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Ambala News: फड़ी के लिए नहीं मिली जगह, महिला रो-रोकर बेहोश
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अंबाला सिटी। एक माह बाद भी रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए जगह नहीं मिलने पर मंगलवार को संचालक एकत्रित होकर सिटी थाना पहुंचे। यहां रेहड़ी-फड़ी संचालकों और एसएचओ के बीच बहस हुई। साथ ही गृह मंत्री अनिल विज से मिले आश्वासन का हवाला भी दिया। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकला। हल न निकलता देख रेहड़ी-फड़ी संचालकों में एक महिला ने खूब हंगामा किया।
उनका कहना है कि प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर उन्हें हटा दिया है, परंतु अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। उन्हें कोई राशन तक नहीं दे रहा है, बच्चों की फीस भी भरनी है। परंतु उनके पास अब कोई भी माध्यम नहीं रह गया है। यहां तक कि महिला आत्महत्या की बात कहकर वहां से जाने लगी, परंतु उनके अन्य साथियों ने रोक लिया। परंतु रोते-रोते वह बेहोश हो गई। जिसे एंबुलेंस की मदद से शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। जहां काफी देर के बाद महिला को होश आया।
रेहड़ी-फड़ी संचालक बोले- कहां से चुकाएंगे कर्ज
रेहड़ी-फड़ी संचालकों का कहना है कि जिस समय रेहड़ी-फड़ी संचालकों को कर्ज दिया जा रहा था। उस समय यही नगर निगम के अधिकारी आग्रह कर रहे थे कि लोन ले लो। अब उन्होंने रोजी-रोटी तक का साधन छीन लिया है। वह कर्ज के रुपये कहां से चुकाएंगे। जबकि अब उनके पास खाना खाने के खर्च तक के रुपये नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रोजी रोटी का संकट होने के कारण ही एक महिला बीमार हो गई और बेहोश हो गई है।
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एसएचओ बोले- निगम दे रहा जगह
इस दौरान बात करते हुए एसएचओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक नगर निगम की ओर से जगह चयनित नहीं की गई और रेहड़ी-फड़ी संचालकों को एलआईसी के पास जगह दी जा रही है। परंतु रेहड़ी-फड़ी संचालक वहां पर जाने के लिए तैयार नहीं है। इस दौरान रेहड़ी-फड़ी संचालकों द्वारा पार्किंग की जगह मांगी जा रही है, जो कि नगर निगम की ओर से अभी तक चयनित नहीं की है।
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उनका कहना है कि प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर उन्हें हटा दिया है, परंतु अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। उन्हें कोई राशन तक नहीं दे रहा है, बच्चों की फीस भी भरनी है। परंतु उनके पास अब कोई भी माध्यम नहीं रह गया है। यहां तक कि महिला आत्महत्या की बात कहकर वहां से जाने लगी, परंतु उनके अन्य साथियों ने रोक लिया। परंतु रोते-रोते वह बेहोश हो गई। जिसे एंबुलेंस की मदद से शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। जहां काफी देर के बाद महिला को होश आया।
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रेहड़ी-फड़ी संचालक बोले- कहां से चुकाएंगे कर्ज
रेहड़ी-फड़ी संचालकों का कहना है कि जिस समय रेहड़ी-फड़ी संचालकों को कर्ज दिया जा रहा था। उस समय यही नगर निगम के अधिकारी आग्रह कर रहे थे कि लोन ले लो। अब उन्होंने रोजी-रोटी तक का साधन छीन लिया है। वह कर्ज के रुपये कहां से चुकाएंगे। जबकि अब उनके पास खाना खाने के खर्च तक के रुपये नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रोजी रोटी का संकट होने के कारण ही एक महिला बीमार हो गई और बेहोश हो गई है।
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एसएचओ बोले- निगम दे रहा जगह
इस दौरान बात करते हुए एसएचओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक नगर निगम की ओर से जगह चयनित नहीं की गई और रेहड़ी-फड़ी संचालकों को एलआईसी के पास जगह दी जा रही है। परंतु रेहड़ी-फड़ी संचालक वहां पर जाने के लिए तैयार नहीं है। इस दौरान रेहड़ी-फड़ी संचालकों द्वारा पार्किंग की जगह मांगी जा रही है, जो कि नगर निगम की ओर से अभी तक चयनित नहीं की है।