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- लगभग सवा दो सालों से फरार तोपखाना का मनोज अग्रवाल एसआईटी के हत्थे चढ़ा

Wed, 21 Feb 2018 01:05 AM IST
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:05 AM IST
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- लगभग सवा दो सालों से फरार तोपखाना का मनोज अग्रवाल एसआईटी के हत्थे चढ़ा
हैंड राइटिंग और मुहर ने सवा दो साल बाद पकड़वाया आरोपी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। अंबाला के बहुचर्चित करोड़ों रुपयों के गोलमाल के मामले में एक आरोपी को उसकी हैंड राइटिंग और मुहर ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। लगभग सवा दो साल के बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई दो डीएसपी और एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की अगुवाई में गठित की गई एसआईटी ने किया है। रिमांड के दौरान पुलिस को आरोपी मनोज से कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

यह था मामला
लगभग सवा दो साल पहले तोपखाना क्षेत्र में पैसों के गोलमाल का खुलासा सेना ने किया था। सेना क्षेत्र की एक यूनिट में वेट कैंटीन चलाने वाले अशोक अग्रवाल द्वारा ब्याज पर पैसे देने के कारोबार का खुलासा सेना ने जब किया तो बवाल मच गया। इसके बाद जब लोगों ने फायनांसर को पैसे लौटाने के लिए कहा तो दबाव बढ़ता देख अशोक कई दिनों तक अंडर ग्राउंड हो गया। पुलिस के मुताबिक लगभग सौ करोड़ से अधिक के इस खेल की हर कड़ी तक पहुंचने के लिए एसआईटी गठित की गई थी , परंतु सबूतों के अभाव और शिकायतकर्ताओं के कमजोर पड़ने पर यह मामला ठंडे बस्ते में जा रहा था, मगर पुलिस ने सुबूत जुटाने तो उसके हाथ कुछ पॉकेट डायरियां लगीं, जिनमें मनोज कुमार की लिखाई में पैसों के लेन-देन का ब्योरा है। उस पर बाकायदा उसने अपनी मुहर लगाई है। काफी तलाश के बाद मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया।
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शिकायतकर्ता कैंट के अर्जुन नगर निवासी गौतम ने 26 अक्तूबर 2015 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी ने उससे व 70-80 अन्य लोगों से रकम को अधिक ब्याज सहित देने का झांसा देकर रुपये हड़प लिए हैं। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी।
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कोट्स :
इस मामले को हल करने के लिए डीएसपी राजेश भारद्वाज की अगुवाई में एसआईटी बनाई गई थी, जिसमें वह खुद और इकॉनामिक सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार उनका सहयोग कर रहे थे। मनोज को गिरफ्तार करके उसका तीन दिनों का रिमांड हासिल किया गया जिसमें कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। पैसों के लेन-देन का यह एक बड़ा मामला था। करीब सौ करोड़ गोलमाल है, जिसके हल होने से शिकायतकर्ताओं को भी राहत मिलेगी।
- सुरेश कौशिक, डीएसपी अंबाला कैंट।
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