काम करती थीं। गांव सकराओं के लोगों ने महिला को पैसे देते हुए रंगे हाथों पकड़वाया और महिलाओं का पैसे लेते हुए वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस गैंग की मुखिया रानी नाम की महिला है जिसकी पहले भी कई मौखिक शिकायतें थीं, लेकिन इनसे डर कर कोई लिखित शिकायत नहीं करता था। इस बार सकराओं गांव की पंचायत ने मिलकर इस गैंग को पकड़वाने में मदद की और कई लोगों को इनकी ठगी का शिकार होने से बचा लिया।
गांव के लोगों ने बताया सकराओं गांव की एक महिला का किसी के साथ झगड़ा हो रहा था, जिसमें वो अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही थी। ऐसा न करने के लिए पड़ोस के रहने वाले लोगों ने समझाया तो उसने गांव के लक्खी, निर्मला व उनके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ महिला थाना में शिकायत दे दी। शिकायत में उस महिला ने उक्त परिवार पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। इस मामले में समझौता करने के लिए महिला परिवार पर पैसे की मांग कर रही थी। महिला पहले भी कई गांवों के लोगों पर ऐसे ही आरोप लगाकर पैसे ऐंठ चुकी थी। ऐसे में गांव की पंचायत ने इकट्ठे होकर एसपी से मुलाकात की और इन महिलाओं से बचाने की गुहार लगाई। शिकायत में गांव के लोगों ने बताया कि महिला झूठे आरोप लगाकर समझौते के लिए 20 हजार रुपये देने का आरोप लगा रही है, जो 12 हजार रुपये तक मान गई है। एसपी ने पंचायत की शिकायत पर महिला थाना को फारवर्ड कर दी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए महिला थाना एसएचओ ने मंगलवार को सकराओं गांव की पंचायत के साथ ट्रैप लगाकर दोनों पक्षों को बुलाया और एसपी ऑफिस के लॉन में बैठकर समझौता करने के लिए कहा। इस दौरान एसएचओ ने अपने हस्ताक्षर किए हुए 2-2 हजार के 6 नोट भी पंचायत को दिए। पंचायती फैसले के दौरान पंचायत ने महिलाओं को 12 हजार रुपये दिए। इस दौरान ट्रैप लगाकर बैठी महिला पुलिस ने तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पंचायत के एक सदस्य ने जेब में रखे मोबाइल से पैसे देते हुए वीडियो भी बना ली। वीडियो रिकॉर्डिंग में गिरोह की मुखिया साफ कह रही है कि जो बाहर ही पैसे लेकर समझौता कर ले वो समझदार होता है।
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पुलिस को लंबे समय थी तलाश
एसएचओ सुनीता ने बताया कि इस गैंग की मुखिया की पहले भी कई मौखिक शिकायतें आ चुकी थीं, जिसमें इनके द्वारा महिलाओं के जरिए पैसे ठगने की शिकायतें थीं, लेकिन कोई भी इनके खिलाफ लिखित शिकायत नहीं देता था। लोग इनके गिरोह से डरते थे, लेकिन मंगलवार यह महिला रंगे हाथों पकड़ी गईं। महिला पुलिस के अनुसार इस गैंग की मुखिया हर बार एक अलग महिला को लेकर थाने आती थी और अपने शिकार से मोटा पैसा ऐंठ लेती थी। जब हर शिकायत पर एक ही तरह समझौता हो जाता तो उन्हें भी शक होता था, लेकिन कोई लिखित शिकायत न होने के चलते वह कार्रवाई नहीं कर पाती थीं, लेकिन इस बार सकराओं गांव की पंचायत ने हिम्मत की और इनके खिलाफ लिखित शिकायत देकर पुलिस की मदद की है।
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अन्य शिकार भी पहुंचे थाने
मंगलवार लक्खी व उसके परिवार द्वारा लिखित शिकायत किए जाने के बाद गांव के कुछ अन्य लोग भी एसपी ऑफिस पहुंचे जो पहले इन महिलाओं का शिकार बन चुके हैं। अब पुलिस उन्हें भी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पुलिस इनके द्वारा पहले दी गई शिकायतों को भी खंगालेगी और उन शिकायतों में इस ठगी गैंग का शिकार बने लोगों को भी पुलिस इनके खिलाफ गवाह बनाएगी।
इन महिलाओं के खिलाफ पहले भी कई मौखिक शिकायतें आई थी लेकिन इनके डर के कारण कोई लिखित शिकायत नहीं देता था। इस बार सकराओं गांव के लोगों ने एकजुट होकर पंचायत के माध्यम से लिखित शिकायत देकर इन महिलाओं को पकड़वाने में मदद की है। तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है और इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सुनीता, एसएचओ महिला थाना।