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Ambala News: निगम की सफाई से अदालत नाखुश
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अंबाला सिटी। शहर की सफाई व्यवस्था में कमियों पर सिविल कोर्ट में चल रहे मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई। इसमें नगर निगम के शहर की सफाई के मुद्दे पर किए कार्यों की रिपोर्ट से कोर्ट नाखुश दिखाई दिया।
इसके साथ ही याचिकाकर्ता की तरफ से भी बताया था कि नगर निगम सफाई के लिए गंभीर नहीं है। तभी उन्हें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस थमाया है। ऐसे में कोर्ट ने अब अगली सुनवाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी बुला लिया है, जिससे कि उनसे भी जानकारी ली जा सके कि कचरे के निस्तारण के लिए उन्हें क्या कमियां देखने को मिली।
इसके साथ ही सिविल कोर्ट ने 12 जनवरी के आदेश में इस मामले में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की गाड़ी संबद्ध की थी, उसे छोड़ दिया है। इसको लेकर नगर निगम ने कोर्ट से अपील की थी कि सफाई के कार्यों के लिए गाड़ी की आवश्यकता होगी। इधर अब आगामी सुनवाई 31 जनवरी को होगी। इसमें नगर निगम को सफाई कार्य के लिए विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।
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सुनवाई में मंगाई थी प्रतिपूर्ति रिपोर्ट
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने निगम से शहर की सफाई ठीक करने से जुड़ी रिपोर्ट तलब की थी। इसमें संसाधनों से कहां सफाई के प्रयास किए, इसकी जानकारी देनी थी। निगम अपनी रिपोर्ट हाल ही में तैयार कर कोर्ट के सामने पेश हुआ। मगर कोर्ट इस रिपोर्ट से नाखुश दिखाई दिया और मामले में नगर आयुक्त और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की गाड़ी संबद्ध करने के निर्देश दिए। इस दौरान आदेशों पर सीएसआई की गाड़ी तो अटैच हो गई, मगर नगर आयुक्त के अवकाश पर होने से उनकी गाड़ी बच गई थी।
यह है पूरा मामला
शहर में सफाई के लिए लंबे समय से निगम गंभीर नहीं है। अधिवक्ता रोहित जैन ने एक केस डाला था। कोर्ट ने सुनवाई की और कमेटी का गठन किया। जो सफाई पर निगरानी रखेगी। इसके बावजूद अंबाला में नालों की सफाई नहीं हुई, जिसका परिणाम यह हुआ कि नौ जुलाई को बारिश से आधा शहर डूब गया। ऐसे मामलों मेें अधिवक्ता ने बात रखी। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने जब निगम अधिकारियों से संपर्क किया तो वे कन्नी काट गए। लिहाजा कोर्ट ने नगर निगम की दो गाड़ियां अटैच करने के आदेश दिए थे।
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इसके साथ ही याचिकाकर्ता की तरफ से भी बताया था कि नगर निगम सफाई के लिए गंभीर नहीं है। तभी उन्हें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कारण बताओ नोटिस थमाया है। ऐसे में कोर्ट ने अब अगली सुनवाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी बुला लिया है, जिससे कि उनसे भी जानकारी ली जा सके कि कचरे के निस्तारण के लिए उन्हें क्या कमियां देखने को मिली।
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इसके साथ ही सिविल कोर्ट ने 12 जनवरी के आदेश में इस मामले में चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की गाड़ी संबद्ध की थी, उसे छोड़ दिया है। इसको लेकर नगर निगम ने कोर्ट से अपील की थी कि सफाई के कार्यों के लिए गाड़ी की आवश्यकता होगी। इधर अब आगामी सुनवाई 31 जनवरी को होगी। इसमें नगर निगम को सफाई कार्य के लिए विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।
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सुनवाई में मंगाई थी प्रतिपूर्ति रिपोर्ट
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने निगम से शहर की सफाई ठीक करने से जुड़ी रिपोर्ट तलब की थी। इसमें संसाधनों से कहां सफाई के प्रयास किए, इसकी जानकारी देनी थी। निगम अपनी रिपोर्ट हाल ही में तैयार कर कोर्ट के सामने पेश हुआ। मगर कोर्ट इस रिपोर्ट से नाखुश दिखाई दिया और मामले में नगर आयुक्त और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर की गाड़ी संबद्ध करने के निर्देश दिए। इस दौरान आदेशों पर सीएसआई की गाड़ी तो अटैच हो गई, मगर नगर आयुक्त के अवकाश पर होने से उनकी गाड़ी बच गई थी।
यह है पूरा मामला
शहर में सफाई के लिए लंबे समय से निगम गंभीर नहीं है। अधिवक्ता रोहित जैन ने एक केस डाला था। कोर्ट ने सुनवाई की और कमेटी का गठन किया। जो सफाई पर निगरानी रखेगी। इसके बावजूद अंबाला में नालों की सफाई नहीं हुई, जिसका परिणाम यह हुआ कि नौ जुलाई को बारिश से आधा शहर डूब गया। ऐसे मामलों मेें अधिवक्ता ने बात रखी। इसके बाद कमेटी के सदस्यों ने जब निगम अधिकारियों से संपर्क किया तो वे कन्नी काट गए। लिहाजा कोर्ट ने नगर निगम की दो गाड़ियां अटैच करने के आदेश दिए थे।